VIDEO: देवस्थान विभाग की अरबों रुपयों की अचल संपदा का नहीं कोई धणी-धोरी

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/07/18 06:47

जयपुर: पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भले ही टैग लाइन दी थी कि 'जाने क्या दिख जाए', लेकिन प्रदेश के बाहर देवस्थान विभाग की अरबों रुपयों की अचल संपदा पर ध्यान नहीं दिया गया. ना तो लेखा-जोखा रखा गया, ना ही इनकी सार-संभाल हो पाई. इसी का नतीजा है कि ये संपत्ति खुर्द-बुर्द हो रही है. एक रिपोर्ट:

विभाग के पास नहीं लेखा-जोखा:
अब प्रदेश के पर्यटन, देवस्थान मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने प्रदेश के बाहर स्थित देवस्थान विभाग के मंदिरों की जानकारी मांगी, तो पता चला कि अरबों रुपयों की देवस्थान विभाग की संपत्ति का कोई लेखा-जोखा विभाग के पास नहीं है. देवस्थान मंत्री ने इसके लिए आयुक्त देवस्थान को दो महीने के अंदर उच्च स्तरीय कमेटी बनाकर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं. देवस्थान मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने बताया कि विभाग के पास प्रदेश के बाहर स्थित मंदिरों की जानकारी तो है, लेकिन अचल संपत्ति का ब्यौरा नहीं है. उन्होंने कहा कि इसी तरह प्रदेश के अंदर भी देवस्थान विभाग की संपत्ति का यही हाल है. अब एक जिले के अधिकारी दूसरे जिले में जाकर देवस्थान विभाग की संपत्ति का सर्वे करेंगे, जिससे देवस्थान विभाग की संपत्ति पर कब्जे का पता चल सके. 

देशभर में यही हालात:
वहीं देवस्थान विभाग के अधीन मंदिरों में सबसे पहले बात करें दिल्ली की, तो यहां जंतर-मंतर स्थित भैरू जी का मंदिर देवस्थान विभाग के अधीन आता है और 2066 वर्गमीटर भूमि पर स्थित है. लेकिन आय-व्यय, दुकानों आदि की जानकारी विभाग के पास नहीं है. महाराष्ट्र के अमरावती में हनुमान जी और छत्री राजा मान सिंह प्रथम अचलपुरा मेें स्थित है. औरंगाबाद में हनुमान जी का मंदिर पडेगांव में स्थित है. इस मंदिर के पास 1.27 एकड़ कृषि भूमि है.  औरंगाबाद में ही बेगमपुरा में विठ्‌ठलदास जी, कर्णपुरा में तुलजा माता का मंदिर है. यहीं पर बाला जी का मंदिर स्थित है और इस मंदिर के पास 2.24 एकड़ कृषि भूमि है. वहीं वैष्णव बाला जी हनुमान जी का मंदिर भी स्थित है, लेकिन कितनी कृषि भूमि है? कितनी खुली भूमि है? क्या लेखा-जोखा है? यह देवस्थान विभाग के पास नहीं है. 

करोड़ों में है देवस्थान विभाग की संपत्ति:
गुजरात में द्वरका में श्री मुरली मनोहर जी का मंदिर देवस्थान विभाग की संपत्ति है. यहां पर एक आवासीय मकान है, लेकिन अन्य ब्यौरा विभाग के पास नहीं है. उत्तर प्रदेश की बात करें तो यहां मथुरा के वृंदावन में श्री राधामाधव जी जयपुर मंदिर स्थित है. यहां पर 12 मकान है. श्री राधाकांत जी मंदिर, श्री कुल बिहारी मंदिर बरसाना में भी स्थित है. यहां पर 1 आवासीय मकान है और 4 एकड़ कृषि भूमि है, लेकिन आय-व्यय और अन्य अचल संपदा का ब्यौरा विभाग के पास नहीं है. एटा में मंदिर श्री बलदेवजी सोराघाट सोरो में स्थित है, लेकिन अचल संपदा का लेखा-जोखा विभाग के पास नहीं है. वहीं वाराणसी में श्री रामेवर जी जयपुर मंदिर, श्री महादेव जी (अलवर) मंदिर की संपत्ति का ब्यौरा नहीं है. वहीं वाराणसी के मंदिर श्री आदि विवे वरनाथ जी के यहां 1 आवासीय और 3 तीन दुकाने है, लेकिन श्री डूंगरे वरजी बीकानेर मंदिर श्री दिवाने वरीज उदयपुर मंदिर, श्री अन्नपूर्णा जी जयपुर मंदिर की अचल संपत्ति का ब्यौरा देवस्थान विभाग के पास नहीं है. 

प्रदेश के लगभग हर जिले में विभाग की अचल संपत्ति:
यूपी के मथुरा में श्री मदनमोहन जी उदयपुर मंदिर, स्वामी घाट, मंदिर श्री चतुरशिरोणी जी जयपुर, श्री हरि शिरोमणी जी करौली, श्री गोकलानंद जी वृंदावन, श्री कुंज पार्वती जी भरतपुर मंदिर, श्री कुंज बदन सिंह भरतपुर मंदिर, श्री अजब मनोहर जी बीकानेर मंदिर, श्री रूपकिशोर जी बीकानेर मंदिर, श्री लक्ष्मण जी भरतपुर मंदिर, श्री बिहारी जी भरतपुर मंदिर, श्री किशोर याम जी भरतपुर मंदिर, श्री कुंजलाल दास भरतपुर मंदिर, श्री जुगल किशोर जी भरतपुर मंदिर स्थित है. वाराणसी में श्री डूंगेश्वर जी बीकानेर मंदिर, धर्मशाला डूंगेश्वर जी मय मंदिर, मंदिर श्री गोरखनाथ जी गोरखटीला जोधपुर मंदिर स्थित है. यवतमाल में श्री ऋशभदेव जी धुलेव उदयपुर मंदिर स्थित है. यहां पर इस मंदिर के पास 29.18 एकड़ कृषि भूमि है, लेकिन आय-व्यय और अचल संपत्ति का लेखा-जोखा नहीं है. 

मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने उठाया बीड़ा:
जबकि उत्तराखंड में श्री गंगा मंदिर हरिद्वार में 10 आवासीय संपति है. उत्तरकाशी में श्री एकाद रूद्रजी व अंबिका जी मंदिर. यहां पर 11 आवासीय मकान, 18 व्यावसायिक दुकानें, श्री जयपुर धर्मशाला, जयपुर धर्मशाला धरौली, जयपुर धर्मशाला गंगोत्री स्थित है. वहीं नैनीताल में श्री लल्ली स्मारक बाग भुवाली में मंदिर स्थित है. अब देवस्थान मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने देवों की संपत्ति का पता लगाने का बीड़ा उठाया है. उम्मीद की जा रही है कि अब देवस्थान की भूमि से अतिक्रमण भी हटाए जाएंगे और कब्जे भी. 

... संवाददाता निर्मल तिवारी की रिपोर्ट 

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