कोरोना को देखते हुए गहलोत सरकार का बड़ा फैसला, अब मोबाइल ओपीडी वैन के जरिए मिलेंगी निशुल्क दवा

कोरोना को देखते हुए गहलोत सरकार का बड़ा फैसला, अब मोबाइल ओपीडी वैन के जरिए मिलेंगी निशुल्क दवा

कोरोना को देखते हुए गहलोत सरकार का बड़ा फैसला, अब मोबाइल ओपीडी वैन के जरिए मिलेंगी निशुल्क दवा

जयपुर: प्रदेश में कोरोना महामारी में आमजन की दिक्कतों को देखते हुए गहलोत सरकार ने एकओर बड़ा फैसला किया है.इसके तहत प्रदेश में चल रही मोबाइल ओपीडी वैनों के जरिए आमजन को न मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना के तहत दी जाने वाली दवाओं का वितरण किया जाएगा बल्कि जरूरी जांचों की सुविधा भी इन वैनों में उपलब्ध कराई जाएगी. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत न सिर्फ कोरोना की रोकथाम को लेकर गंभीर है, बल्कि इस दरमियान आमजन को हो रही दिक्कतों का भी हर संभव समाधान कर रहे है.चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने बताया कि वर्तमान में ज्यादातर अस्पतालों को कोविड फ्री कर दिया गया है.फिर भी सरकार ने प्रदेश भर में चलाई जा रही मोबाइल ओपीडी वैन के जरिए आमजन को और अधिक राहत देने के लिए निशुल्क दवा और जांच योजना की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं.

वर्तमान में कोरोना से होने वाली मृत्युदर 1.4:
उन्होंने बताया कि कोरोना के अलावा बीमारियों के उपचार के लिए प्रदेश में चल रही मोबाइल ओपीडी वैन के जरिए हजारों लोग प्रतिदिन चिकित्सा सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं.कोरोना रोकथाम को लेकर डॉ. शर्मा ने बताया कि प्रदेश में जीवनरक्षक इंजेक्शन की खरीद आरएमएससीएल के द्वारा कर ली गई है.सभी जिला अस्पतालों में ये इंजेक्शन उपलब्ध करवाए जा रहे हैं.उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में कोरोना से होने वाली मृत्युदर 1.4 रह गई है.इस दर को शून्य पर लाने के प्रयास किए जा रहे हैं. चिकित्सा मंत्री ने बताया कि कोरोना में प्लाज्मा थेरेपी अहम पद्धति साबित हुई है.जिन लोगों को थेरेपी दी गई थी, वे अब पूरी तरह स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं.

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लोगों में प्लाज्मा दान के प्रति अब जागरूकता:
उन्होंने बताया कि लोगों में प्लाज्मा दान के प्रति अब जागरूकता आने लगी है.जो लोग कोरोना पॉजिटिव से नेगेटिव हुए हैं, वे आगे आकर अपना प्लाज्मा दान कर रहे हैं.पिछले दिनों झुंझनूं में 48 लोगों ने प्लाज्मा दान किया है.जोधपुर के कलेक्टर ने पॉजिटिव से नेगेटिव होने के बाद प्लाज्मा दान कर लोगों की प्रेरणा बने हैं.जोधपुर में प्लाज्मा कैंप लग रहा है, पाली व अन्य जिलों में व्यापक स्तर पर कैंप आयोजित कर लोगों को प्लाज्मा दान के लिए प्रेरित किया जा रहा है.उन्होंने कोरोना डिफिटर्स से अपील करते हुए कहा कि प्लाज्मा दान देने से कोई परेशानी, कोई कमजोरी नहीं आती लेकिन इस कोशिश से किसी की जिंदगी जरूर बच सकती है.

पॉजिटिव केसेज के मामलों में बढ़ोतरी:
डॉ. शर्मा ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से प्रदेश में पॉजिटिव केसेज के मामलों में बढ़ोतरी हुई लेकिन बढ़ती संख्या के पीछे ज्यादा जांचें होना भी है.प्रदेश में 32 हजार से ज्यादा जांचें प्रतिदिन की जा रही हैं.उन्होंने कहा कि ज्यादा लोग असिंप्टोमेटिक हैं, ऐसे में जितनी ज्यादा जांचें होंगी उतनी ही जल्द हम कोरोना के प्रसार को थाम सकेंगे.उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य बेहतर रिकवरी और कोरोना से होने वाली मृत्युदर को कम करना है.इसके लिए विभाग और सरकार द्वारा कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जा रही है.राज्य में 73-74 फीसद मरीज बेहतर उपचार के बाद ठीक हो रहे हैं, वहीं कोरोना से होने वाली मृत्युदर 1.4 फीसद हो गई है. चिकित्सा मंत्री ने बताया कि क्वारंटीन सुविधाओं के क्रियान्वयन को बेहतर करने के लिए कमेटियों का गठन किया गया था. अब इन कमेटियों को फिर से प्रभावी बनाकर गांव-गांव तक क्वारंटीन व्यवस्था को मजबूती दी जाएगी.उन्होंने बताया कि सभी चिकित्सा अधिकारी, सरपंच, जन प्रतिनिधि व अन्य अधिकारियों को होम क्वारंटीन सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए निर्देश दिए जाएंगे.

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