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कांग्रेस से बागी और बसपा प्रत्याशी मुस्ताक खात्यासनी ने दाखिल किया नामांकन

कांग्रेस से बागी और बसपा प्रत्याशी मुस्ताक खात्यासनी ने दाखिल किया नामांकन

नागौर। नागौर संसदीय सीट पर कांग्रेस की ज्योति मिर्धा और एनडीए से हनुमान बेनीवाल के नाम उम्मीदवार के तौर पर सामने आने के बाद बसपा ने भी नागौर से  अपना दांव खेल दिया है। जिससे दोनों ही खेमों और खासकर कांग्रेस में खलबली मच गई है। बसपा ने यहां अल्पसंख्यक कार्ड खेलते हुए कांग्रेस के बागी मुश्ताक़ खान खात्यासनी को अपना उम्मीदवार बनाया है। मुश्ताक़ खान ने बहुजन समाजवादी पार्टी से आज अपना नामांकन दाखिल किया।  

बसपा के इस मास्टरस्ट्रोक ने जिले के आम मतदाताओं और राजनितिक पंडितों को चर्चा के लिए एक और नया विषय दे दिया है जिसकी चर्चा गांव की चोपाल से लेकर चाय की थडियों तक है। कांग्रेस के बागी खात्यासनी के मैदान में आने से कांग्रेस के खेमे में खलबली मच गई है। बसपा के मैदान में उतरने से कांग्रेस में खलबली मचने का कारण भी साफ़ जाहिर है क्योंकि अल्पसंख्यक और पिछड़ा वर्ग मूलतः कांग्रेस का वोट बैंक माना जा रहा है ऐसे में मुश्ताक़ खान की एंट्री ने कांग्रेस में खलबली मचा दी है। 

मुस्ताक खान लम्बे समय से कांग्रेस के सक्रिय नेता रहे हैं और जिले में उनकी अच्छी पकड भी है वही बसपा की पिछड़े वर्ग में जो पकड है वो किसी से छिपी नहीं है ऐसे में दोनों ही फेक्टर कांग्रेस के खिलाफ काम कर रहे हैं। मीडिया से रूबरू हुए मुश्ताक़ खान ने दावा किया कि, बीएसपी पिछले चार चुनावों से लगातार नागौर संसदीय क्षेत्र में चुनाव लड़ रही है और हर बार हमने कड़ी टक्कर दोनों दलों को दी है और इस बार भी हमारा प्रत्याशी काफी मजबूत है। बसपा नागौर सीट पर इस बार अपना पूरा दम दिखाने वाली है और बसपा सुप्रीमो मायावती खुद 28 अप्रैल को जायल में चुनावी सभा को संबोधित करेंगी। 

...नरपत ज़ोया संवाददाता 1st इंडिया न्यूज नागौर 

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Rajyasabha Election: व्हिप जारी करेगी कांग्रेस, अनुशासन बिगड़ते ही सदस्यता समाप्त का खतरा!

जयपुर: राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी अपने विधायकों के लिये व्हीप जारी करेगी. व्हीप में साफ होगा कि अगर उल्लघंन किया तो सदस्यता रद्द हो जाएगी. अनुशासन बनाये रखना ही व्हीप का असली मकसद होता है. इतिहास गवाह है कि गुजरात में बीते राज्यसभा चुनावों में अहमद पटेल तभी जीते थे जब उन्हीं के पार्टी के 2 विधायकों को जनप्रतिनिधि कानून के दायरे में लाया गया. 

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चुनाव बेहद दिलचस्प: 
राज्यसभा चुनाव में राजस्थान में 3 सीटों पर चुनाव होने है, चुनावी समर में उम्मीदवार उतरे है 4, दो कांग्रेस के और दो बीजेपी के.. लिहाजा चुनाव बेहद दिलचस्प है. सत्ताधारी दल कांग्रेस जीत के प्रति आश्वस्त है लेकिन कोई जोखिम मोल नहीं लेना चाहती. लिहाजा कांग्रेस विधायक दल की ओर से अपने सभी 107 विधायकों के लिये व्हिप जारी किया जाएगा, इसे मानना विधायकों के लिये अनिवार्य होगा. वैसे तो कांग्रेस विधायक दल के अंदर क्रास वोटिंग की संभावना नजर नहीं आ रही लेकिन राजनीति में कु़छ कहा नहीं जा सकता है. आइये पहले आपको बता देते है व्हिप क्या होता है..

---व्हिप के मायने---
--व्हिप का उल्लंघन दल बदल विरोधी अधिनियम के तहत माना जा सकता है.
--उल्लंघन पर सदस्यता रद्द कर दी जा सकती है. 
--व्हिप 3 तरह के होते हैं.
- एक लाइन का व्हिप
 - 2 लाइन का व्हिप और 3 लाइन का व्हिप.
- इन तीनों व्हिप में 3 लाइन का व्हिप अहम माना जाता है, इसे कठोर कहा जाता है.
- इसका इस्तेमाल सदन में अविश्वास प्रस्ताव जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर बहस या वोटिंग में किया जाता है.
- यदि किसी सदस्य ने इसका उल्लंघन किया तो उसकी सदस्यता खत्म होने का भी प्रावधान है. 
- व्हिप के मुताबिक राज्यसभा चुनाव में ओपन बैलेट के तहत मतदान प्रक्रिया होती है.  
- किसी भी दल के विधायक को उसकी पार्टी के एंजेट को दिखाकर ही मत देना होता है ऐसा नहीं होने पर वोट अमान्य हो सकता है. 

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अदालत के महत्वपूर्ण निर्णय के अनुसार संसदीय परम्पराओं को अक्षुण्ण बनाये रखने के लिये व्हिप का प्रावधान है जिसके तहत क्रास वोटिंग को रोका जा सके और पार्टी के आदेश का विधायक अनुशासित होकर पालन करे, हार्स ट्रैडिंग को प्रोत्साहन नहीं मिले. राजस्थान में कांग्रेस पार्टी ने दो उम्मीदवारों को चुनावी समर में उतारा है के सी वेणुगोपाल और नीरज डांगी. इन्हें 13 निर्दलीय, 2 सीपीएम, 2 बीटीपी, 1 आरएलडी के वोटों की उम्मीद है. इस गणित के लिहाज से तो कांग्रेस को 3 में से 2 सीटें मिलना तय है. फिर भी सियासत आखिर सियासत ही है.

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RCA अध्यक्ष वैभव गहलोत का जन्मदिवस आज, अन्य जिलों की तरह जोधपुर में भी आयोजित किए जा रहे कार्यक्रम

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जोधपुर: प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष वैभव गहलोत का आज जन्मदिवस है और प्रदेश के अन्य जिलों की तरह सूर्यनगरी जोधपुर में भी वैभव गहलोत के जन्मदिवस पर सेवा भाव से जुडे अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं तो वहीं इसी कड़ी में कांग्रेस नेता राजूराम चौधरी के नेतृत्व में कांग्रेस के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने केक काटकर वैभव गहलोत का जन्मदिवस मनाया. 

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गौशाला जाकर गायों का जहां चारा खिलाया गया: 
इस अवसर पर केक काटने के बाद जहां राजूराम चौधरी सहित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आठ तरह के अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जिसमें पहले केक काटकर शुभारंभ करने के बाद गौशाला जाकर गायों का जहां चारा खिलाया गया, टीबी अस्पताल में जाकर टीबी मरीजों को फ्रूट्स इत्यादी बांटकर उनका सम्मान किया गया तो वहीं बाद में सार्वजनिक उद्यानों पर जाकर पक्षियों के लिए परिंडे लगाए गए.

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सोशल डिस्टेसिंग की भी पूरी तरह से पालना की गई:
इस दौरान जहां सभी द्वारा कोरोना के तहत मास्क लगाने से लेकर सोशल डिस्टेसिंग की भी पूरी तरह से पालना की गई. कांग्रेस नेता राजूराम चौधरी और युवा कांग्रेस कार्यकर्ता दिव्या गहलोत ने कहा कि कोरोना के चलते जहां वैभव गहलोत द्वारा उनके जन्मदिवस पर आग्रह किया गया था कि कही पर भी भीड़ नहीं की जाए मगर वह सेवा के लिए सदेव आगे रहे हैं उसी को ध्यान में रखते हुए हमने पूरी सोशल डिस्टेसिंग का ध्यान रखते हुए उनके जन्मदिवस पर सेवा भाव से जुड़े कार्य कर उनका जन्मदिवस मनाया है. 


 

राजस्थान में राज्यसभा चुनाव की बिछी चौसर, तीन सीटों पर चार उम्मीदवार मैदान में 

जयपुर: राजस्थान में राज्यसभा चुनाव की चौसर बिछ गई है.3 सीटों पर 4 उम्मीदवार चुनावी समर में उतरे है, दो भाजपा से और दो कांग्रेस से.तीसरी सीट के लिये रोमांचक जंग के आसार है. वोटों का गणित कांग्रेस के पक्ष में है,करीब 122 से 125 वोट कांग्रेस खेमे में माने जा रहे ,बीजेपी को उम्मीद है सेंध लगाने की.  

पूरे 200 विधायकों के वोट हैं मान्य: 
राज्यसभा चुनाव की गणित की बात करे तो एक सीट को जीतने के लिए कितने वोट चाहिए?  दरअसल, प्रदेश की तीन सीटों पर हो रहे चुनाव को लेकर पूरे 200 विधायकों के मान्य वोट हैं. प्रदेश की इन तीनों सीटों की बात करें तो हर एक सीट को जीतने के लिए प्रथम वरीयता के लिए 51 वोट चाहिए. कांग्रेस ने दोनों उम्मीदवारों को बराबरी का वोट दिलाने की रणनीति बना ली थी.

सत्ताधारी दल के पास वोटों की गणित की बात करे तो
कांग्रेस - 107
निर्दलीय - 13
बीटीपी-2
आरएलडी-1
सीपीएम - 2
कांग्रेस +=125 

बीजेपी +
72 वोट
RLP - 2
कुल वोट-74

कांग्रेस को दो सीट जीतने के लिए चाहिए 102 वोट:
तय फॉर्मूले के अनुसार कांग्रेस को दो सीट जीतने के लिए 102 वोट चाहिए जो कि पर्याप्त रूप से उसके पास हैं. वहीं बात करते है कि भाजपा के पास सदन में 72 विधायक हैं, ऐसे में प्रथम वरीयता के 51 वोट चाहिए लिहाजा भाजपा के खाते में भी एक सीट आने वाली है. दो सीटों पर बीजेपी की जीत की संभावना तभी है जब निर्दलियों और कांग्रेस कैम्प में सेंध लगे.

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बीजेपी की रणनीति
-असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों का समर्थन जुटाना
-लेकिन वोट दिखाकर देना होगा
-कांग्रेस विधायक दल के व्हीप का पालन करना अनिवार्य होगा
-क्रास वोट, अनुपस्थित और पेन/स्याही की गलती करने पर ही बीजेपी को लाभ
-निर्दलीय विधायकों का वोट गोपनीय होता है दिखाकर और नहीं दिखाकर दोनों तरीके से वोट दे सकते है
-बीजेपी की कोशिश निर्दलियों के वोट में सेंध लगे, हालांकि कार्य आसान नहीं है

बहरहाल चुनाव तो चुनाव ही है.लॉक डाउन के कारण रिसोर्ट राजनीति भले ही नजर ना आये लेकिन खेमेबंदी साफ नजर आने वाली है.

...फर्स्ट इंडिया के लिए योगेश शर्मा की रिपोर्ट 

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19 जून को होंगे राज्यसभा चुनाव, 7 राज्यों की 18 सीटों पर होने हैं राज्यसभा चुनाव

जयपुर: राज्य सभा की 18 सीटों के लिए इस महीने की 19 तारीख को चुनाव आयोजित किए जाएंगे. चुनाव आयोग ने यह जानकारी दी है. 19 जून को राज्यसभा चुनाव होंगे. कोरोना संक्रमण के चलते चुनाव स्थगित हुए थे. 7 राज्यों की 18 सीटों पर राज्यसभा चुनाव होने हैं. प्रदेश की 3 सीटों पर चुनाव होने हैं.19 जून को राज्यसभा चुनाव होंगे, सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक वोट डाले जाएंगे. वहीं 19 जून को शाम 5 बजे बाद मतों की गणना होगी. कोरोना संक्रमण के चलते चुनाव स्थगित करने का फैसला लिया था. 

19 जून को इन सीटों पर होगा मतदान:
राज्यसभा की जिन 18 सीटों के लिए 19 जून को मतदान होगा. उनमें आंध्र की 4 सीट, गुजरात की 4 सीट, झारखंड की 2 सीट, मध्य प्रदेश की 3 सीट, मणिपुर की 1 सीट, मेघालय की 1 सीट और राजस्थान की 3 सीट शामिल हैं.

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राजस्थान में तीन सीटों पर होंगे चुनाव:
राजस्थान में तीन सीटों पर राज्यसभा चुनाव होंगे. चार उम्मीदवार मैदान में है, दो कांग्रेस और दो भाजपा के उम्मीदवार है. कांग्रेस के प्रत्याशी केसी वेणुगोपाल और नीरज डांगी है. जबकि भाजपा से राजेन्द्र गहलोत और ओंकार सिंह लखावत उम्मीदवार है. संख्या बल में कांग्रेस को बढ़त हासिल है. एक-एक सीट पर दोनों दलों की जीत तय है. तीसरी सीट के लिए चुनावी जंग होगी.

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मनरेगा श्रमिकों का कार्य समय कम किया जाये, डिप्टी CM सचिन पायलट ने लिखा केन्द्र को पत्र

मनरेगा श्रमिकों का कार्य समय कम किया जाये, डिप्टी CM सचिन पायलट ने लिखा केन्द्र को पत्र

जयपुर: राजस्थान के डिप्टी CM सचिन पायलट ने केन्द्र सरकार को पत्र लिखा है. पायलट ने केन्द्र से मांग रखी है कि राजस्थान में भीषण गर्मी का दौर चल रहा है और मौसम विभाग ने भी 27 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है. इस भीषण गर्मी में मनरेगा श्रमिकों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुये उनके निर्धारित कार्य समय एवं टास्क में कमी की जाये जिससे श्रमिक लगभग सुबह 11 बजे तक कार्य पूर्ण कर घर लौट सके.

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भीषण गर्मी को देखते हुए कार्यस्थल पर मिले आवश्यक सुविधाएं: 
पायलट ने कहा कि मनरेगा के तहत निर्धारित कार्य समय से पूर्व यदि कोई श्रमिक या श्रमिक समूह निर्धारित टास्क पूर्ण कर लेता है तो वह कार्य की माप मस्टरोल में अंकित करवाकर कार्यस्थल छोड सकता है. पायलट ने किसी भी श्रमिक को टास्क पूर्ण करने के बाद अनावश्यक रूप से कार्यस्थल पर नहीं रोकने के निर्देश दिए. साथ ही भीषण गर्मी को देखते हुए मनरेगा कार्यस्थल पर आवश्यक सुविधाएं जैसे स्वच्छ पेयजल, छाया, मेडिकल किट, ओ.आर.एस. घोल, बच्चों के लिए पालने आदि की व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिये है.

श्रमिकों के लिए मनरेगा योजना वरदान साबित:
उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि देश के अन्य राज्यों से रोजगार के अभाव में प्रदेश में लौटे श्रमिकों तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार से वंचित श्रमिकों के लिए मनरेगा योजना वरदान साबित हो रही हैं. उन्होंने बताया कि 30 मई को वर्ष 2019-20 में प्रदेश में जहां 33.02 लाख श्रमिक नियोजित थे वहीं इस वर्ष 42.80 लाख श्रमिक नियोजित हुए हैं. इस प्रकार मनरेगा योजना के तहत इस वर्ष लगभग दस लाख अधिक श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है. विभिन्न राज्यों से लौटे 1.77 लाख प्रवासी श्रमिकों के जॉब कार्ड भी जारी किये जा चुके हैं.

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मोदी सरकार 2.0 के एक साल पूरे: PM मोदी का जनता के नाम पत्र, कहा- एक साल में लिए गए फैसले बड़े सपनों की उड़ान

मोदी सरकार 2.0 के एक साल पूरे: PM मोदी का जनता के नाम पत्र, कहा- एक साल में लिए गए फैसले बड़े सपनों की उड़ान

नई दिल्ली: कोरोना संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल का पहला साल आज पूरा हो गया है. इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने देश के नाम चिट्ठी लिखर पिछले 1 साल की सरकार की उपलब्धियों का रोडमैप बताया है.

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कोरोना पर जीत के लिए देश के दृढ़ संकल्प को भी सलाम किया: 
प्रधानमंत्री मोदी ने पत्र में लिखा कि देशवासियों की आशाओं-आकांक्षाओं की पूर्ति करते हुए हम तेज गति से आगे बढ़ ही रहे थे, कि कोरोना वैश्विक महामारी ने भारत को भी घेर लिया. कई लोगों ने आशंका जताई थी कि जब कोरोना भारत पर हमला करेगा, तो भारत पूरी दुनिया के लिए संकट बन जाएगा. पीएम ने अपनी चिट्ठी में कोरोना पर जीत के लिए देश के दृढ़ संकल्प को भी सलाम किया. 

उन्होंने लिखा कि यदि सामान्य स्थिति होती तो मुझे आपके बीच आकर आपके दर्शन का सौभाग्य मिलता, लेकिन वैश्विक महामारी कोरोना की वजह से जो परिस्थितियां बनी हैं उन परिस्थितियों में, मैं इस पत्र के द्वारा आपका आशीर्वाद लेने आया हूं.

बड़े शहरों को छोड़ कर जा रहे मजदूरों का मर्म भी दिखा:
मोदी के खत में बड़े शहरों को छोड़ कर जा रहे मजदूरों का मर्म भी दिखा. उन्होंने कहा कि ''निश्चित तौर पर, इतने बड़े संकट में कोई ये दावा नहीं कर सकता कि किसी को कोई तकलीफ और असुविधा न हुई हो. हमारे श्रमिक साथी, प्रवासी मजदूर भाई-बहन, छोटे-छोटे उद्योगों में काम करने वाले कारीगर, पटरी पर सामान बेचने वाले, रेहड़ी-ठेला लगाने वाले, हमारे दुकानदार भाई-बहन, लघु उद्यमी, ऐसे साथियों ने असीमित कष्ट सहा है. इनकी परेशानियां दूर करने के लिए सभी मिलकर प्रयास कर रहे हैं.

2014 की उपलब्धियों का जिक्र:
पिछले कार्यकाल की उपलब्धियों के बारे में बताते हुए पीएम मोदी ने लिखा कि हमने गरीबों के बैंक खाते खोलकर, उन्हें मुफ्त गैस कनेक्शन देकर, मुफ्त बिजली कनेक्शन देकर, शौचालय बनवाकर और घर बनवाकर गरीब की गरीमा भी बढ़ाई. इससे आगे उन्होंने लिखा कि उस कार्यकाल में जहां सर्जिकल स्ट्राइक हुई, एयर स्ट्राइक हुई. वहीं हमने वन रैंक वन पेंशन, वन नेशन वन टैक्स- जीएसटी, किसानों की MSP की बरसों पुरानी मांगों को भी पूरा करने का काम किया. पहला कार्यकाल अनेकों आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए समर्पित रहा.

एक साल में लिए गए फैसले इन्हीं बड़े सपनों की उड़ान: 
पीएम ने कहा कि इस एक साल में लिए गए फैसले इन्हीं बड़े सपनों की उड़ान है. उन्होंने आगे लिखा कि सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' इस मंत्र को लेकर आज देश सामाजिक हो या आर्थिक, वैश्विक हो या आंतरिक, हर दिशा में आगे बढ़ रहा है.

बीते एक वर्ष में कुछ महत्वपूर्ण निर्णय ज्यादा चर्चा में रहे: 
प्रधानमंत्री ने बताया कि बीते एक वर्ष में कुछ महत्वपूर्ण निर्णय ज्यादा चर्चा में रहे और इस वजह से इन उपलब्धियों का स्मृति में रहना भी बहुत स्वाभाविक है. राष्ट्रीय एकता-अखंडता के लिए आर्टिकल 370 की बात हो, सदियों पुराने संघर्ष के सुखद परिणाम-राम मंदिर निर्माण की बात हो, आधुनिक समाज व्यवस्था में रुकावट बना ट्रिपल तलाक हो, या फिर भारत की करुणा का प्रतीक नागरिकता संशोधन कानून हो, ये सारी उपलब्धियां आप सभी को स्मरण हैं. 

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किसान सम्मान निधि के दायरे में हर किसानः
गरीब, किसान, महिलाओं और युवाओं का जिक्र करते हुए मोदी ने लिखा कि अब पीएम किसान सम्मान निधि के दायरे में हर किसान आ चुका है. पिछले एक साल में एस योजना के तहत 9.50 करोड़ से ज्यादा किसानों के खातों में 72 हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि जमा कराई गई है.

भाजपा के पूर्व मंत्री भंवर लाल शर्मा का निधन, राजनीतिक हलकों में छाई शोक की लहर

जयपुर: दिग्गज भाजपा नेता भंवर लाल शर्मा का शुक्रवार को निधन हो गया. भंवर लाल शर्मा BJP के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और राज्य सरकार में मंत्री रहे चुके थे. भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओम प्रकाश माथुर ने भंवर लाल शर्मा के निधन पर गहरी संवेदना जताई. पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी भंवर लाल शर्मा के निधन पर गहरी संवेदना जताते हुए शोक व्यक्त किया.

पार्थिव देह को किया नमन:
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ.सतीश पूनिया ने भंवरलाल शर्मा के निवास पर पहुंचकर पार्थिव देह को नमन किया. पूनिया ने कहा कि भंवरलाल शर्मा पार्टी के वरिष्ठ नेता व सबके मार्गदर्शक रहे है. उनका निधन हम सबके लिए और मेरे लिए व्यक्तिगत तौर पर बड़ी क्षति है. शर्मा प्रदेश के आमजन के साथ हमेशा खड़े रहते थे. शर्मा की कमी हमेशा खलेगी. प्रदेश के विकास और पार्टी की मजबूती में भंवर लाल शर्मा का बड़ा योगदान है.उन्होंने विधायक और मंत्री रहते हुए कभी सरकारी बंगला और सरकारी गाड़ी का उपयोग नहीं किया.

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ओमप्रकाश माथुर ने जताया शोक:
भंवरलाल शर्मा के निधन पर भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओमप्रकाश माथुर ने शोक जताते हुए कहा कि आत्मा को भीतर तक पीड़ा देने वाला समाचार जयपुर से प्राप्त हुआ. महामारी का ऐसा संकट की उनके अंतिम दर्शन भी ना कर पा रहा हूं. जनसंघ से जनता पार्टी फिर भाजपा पार्षद से 6 बार विधायक रहे चुके है. भंवर लाल शर्मा ने भैरों सिंह जी की हर सरकार में अहम भूमिका निभाई है. कई बार प्रदेश अध्यक्ष अनगिनत भूमिकाओं में उन्हें देखा और उनसे सिखा भी है. उनकी जीवटता , साहस, कार्यकर्ताओं से और आम जनता से उनका आज तक सतत सम्पर्क था. उनके व्यक्तित्व के बारे में हर शब्द छोटा है. मुझे उनका आशीष राजनीति में रहते और अब गांव में जीवन व्यतीत करते समय भी हमेशा प्राप्त हुआ. मेरे लिये व्यक्तिगत क्षति, एक युग का अंत एक पीढ़ी का अवसान. प्रभु अपने श्रीचरणों उन्हें स्थान दे , परिवार को सम्बल प्रदान करें.

राजनीतिक हलकों में छाई शोक की लहर:
भाजपा के पूर्व मंत्री भंवर लाल शर्मा के निधन की खबर से राजनीतिक हलकों में शोक की लहर छा गई. मुख्य सचेतक डॉ.महेश जोशी ने दुख जताया है. कहा-उनका जाना मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है. ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें. परिजनों को इस दुख की घड़ी को सहने की क्षमता प्रदान करें.

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छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम अजीत जोगी का निधन, 74 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

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नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी का निधन हो गया. अजीत जोगी लंबे समय से अस्पताल में भर्ती थे. उन्होंने 74 साल की उम्र में अंतिम सांस ली. अजीत जोगी को दिल का दौरा पड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वे 20 दिन से रायपुर के अस्पताल में भर्ती थे. 

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बेटे अमित जोगी ने ट्वीट कर दी जानकारी:
उनके निधन की जानकारी उनके बेटे अमित जोगी ने ट्वीट कर दी.उन्होंने लिखा कि 20 वर्षीय युवा छत्तीसगढ़ राज्य के सिर से आज उसके पिता का साया उठ गया. केवल मैंने ही नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ ने नेता नहीं,अपना पिता खोया है. अजीत जोगी ढाई करोड़ लोगों के अपने परिवार को छोड़कर, ईश्वर के पास चले गए. गांव-गरीब का सहारा, छत्तीसगढ़ का दुलारा,हमसे बहुत दूर चला गया.

तीन दिन का राजकीय शोक:
अजीत जोगी के निधन पर छत्तीसगढ़ सरकार ने तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है. इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा. कोई भी शासकीय समारोह आयोजित नहीं होंगे. स्व. अजीत जोगी का राजकीय सम्मान के साथ 30 मई को गौरेला में अंतिम संस्कार किया जाएगा.

जयपुर सचिवालय में कोरोना की दस्तक, 1 चतुर्थ श्रेणी कर्मी की मां की हुई थी मौत, रिपोर्ट आई थी कोरोना पॉजिटिव 

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