अमित शाह के बयान पर अब रजनीकांत ने कहा- हिंदी थोपना लोगों के लिए स्वीकार्य नहीं

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/09/18 03:31

नई दिल्ली: दक्षिण भारत में लगातार गृहमंत्री अमित शाह के 'एक देश, एक भाषा' वाले बयान के खिलाफ आवाजें उठ रही हैं. डीएमके नेता एमके स्टालिन, मक्कल नीधी मैयम के नेता कमल हासन के अब अभिनेता रजनीकांत का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा है कि हिंदी थोपना लोगों के लिए स्वीकार्य नहीं है. अभिनेता ने कहा कि हिंदी को थोपे जाने की हर कोशिश का केवल दक्षिणी राज्य ही नहीं, बल्कि उत्तर भारत में भी कई लोग विरोध करेंगे. 

हमारे देश में एक आम भाषा नहीं हो सकती: 
उन्होंने कहा कि केवल भारत ही नहीं, बल्कि किसी भी देश के लिए एक आम भाषा होना उसकी एकता और प्रगति के लिए अच्छा होता है. दुर्भाग्यवश, हमारे देश में एक आम भाषा नहीं हो सकती, इसलिए आप कोई भाषा थोप नहीं सकते. रजनीकांत ने कहा कि विशेष रूप से, यदि आप हिंदी थोपते हैं, तो तमिलनाडु ही नहीं, बल्कि कोई भी दक्षिणी राज्य इसे स्वीकार नहीं करेगा. उत्तर भारत में भी कई राज्य यह स्वीकार नहीं करेंगे. 

अमित शाह ने हिंदी दिवस पर किया था ट्वीट: 
बता दें कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने हिंदी दिवस के अवसर पर ट्वीट किया था. पूरे देश की एक भाषा होना अत्यंत आवश्यक है, जो विश्व में भारत की पहचान बने. भारत विभिन्न भाषाओं का देश है और हर भाषा का अपना महत्व है. मगर पूरे देश की एक भाषा होना अत्यंत आवश्यक है. 

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