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VIDEO: दिवाली पर नहीं मिलेगी ट्रेन में सीट! रेलवे प्रशासन ने ट्रेनें नहीं बढ़ाई, तो खड़ी होगी मुश्किल

जयपुर: खबर उम्मीद भरी है, लेकिन निराश करने वाली भी. एक तरफ जहां दिवाली पर घर लौटने के लिए ट्रेनों में बुकिंग बढ़ी है, जो रेलवे के लिए उम्मीद भरी खबर है तो दूसरी तरफ रेलवे के अल्प इंतजामों के चलते यात्रियों को परेशानी भी झेलनी पड़ सकती है, यानी यह यात्रियों के लिए निराशाजनक खबर है. दिवाली पर ज्यादातर शहरों के लिए ट्रेनें या तो उपलब्ध नहीं हैं, या जिन शहरों के लिए ट्रेनें उपलब्ध हैं, उनमें सीट खाली नहीं है. ऐसे में कैसे लोग पहुंच सकेंगे अपने घर तक ? और किन रूटों पर ट्रेनें चलाए जाने की है सबसे ज्यादा जरूरत... 

भारतीय रेल भी इस बार यात्रियों को धोखा देती दिख रही: 
दरअसल, देश के सबसे बड़े त्यौहार दिवाली को हर कोई अपनों के बीच मिल-बैठकर मनाना चाहता है. इस बार भले ही कोरोना का भय हर जगह पसरा हुआ हो, लेकिन दिवाली लोग अपनों के बीच ही मनाएंगे. इसलिए लोग अपने घरों तक पहुंचने के लिए इंतजाम करने में जुट गए हैं. भारत की जीवनरेखा मानी जाने वाली भारतीय रेल भी इस बार यात्रियों को धोखा देती दिख रही है. यूं तो सरकार ने कोरोना संक्रमण का असर कम करने के लिए कम संख्या में ट्रेनें चलाई हुई हैं और केवल उन्हीं शहरों के लिए ट्रेनें चलाई जा रही हैं, जिनके लिए लोगों का यात्रा करना जरूरी है. लेकिन त्यौहार के मौके पर लोगों को ट्रेनें नहीं मिलने से बड़ी असुविधा हो सकती है. जयपुर जंक्शन की बात करें, तो अभी महज 10 जोड़ी ट्रेनों का ही संचालन जयपुर से हो रहा है. इनमें से भी 3 ट्रेनें रोजाना के बजाय सप्ताह में 2 से 3 दिन ही संचालित होती हैं. ऐसे में दिवाली पर इन ट्रेनों के भरोसे सभी लोगों का अपनों के पास पहुंचना संभव नहीं लगता. उधर, रेलवे से जुड़े सूत्रों का कहना है कि रेलवे प्रशासन भी इस बात का इंतजार कर रहा है कि ट्रेनों में ज्यादा बुकिंग बढ़े. लंबी प्रतीक्षा सूची हो तो इसे आधार बनाकर दिल्ली प्रस्तावित भिजवाया जा सके. जिससे कि कुछ अन्य शहरों के लिए ट्रेनों का संचालन शुरू किया जा सके. 

जयपुर से जाने के लिए या तो ट्रेन नहीं या सीट नहीं: 
- दिवाली पर जयपुर से पटना जाना चाहते हैं, लेकिन कोई ट्रेन उपलब्ध नहीं
- जयपुर से लखनऊ के लिए फिलहाल एक भी ट्रेन संचालित नहीं
- जयपुर से वाराणसी के लिए कोई ट्रेन संचालित नहीं
- जयपुर से इंदौर के लिए कोई ट्रेन संचालित नहीं
- जयपुर से जम्मूतवी के लिए कोई ट्रेन संचालित नहीं

1. जयपुर से हावड़ा, 11 नवंबर- मात्र 1 ट्रेन उपलब्ध
- ट्रेन 02386 जोधपुर-हावड़ा स्पेशल में स्लीपर क्लास में 10 वेटिंग
- इसी ट्रेन में 3AC में RAC- 1 प्रदर्शित हो रहा

2. जयपुर से प्रयागराज, 12 नवंबर- मात्र 1 ट्रेन उपलब्ध
- ट्रेन 02404 जयपुर-प्रयागराज स्पेशल में स्लीपर क्लास में RAC- 23, 3AC में 165 सीट उपलब्ध

अभी तक हमने बात की जयपुर से जाने वाली ट्रेनों की. लेकिन अगर जयपुर आने वाली ट्रेनों की बात की जाए तो हालात और भी विकट नजर आते हैं. दरअसल, बड़ी संख्या में जयपुर शहरवासी काम के सिलसिले या फिर पढ़ाई के लिए दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, अहमदाबाद, पुणे जैसे शहरों में निवास करते हैं. दिवाली के मौके पर ज्यादातर लोग इन बड़े शहरों से जयपुर आते हैं. लेकिन जयपुर आगमन के दौरान यात्रियों को या तो इन ट्रेनों में लंबी प्रतीक्षा सूची दिख रही है या फिर कई शहरों से जयपुर आगमन के लिए ट्रेनें ही उपलब्ध नहीं हैं.  

जयपुर आगमन के लिए लंबी प्रतीक्षा:  

1. मुम्बई से जयपुर, 12 नवंबर- मात्र 1 ट्रेन उपलब्ध 
- ट्रेन 02955 मुंबई सेंट्रल-जयपुर स्पेशल में स्लीपर में 198 वेटिंग
- इसी ट्रेन में थर्ड AC में 82, सेकंड AC में 24 वेटिंग

2. अहमदाबाद से जयपुर, 12 नवंबर- 2 ट्रेन उपलब्ध
- ट्रेन 02957 नई दिल्ली राजधानी में 3AC, 2 AC में दिखा रहा रिग्रेट, यानी बुक नहीं होगी टिकट
- ट्रेन 02915 अहमदाबाद-दिल्ली स्पेशल (आश्रम) में स्लीपर में 135 वेटिंग
- इसी ट्रेन में 3AC में 52 वेटिंग, यानी सीट मिलने की उम्मीद नहीं

3. हैदराबाद से जयपुर, 13 नवंबर- मात्र 1 ट्रेन सप्ताह में 2 दिन उपलब्ध
- ट्रेन 02975 मैसूरु-जयपुर स्पेशल में स्लीपर में 32 वेटिंग
- इसी ट्रेन में 3 AC में 15 वेटिंग, सप्ताह में 5 दिन कोई ट्रेन नहीं
- चेन्नई से जयपुर के लिए कोई भी सीधी ट्रेन उपलब्ध नहीं
- पुणे से जयपुर के लिए फिलहाल एक भी ट्रेन संचालित नहीं

कुल मिलाकर यदि रेलवे प्रशासन ने ट्रेनों की संख्या में बढ़ोतरी नहीं की, तो यात्रियों के लिए दिवाली पर घर लौटना काफी मुश्किल साबित हो सकता है. चूंकि रेलवे फिलहाल वेटिंग वाले यात्रियों को ट्रेनों में यात्रा करने की इजाजत नहीं दे रहा और बड़ी संख्या में एक से दूसरे शहर के लिए ट्रेनें उपलब्ध नहीं हैं, तो ऐसे में लोगों को दिवाली पर उनके अपनों तक पहुंच पाना कठिन सफर साबित होगा. 

...काशीराम चौधरी, फर्स्ट इंडिया न्यूज़, जयपुर

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 अनियंत्रित बस खाई में गिरी, 5 की मौत 34 घायल

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मुंबई: महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले में बुधवार को तड़के एक बस के खाई में गिर जाने की घटना में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गयी है जबकि 34 अन्य घायल हो गये है.  पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने घटना की जानकारी दी है. पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह दुर्घटना जिले के कोंडईबारी घाट में तड़के सवा तीन बजे उस समय हुयी जब यह बस मलकापुर से सूरत जा रही थी. 

प्रारंभिक खबरों के अनुसार चालक ने बस पर से नियंत्रण खो दिया जिसके बाद यह 30 फुट गहरी खाई में गिर गयी . घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस एवं स्थानीय लोग बचाव के लिए मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन चालू कर दिया. अधिकारी ने बताया कि इस दुर्घटना में पांच लागों की मौत हो गयी जबकि 34 अन्य घायल हो गये हैं. घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. (सोर्स-भाषा)

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बिहार: लोजपा और कांग्रेस ने जारी किए घोषणा पत्र, कांग्रेस ने किया किसानों से मुफ्त बिजली और कर्ज माफ करने का वादा

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पटना: बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान होने के बाद सभी पार्टियां मतदाताओं को लुभाने में जुट गई है. इस कड़ी में आज लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) और कांग्रेस ने पटना में अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है. 

किसानों से मुफ्त बिजली और कर्ज माफ करने का वादा:  
सत्ता में आने पर कांग्रेस ने बिहार के किसानों से मुफ्त बिजली और कर्ज माफ करने का वादा किया है. पार्टी ने इसे बिहार बदलाव पत्र नाम दिया है.  इसके अलावा किसानों को फसल का सही मूल्य दिलाने का भी वादा किया. कांग्रेस नेता शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि पंजाब की तर्ज पर केंद्र के कानून को खारिज किया जाएगा. किसान अगर ट्रैक्टर खरीदते हैं तो उसका रजिस्ट्रेशन मुफ्त किया जाएगा.

बेरोजगारों को हर महीने 1500 रुपये: 
वहीं कांग्रेस नेता राजबब्बर ने कहा कि सत्ता में आने पर हमारी सरकार नौकरी मिलने तक बेरोजगारों को हर महीने 1500 रुपये देगी. उन्होंने कहा कि नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में 10 लाख नौकरी देने का फैसला लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि सरकार ने युवाओं के साथ छल किया है और युवा उसका जवाब देंगे. 

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विधवा महिलाओं को ₹1000 का पेंशन दिया जाएगा:
कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि विधवा महिलाओं को ₹1000 का पेंशन दिया जाएगा. राज्य सरकार लड़कियों को पीजी से केजी तक शिक्षा मुफ्त मिलेगी. अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में मेडल लाने वाले को सीधे नौकरी की जाएगी. 

लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) ने भी घोषणा पत्र जारी किया: 
दूसरी ओर लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) ने भी बुधवार को पटना में अपना घोषणा पत्र जारी किया. घोषणापत्र जारी करते हुए लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा कि मौजूदा सीएम को देखकर मुझे आश्चर्य होता है कि आप किस तरह से जातीयता को बढ़ावा देते हैं. जो व्यक्ति खुद सांप्रदायिकता को बढ़ावा देता हो, उसके नेतृत्व में बिहार के विकास की कल्पना करना उचित नहीं है. 

'बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट' के दृष्टिकोण को सामने रखा:
उन्होंने कहा कि आज बिहार विधानसभा चुनाव के लिए हमारी पार्टी के घोषणा पत्र को जारी करने के साथ मैंने 'बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट' के अपने दृष्टिकोण को सामने रखा, जो विभिन्न समस्याओं का समाधान करेगा जो बिहार के लोग सामना कर रहे हैं. चिराग ने कहा कि अगर गलती से मौजूदा मुख्यमंत्री पुन: इस चुनाव में जीत जाते हैं तो हमारा प्रदेश हार जाएगा. हमारा प्रदेश पुन: बर्बादी की कगार पर जाकर खड़ा हो जाएगा.

आर्थिक तंगी से पति ने खाया जहर, 5 दिन बाद नवविवाहित पत्नी ने भी की जीवन लीला समाप्त

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फतेहपुर: उत्तर प्रदेश में आर्थिक तंगी के चलते एक परिवार खाक हो गया है. प्रदेश के फतेहपुर जिले के हथगाम क्षेत्र में कथित आर्थिक तंगी से परेशान होकर पांच दिन पहले एक युवक के जहर खाकर आत्महत्या करने के बाद उसकी पत्नी ने सदमे की वजह से फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली है. जिसके बाद हर कोई सदमें में है. बताया जा रहा है कि अभी शादी को कुछ ही महीने हुए थे और कोरोना के कारण युवक की नौकरी चली गयी जिसके चलते वह डिप्रेशन में आ गया और अपनी जीवनलीला खत्म कर बैठा और फिर  उसकी पत्नी ने भी वही मृत्युकांड दौहरा दिया. 

हथगाम थाना के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) आदित्य सिंह ने बुधवार को बताया कि क्षेत्र के कसरांव गांव के मजरे हुलासी के पुरवा में मोनी देवी (20) नामक नवविवाहिता ने मंगलवार को अपने मायके में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. इससे पहले, 15 अक्टूबर को त्योंजा गांव में उसके पति हरिमोहन (24) ने जहर खाकर खुदकुशी की थी. उन्होंने बताया कि दोनों की शादी को करीब चार महीने ही हुए थे. सिंह ने दंपति के परिजन के हवाले से बताया कि हरिमोहन मुंबई में एक निजी कंपनी में काम करता था, लॉकडाउन में कंपनी बंद होने पर वह घर लौट आया. इसी दौरान 30 जून को मोनी देवी से उसकी शादी हुई थी.

उन्होंने बताया कि आर्थिक तंगी से परेशान होकर हरिमोहन काम की तलाश में हाल ही में दिल्ली गया था, लेकिन काम न मिलने पर वापस लौट आया और 15 अक्टूबर को जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी. दूसरी ओर मोनी की मां अनारकली ने पुलिस को बताया कि दामाद के आत्महत्या करने के बाद वह बेटी को अपने साथ घर ले आयी थी. बेटी ने सदमे की वजह से खाना-पानी बंद कर दिया था और मंगलवार को उसने सूने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली.

पुलिस ने बताया कि पोस्टमॉर्टम कराने के बाद मृतका का शव उसकी मां को सौंप दिया गया है. गौरतलब है कि कोरोना महामारी ना जाने ऐसी कितनी ही जिंदगीयों को काल का ग्रास बना चुकी है और आगे भी शायद इसी तरह की घटनाएं घटित होती रहेंगी क्योंकि ये बीमारी देश-दुनिया की कमर तोड़ चुकी है जिससे मध्यमवर्ग और निचले तबके बुरी तरह से प्रभावित हुए है. बीमारी के प्रभावों से निपटने का आत्महत्या कोई हल नहीं है इससे बेहतर है परिस्थिती का दिलेरी से सामना किया जाए.  (सोर्स-भाषा)

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