जयपुर VIDEO: अब स्टेट हाईवेज पर भी होगा फास्टैग, आरएसआरडीसी फास्टैग के जरिये करेगा टोल वसूली, देखिए ये खास रिपोर्ट

VIDEO: अब स्टेट हाईवेज पर भी होगा फास्टैग, आरएसआरडीसी फास्टैग के जरिये करेगा टोल वसूली, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: एनएचएआई की तर्ज पर अब प्रदेश के 16 स्टेट हाईवेज के 38 टोल प्लाजाओं पर फास्टैग से टोल कलेक्शन शुरू होने जा रहा है. 14 स्टेट हाईवेज के 32 टोल प्लाजाओं पर रिडकोर और दो स्टेट हाईवेज के 7 टोल प्लाजाओं पर आरएसआरडीसी फास्टैग के जरिए टोल वसूली शुरू करने जा रहा है. फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर यह व्यवस्था शुरू की जा रही है. इससे स्टेट हाईवे पर जाम की स्थिति से भी निजात मिलेगी और ईंधन की बचत भी होगी. 

नेशनल हाईवेज पर यातायात को सुगम बनाने और इंधन की बचत के लिहाज से एनएचएआई ने फास्टैग व्यवस्था को सफलतापूर्वक शुरू किया था. अब एनएचएआई ने इसके और आधुनिक रूप यानी नेशनल हाईवेज को टोल प्लाजा फ्री करने की योजना पर काम शुरू किया है तो प्रदेश के पीडब्ल्यूडी महकमे ने रिडकोर और आरएसआरडीसी के माध्यम से स्टेट हाईवेज पर फास्टैग योजना को लागू करने की तैयारी कर ली है. रिडकोर 14 तो आरएसआरडीसी 2 स्टेट हाइवेज पर फास्टैग शुरू करने जा रहा है. हालांकि आरएसआरटीसी को एक टोल प्लाजा पर फास्टैग रीडर सहित अन्य व्यवस्था शुरू करने पर 60 से 70 लाख रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं जबकि यहां दैनिक टोल कलेक्शन एक लाख के आसपास रहता है. फास्टैग के लिए एनएचएआई द्वारा आरएसआरडीसी को प्रति प्लाजा 20 लाख की सब्सिडी दी जा रही. इसके बावजूद यह व्यवस्था प्रदेश के स्टेट हाईवेज पर कितने कारगर साबित होगी इसे लेकर अभी संशय की स्थिति है. एनएचएआई छूट वाले वाहनों को जीरो वैल्यू फास्टैग देता है जबकि आरएसआरडीसी और रिडकोर द्वारा छूट वाले वाहनों को किस तरह से छूट मिलेगी इसे लेकर भी अभी पुख्ता व्यवस्था नहीं हो पाई है. 

बहरहाल राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के बाद प्रदेश के स्टेट हाईवे पर भी टोल प्लाज़ाओं पर फास्टैग प्रणाली शुरू होने जा रही है. रिडकोर प्रदेश के 14 स्टेट हाईवेज पर फास्टैग इसी माह के आखिर में शुरू कर देगा. उसके बाद राजस्थान राज्य सड़क और निर्माण विकास निगम भी दो प्रमुख स्टेट हाईवे पर फास्टैग शुरू करने जा रही है. आरएसआरडीसी जयपुर, भीलवाड़ा वाया मालपुरा, केकड़ी, शाहपुरा मार्ग पर 4 और सीकर लोहारू खंड के 3 टोल प्लाजाओं पर फास्टैग शुरू करने जा रहा है. हालांकि टोलों पर प्रायोगिक तौर पर ही यह प्रोजेक्ट शुरू होगा और सबकुछ सही रहा तो अगले दो माह में यहां पर वाहनों के स्टीकर फास्टैग के मार्फत स्केन होना शुरू हो जाएंगे. इससे समय और धन दोनों की बचत होगी. गौरतलब है कि पीडल्यूडी मंत्री भजन लाल जाटव के निर्देश के बाद स्टेट हाईवेज पर फास्टैग प्रणाली शुरू करने के बारे में बात उठने लगी थी ये नवाचार पीडब्ल्यूडी से शुरू करने के बारे में सबसे पहले प्रस्ताव बनाया गया था, लेकिन व्यवहारिक रूप से पीडब्ल्यूडी की ओर से निर्मित अधिकांश सड़कों पर फास्टैग संभव नहीं था. लिहाजा आरएसआरडीसी के अधीन आने वाली सड़कों को हो फास्टैग के लिए चुना गया. 

आरएसआरडीसी के प्रबंध निदेशक संदीप माथुर ने बताया कि अभी परीक्षण के तौर पर दो स्टेट हाईवेज पर फास्टैग शुरू करने की योजना है इस पर जल्द काम पूरा किया जाएगा. आरएसआरडीसी के फास्टैग प्रोजेक्ट को देख रहे महाप्रबंधक सुभाष आर्य के मुताबिक पूना की बीसोटेक कंपनी को फास्टैग का कॉन्ट्रेक्ट दिया है. कंपनी जल्द ही बैंकों से इस एप्लीकेशन को जोड़ देगी. उसके बाद स्टेट हाईवेज के फास्टैग भी ठीक उसी तरह काम करने लगे जैसे एनएचएआई के हाइवेज पर फास्टैग काम करते हैं. वहीं रिडकोर द्वारा हनुमानगढ़-किशनगढ़ स्टेट हाइवे पर 6 टोल प्लाजा, फलोदी-रामजी का गोल 4 टोल प्लाजा, अलवर-सिकंदरा 2, लालसोट-कोटा 4, बारां-झालावाड़ 1, अलवर-भिवाड़ी 3, झालावार-झालावाड़ रोड, झालावार-उज्जैन, हनुमानगढ़-संगरिया, अरजनसर-पल्लू, खुशखेड़ा-काछोला चौक 1-1, रावतसर-नोहर भादरा 3, गंगापुर-भाडोती और मथुरा-भरतपुर मार्ग पर एक-एक टोल पर फास्टैग शुरू किया जाएगा. 

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