किसानों को कुचलने वाले व्यक्ति को हिरासत में नहीं लेने का मतलब कि संविधान खतरे में है: राहुल गांधी

किसानों को कुचलने वाले व्यक्ति को हिरासत में नहीं लेने का मतलब कि संविधान खतरे में है: राहुल गांधी

किसानों को कुचलने वाले व्यक्ति को हिरासत में नहीं लेने का मतलब कि संविधान खतरे में है: राहुल गांधी

नई दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने लखीमपुर खीरी की हिंसा और प्रियंका गांधी वाड्रा को हिरासत में लिए जाने को लेकर मंगलवार को सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों को गाड़ी से कुचलने वाले केंद्रीय मंत्री के पुत्र को हिरासत में नहीं लिए जाने का मतलब यह है कि देश का संविधान खतरे में है. उन्होंने जोर देकर यह भी कहा कि प्रियंका गांधी एक सच्ची कांग्रेसी हैं और डरने वाली नहीं हैं तथा उनका सत्याग्रह जारी रहेगा.

राहुल गांधी ने लखीमपुर में किसानों को गाड़ी से कुचलने से संबंधित एक कथित वीडियो को साझा करते हुए फेसबुक पोस्ट में कहा कि एक मंत्री का बेटा अगर अपनी गाड़ी के नीचे सत्याग्रही किसानों को कुचल दे, तो देश का संविधान ख़तरे में है. अगर वीडियो के सामने आने के बाद भी उसे हिरासत में ना लिया जाए तो देश का संविधान ख़तरे में है. अगर एक महिला नेता को 30 घंटे तक बिना प्राथमिकी के हिरासत में रखा जाए तो देश का संविधान ख़तरे में है. उन्होंने यह दावा किया कि अगर क़त्ल हुए पीड़ितों के परिवार से किसी को ना मिलने दिया जाए तो देश का संविधान ख़तरे में है. अगर ये वीडियो किसी को दुखी नहीं करता तो मानवता भी ख़तरे में है.

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि जिसे हिरासत में रखा है, वो डरती नहीं है- सच्ची कांग्रेसी है, हार नहीं मानेगी! सत्याग्रह रुकेगा नहीं.

प्रियंका गांधी वाड्रा 30 घंटे बाद भी पुलिस अभिरक्षा में:

लखीमपुर खीरी के तिकोनिया क्षेत्र में हुई हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत के बाद वहां जाने के दौरान रास्ते में हिरासत में लीं गईं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा 30 घंटे बाद भी पुलिस अभिरक्षा में हैं. कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने बताया कि प्रियंका समेत पांच नेताओं को हिरासत में लिए गए 30 घंटे से ज्यादा समय हो चुका है.

मिश्रा के बेटे आशीष समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज:
गौरतलब है कि लखीमपुर खीरी जिले के तिकोनिया क्षेत्र में रविवार को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के पैतृक गांव के दौरे के विरोध को लेकर भड़की हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी. इस मामले में मिश्रा के बेटे आशीष समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है.

और पढ़ें