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अब शहरी क्षेत्रों में भी जल्द लगाए जाएंगे स्वास्थ्य मित्र, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने दी जानकारी

 अब शहरी क्षेत्रों में भी जल्द लगाए जाएंगे स्वास्थ्य मित्र, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने दी जानकारी

जयपुर: राजस्थान में गांवों के बाद अब शहरी क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य मित्रों के चयन का कार्य शुरू किया जाएगा.शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य मित्र चयनित करने काम कोविड के चलते नहीं हो पाया था लेकिन अब इसे जल्द ही शुरू किया जाएगा, ताकि कोरोना काल में स्वास्थ्य मित्रों की सेवाएं ली जा सके.प्रदेश में कोरोना के हालात की समीक्षा के बाद चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. रघु शर्मा ने यह जानकारी दी. आमजन को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने व चिकित्सकीय मदद के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के 80 हजार से ज्यादा स्वास्थ्य मित्रों का चयन किया जा चुका है.

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राज्य में कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी:
चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने बताया कि दूसरे चरण में शहरी क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य मित्रों के चयन का काम प्रारंभ किया जाना था लेकिन कोविड के चलते नहीं कर पाए थे.अब जल्द ही वार्ड वाइज संपूर्ण राज्य के शहरी क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य मित्रों के चयन का कार्य शुरू कर दिया जाएगा.इसके साथ ही कोरोना को लेकर चिकित्सा मंत्री ने बताया कि प्रदेश में कहीं-कहीं सुपर स्प्रेडर्स के चलते राज्य में कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी हुई है.ऐसे मामलों पर नियंत्रण के लिए सुपर स्प्रेडर्स की जांच पर विशेष फोकस किया जाएगा.उन्होंने बताया कि दूध बेचने वाले, सब्जी बेचने, किराना वाले, व्यापारी, डेयरी वाले या जो कोई भी इस श्रेणी में आते हैं, उनकी प्रभावी तरीके से जांच की जाएगी, ताकि संक्रमण का प्रसार रोका जा सके.

अस्पतालों में जल्द ही आक्सीजनयुक्त शैय्याओं में बढोतरी:
चिकित्सा मंत्री ने बताया कि प्रदेश के सभी जिला चिकित्सालय और मेडिकल काॅलेज से संबद्ध अस्पतालों में जल्द ही आक्सीजनयुक्त शैय्याओं में बढोतरी की जाएगी.उन्होेंने कहा कि सरकार का पूरा जोर कोरोना से होने वाली मृत्युदर को कम करने पर है.ऐसे में रात्रि में आक्सीजन का सेचुरेशन कम होने के चलते मरीजों को ज्यादा परेशानी आती है, ऐसे में सभी अस्पतालों में प्रशिक्षित नर्सिंगकर्मी और स्टाफ लगाने के भी निर्देश दिए हैं. उन्होंने बताया कि रात्रिकालीन ड्यूटी देने वाले नर्सिगकर्मियों को प्रोत्साहित करनेे पर भी विचार किया जा रहा है.डाॅ. शर्मा ने बताया कि सरकार की कोशिश है कि कोरोनाकाल व सामान्य दिनों में चिकित्सकों की कोई कमी नहीं रहे.इसके लिए 2 हजार डाॅक्टर्स की भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली गई है.इसमें आने वाली सभी परेशानियों को दूर कर लिया गया है.इन चिकित्सकों की जल्द ही नियुक्ति देने के भी निर्देश दिए जा चुके हैं.इसी तरह 12.5 हजार एएनएम, जीएनएम की भर्ती में करीब 9 हजार को नियुक्ति दी जा चुकी है. शेष मामलों में से करीब 2.5 हजार ऐसे अभ्यर्थियों को चयनित कर उन्हें भी नियुक्ति देने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी, जो किसी भी तरह से न्यायिक प्रक्रिया से संबद्ध नहीं है.

वर्तमान में प्रदेश में 1.4 प्रतिशत मृत्युदर:
डाॅ. शर्मा ने बताया कि प्रदेश में कोरोना से पाॅजिटिव से नेगेटिव होने वाले मरीजों का रेशो देश के दस बड़े राज्यों में बेहतरीन है. प्रदेश की मृत्युदर भी वर्तमान में तेजी से कम हो रही है. वर्तमान में प्रदेश में 1.4 प्रतिशत मृत्युदर है. उन्होंने कहा कि प्लाज्मा थेरेपी को बढ़ावा दिया जा रहा है. 40 हजार की कीमत के जीवनरक्षक इंजेक्शन भी प्र्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं जोकि निशुल्क लगाए जा रहे हैं. सरकार की मंशा यही है कि प्रदेश का कोई भी व्यक्ति कोरोना के चलते मौत का ग्रास ना बने और ज्यादा से ज्यादा कोरोना मरीज पाॅजिटिव से नेगेटिव होकर सामान्य जीवन को जी सकें. इसके लिए रिकवरी प्रतिशत को भी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है.चिकित्सा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में चल रहे सभी राष्ट्रीय कार्यक्रम कोरोना काल में बदस्तूर जारी रहें.उन्होंने कहा कि कोरोना काल में सभी प्रोटोकाॅल की पालना के साथ मातृ-शिशु, टीबी उन्मूलन सहित टीकाकरण व अन्य कार्यक्रम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जा गए हैं. साथ ही आमजन से भी अपील की जाती है कि वे कोरोना की गाइड लाइन की पालना सुनिश्चित करें.

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VIDEO: फ्लाइट्स में अब लौटने लगी रौनक ! नवरात्रि की शुरुआत में एयरपोर्ट पर बढ़ा यात्रीभार

जयपुर: जयपुर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर अब यात्रियों की रौनक पहले की तरह लौटने लगी है. पिछले 7 दिनों में जयपुर एयरपोर्ट पर औसत यात्रीभार में बढ़ोतरी देखी गई है. एक तरफ जहां फ्लाइट्स की संख्या बढ़ी है, वहीं साथ में यात्रीभार भी बढ़ रहा है. खास बात यह है कि सबसे ज्यादा रौनक नवरात्रि के बीते दो दिन में रही है. किन शहरों के लिए है ज्यादा यात्रीभार, कितने यात्री रोज कर रहे आवागमन. देखिए फर्स्ट इंडिया की ये एक्सक्लूसिव रिपोर्ट

जयपुर एयरपोर्ट से रोज 28 फ्लाइट्स का हो रहा डिपार्चर:
कोरोना काल में 25 मई से फ्लाइट्स का संचालन शुरू हुआ था और अब 5 माह में पहली बार ऐसा लगने लगा है जैसे हवाई यात्रा की रौनक वापस लौट रही हो. अब जयपुर एयरपोर्ट से रोजाना संचालित होने वाली फ्लाइट्स की कुल संख्या में बढ़ोतरी दिख रही है. दरअसल सितंबर माह तक कोरोना पीक पर था और इस वजह से यात्रियों में फ्लाइट्स में सफर करने को लेकर डर देखा जा रहा था. अब कोरोना के एक्टिव केसेज की संख्या में लगातार कमी देखी जा रही है. साथ ही देशभर में नए केसेज मिलने की दर भी गिरी है. इस तरह अब हवाई यात्रियों के लिए थोड़ी राहत मिली है. इसके साथ ही देश में अब त्यौहारी सीजन शुरू हो चुका है. नवरात्रि के इस पर्व के साथ ही लोगों की व्यस्तता बढ़ रही है. जयपुर सहित पूरे प्रदेश में पर्यटन सीजन भी धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रहा है. ऐसे में आने वाले दिनों में यात्रीभार में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिलेगी. आपको बता दें कि इससे पहले सितंबर माह में जयपुर एयरपोर्ट से रोज औसतन 26 फ्लाइट्स का संचालन हो रहा था और इस माह अब राेज औसतन 28 फ्लाइट संचालित हो रही हैं. सितंबर के मुकाबले औसत यात्रियों की संख्या भी 4350 से बढ़कर 4850 तक जा पहुंची है. जयपुर एयरपोर्ट से पिछले सप्ताह में कुल 382 फ्लाइट्स का आवागमन हुआ है, जिनके जरिए कुल 33933 यात्रियों ने यात्रा की है.

पिछला सप्ताह कैसा रहा जयपुर एयरपोर्ट पर ?
दिनांक : आगमन : प्रस्थान : कुल यात्री : कुल फ्लाइट
12 अक्टूबर : 2171 यात्री : 2567 यात्री : 4738 यात्री : 56 फ्लाइट
13 अक्टूबर : 1973 यात्री : 2116 यात्री : 4089 यात्री : 56 फ्लाइट
14 अक्टूबर : 2286 यात्री : 1979 यात्री : 4265 यात्री : 46 फ्लाइट
15 अक्टूबर : 2565 यात्री : 2618 यात्री : 5183 यात्री : 58 फ्लाइट
16 अक्टूबर : 2344 यात्री : 2018 यात्री : 4362 यात्री : 50 फ्लाइट
17 अक्टूबर : 3142 यात्री : 2366 यात्री : 5508 यात्री : 60 फ्लाइट
18 अक्टूबर : 3602 यात्री : 2186 यात्री : 5788 यात्री : 56 फ्लाइट

मुम्बई और बेंगलूरु की फ्लाइट्स में यात्रीभार ज्यादा:
यहां यह जानना भी रोचक है कि जयपुर शहरवासी आखिर किन शहरों के लिए सबसे ज्यादा यात्रा करना पसंद कर रहे हैं. दरअसल मौजूदा समय में मुम्बई और कोलकाता सबसे ज्यादा डिमांड में हैं. दोनों ही शहरों के लिए रोज औसतन 5-5 फ्लाइट संचालित हो रही हैं. इसके अलावा बेंगलूरु, दिल्ली और हैदराबाद के लिए भी 4 से 5 फ्लाइट संचालित हो रही हैं. हालांकि सबसे ज्यादा यात्रीभार की बात करें तो मुम्बई और बेंगलूरु की फ्लाइट्स में यात्रीभार ज्यादा है. बड़े शहरों में सबसे कम फ्लाइट चेन्नई के लिए है, जहां के लिए मात्र 1 फ्लाइट ही चल रही है.

किस शहर के लिए रोज औसतन कितनी फ्लाइट ?
- मुम्बई, कोलकाता : रोज 5-5 फ्लाइट
- बेंगलूरु और दिल्ली : रोज 4 से 5 फ्लाइट
- हैदराबाद रोज 4 फ्लाइट
- पुणे, अहमदाबाद : 2-2 फ्लाइट

- इंडिगो 16 फ्लाइट का शेड्यूल : रोज औसतन 13-14 फ्लाइट चल रहीं
- एयर इंडिया 5 फ्लाइट का शेड्यूल : रोज औसतन 2 या 3 फ्लाइट चल रहीं
- स्पाइसजेट का 6 फ्लाइट का शेड्यूल, सभी चल रहीं
- एयर एशिया 5 का शेड्यूल : 2 से 3 चल रहीं
- गो एयर 3 फ्लाइट का शेड्यूल, सभी चल रहीं

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अब प्रदेश में पर्यटन सीजन शुरू हो चुका है और नवंबर माह में यह काफी अच्छा होगा. साथ ही दिवाली के मौके पर भी यात्रीभार में एक साथ बढ़ोतरी होगी. इस बीच 26 अक्टूबर से जयपुर एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स का विंटर शेड्यूल लागू होगा. इसमें 4 से 6 नई फ्लाइट शुरू होने की संभावना है. कुलमिलाकर नवंबर माह के पहले सप्ताह से हवाई यात्रा की रौनक जगमग होने के आसार हैं.

...काशीराम चौधरी, फर्स्ट इंडिया न्यूज, जयपुर

प्रदेश में अब मिलावटखोरों की खैर नहीं, सीएम गहलोत ने आज उठाया बड़ा कदम, 26 अक्टूबर से चलेगा शुद्ध के लिए युद्ध अभियान

प्रदेश में अब मिलावटखोरों की खैर नहीं, सीएम गहलोत ने आज उठाया बड़ा कदम, 26 अक्टूबर से चलेगा शुद्ध के लिए युद्ध अभियान

जयपुर: प्रदेश में अब मिलावटखोरों की खैर नहीं रहेगी. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज अपने आवास पर शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक में प्रदेश में 26 अक्टूबर से ’शुद्ध के लिये युद्ध’ अभियान चलाने का एलान कर दिया. अब पूरे प्रदेश में मिलावटखोरो की धरपकड़ होगी. सीएम गहलोत ने कहा है कि राजस्थान मिलावटखोरी से मुक्ति की दिशा में अलग पहचान बनाएगा.

प्रदेश में अब मिलावटखोरों की खैर नहीं:
-सीएम गहलोत ने आज उठाया बड़ा कदम
-26 अक्टूबर से चलेगा ’शुद्ध के लिये युद्ध’ अभियान
-दूध, दूध से बने पदार्थों, मिठाइयों, मसालों, घी, तेल में मिलावट बर्दाश्त नहीं
-खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई
-सभी जिलों में कलेक्टर के निर्देशन में अभियान चलेगा
-चिकित्सा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, गृह विभाग को जिम्मेदारी
-जिला कलेक्टरों को तुरन्त परिपत्र भेजने के निर्देश दिए
-दूध, घी, तेल, मिठाइयों, मसालों, ड्राई फ्रूट्स में मिलावट पर फोकस
 
शुद्ध के लिए युद्ध अभियान चलाने का फैसला:
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में शुद्ध के लिए युद्ध अभियान चलाने का फैसला किया है. गहलोत ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर एक उच्च-स्तरीय बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूरे प्रदेश में मिलावटखोरी के खिलाफ 26 अक्टूबर से शुद्ध के लिये युद्ध अभियान चलाया जाए, जो त्यौहारी सीजन के दौरान नवंबर माह के अन्त तक चलेगा. राज्य-स्तर पर वरिष्ठ अधिकारियों का ग्रुप बनाकर अभियान का संचालन किया जाएगा. अभियान का फोकस दूध, घी, तेल, मिठाइयों, मसालों, ड्राई फ्रूट्स आदि खाद्य पदार्थों में मिलावट के साथ-साथ खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता तथा पैकेजिंग में मिस-ब्रांडिंग पर रहेगा. संदिग्ध पदार्थों के सैंपल की गुणवत्ता की लैब में तुरन्त जांच करवाकर मिलावटी सामान तैयार करने वाले तथा ऐसे पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. आवश्यकता होने पर एफआईआर भी दर्ज होगी.

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मिलावटखोरों पर कसा जाएगा पूरा शिकंजा:
इस बार मिलावटखोरों पर पूरा शिकंजा कसा जाएगा और सख्त कार्रवाई के लिए यदि आवश्यक हो तो कानून में समुचित संशोधन भी किया जाएगा. इतना ही नहीं सरकार ने संगठित मिलावटखोरों की जानकारी देने पर उचित इनाम देने का भी फैसला किया है और इनके नाम गुप्त रखे जाएंगे.  मुख्यमंत्री ने शुद्ध के लिये युद्ध अभियान की योजना बनाने और उसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला-स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में एक समिति बनाने के निर्देश दिए. यह समिति अभियान का क्रियान्वयन और माॅनिटरिंग भी करेगी. समिति में जिला पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ), जिला रसद अधिकारी, वाणिज्यकर अधिकारी तथा डेयरी विभाग का प्रबंधक निदेशक या अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे. समिति के निर्देशन में कलक्टर द्वारा नामित उप खण्ड अधिकारी अथवा विकास अधिकारी, तहसीलदार अथवा नायब तहसीलदार के नेतृत्व में एक कार्रवाई दल गठित होगा, जो मिलावटखोरों के खिलाफ मौके पर जाकर कार्रवाई करेगा. इस दल में खाद्य सुरक्षा निरीक्षक, बाट एवं मापतोल विभाग, पुलिस तथा डेयरी के अधिकारी भी रहेंगे. राज्य-स्तर पर अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन और नियमित माॅनिटरिंग के लिए वरिष्ठ अधिकारियों का एक उप समूह गठित किया जाए. इस समूह में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा गृह विभागों के प्रमुख शासन सचिव एवं खाद्य एवं आपूर्ति, पशुपालन तथा डेयरी विभागों के शासन सचिव सहित अन्य अधिकारी शामिल होंगे.

26 अक्टूबर से चलेगा 'शुद्ध के लिये युद्ध' अभियान:
-जिला समिति बनाएगी अभियान की योजना
-समिति क्रियान्वयन और माॅनिटरिंग भी करेगी
-कलेक्टर की अध्यक्षता में जिलों में बनेगी कमेटी
-समिति में जिला पुलिस अधीक्षक, सीएमएचओ,
-जिला रसद अधिकारी, वाणिज्यकर अधिकारी तथा
-डेयरी विभाग का प्रबंधक निदेशक शामिल होंगे
-सैंपल की लैब में तुरन्त जांच करवाई जाएगी
-पुलिस एफआईआर दर्ज कर आपराधिक दण्डात्मक कार्रवाई होगी
-मिलावटखोरों की जानकारी देने पर उचित इनाम दिया जाएगा
-राज्य-स्तर पर अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कमेटी बनेगी

मुख्यमंत्री साफ कहा है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, लेकिन इस अभियान की सफलता के लिए यह जरूरी है कि आम लोग भी जागरूक हों और शुद्ध के लिये युद्ध अभियान में सरकार का साथ दें.

जयपुर DCP ईस्ट राहुल जैन को मिली सफलता, 3 शातिर बदमाशों को नाकाबन्दी में दबोचा

 जयपुर DCP ईस्ट राहुल जैन को मिली सफलता, 3 शातिर बदमाशों को नाकाबन्दी में दबोचा

जयपुर: राजधानी जयपुर में बदमाशों को हथियार सप्लाई करने वाली गैंग के तीन बदमाशों को सोमवार को नाकाबंदी करके आदर्श नगर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिए. पकड़े गए तीनों बदमाश अंकुर शर्मा, संजय कुमार व अभिषेक जैन अलवर स्थित बानसूर के रहने वाले है. पुलिस ने तीनों के कब्जे से दो पिस्टल, कारतूस व लग्जरी कार बरामद कर ली. अब पुलिस टीमें आरोपियों से हथियार खरीदने और जयपुर में सप्लाई करने के संबंध में पूछताछ कर रही है.

डीसीपी ईस्ट राहुल जैन बताया कि शहर में शनिवार को लूट की हुई दो घटनाएं और त्यौहारी सीजन के कारण जिले के मुख्य जगहों पर दिन के समय नाकाबंदी करवाई जा रही थी. जिसमें आदर्श नगर थाना पुलिस ने पिंक स्कवायर मॉल के पास नाकाबंदी लगाई थी. इस दौरान बाहर से आई लग्जरी कार को रुकवाकर चैक किया तो कार सवार तीनों युवक एक-दूसरे की तरफ देखने लगे. इस पर पुलिस टीम को शक हुआ तो तीनों को नीचे उतारकर चैक किया तो चालक अंकुर व आगे वाली शीट बैठे युवक के पास दो पिस्टल व पीछे बैठे युवक की जेब में कारतूस रखे मिल गए. उसके बाद टीम ने तीनों को पकड़कर थाने ले आई.

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- जहां पर पूछताछ में सामने आया कि तीनों बदमाश किसी अन्य गैंग के जरिए दिल्ली व यूपी से हथियार लेकर जयपुर और आस-पास के इलाके में बदमाशों को सप्लाई करते है. लग्जरी कार में चलते है. ताकि कहीं पर पुलिस को शक नही हो. अब आरोपियों से हथियार खरीदने वाली गैंग और जयपुर सप्लाई लेने वाले बदमाशों की बारे में पूछताछ की जा रही है.

- पूछताछ में ये भी बताया कि हथियार व कारतूस के तीनों अलग-अलग हिस्सों में करके के शर्ट के अंदर दबाकर बैठते है. ताकि नाकाबंदी के दौरान अगर कार पुलिस चैक करती है पकड़े नही जाए.

...फर्स्ट इंडिया के लिए सत्यनारायण शर्मा की रिपोर्ट

VIDEO: अफ्रीकी चीते बनेंगे राजस्थान की शान! दक्षिण अ​फ्रीका और नामीबिया से चीते लाने की तैयारी, केन्द्र सरकार की अनुमति मिलने का इंतजार

जयपुर: प्रदेश के जंगलात में चीते छलांग भरेंगे ऐसी उम्मीद जगी है. सभी के जेहन में एक ही सवाल है.क्या 70 साल बाद अब चीता बन सकता है राजस्थान की शान? वन विभाग के स्तर पर अफ्रीका से चीता लाने की योजना पर काफी काम हो चुका है. जल्द ही केंद्र की अनुमति मिलने के बाद एअरलिफ्ट कर चीता राजस्थान में लाया जा सकता है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद अब भारत में अफ्रीकी चीता बसाने की  तैयारियों नें ज़ोर पकड़ लिया है. 1948 के आसपास चीता खत्म हो गए थे जिसका मुख्य कारण शिकार एवं हैबिटैट लॉस था. अब अफ्रीकी चीता को भारत में बसाने की हरी झंडी मिल चुकी है जिसमें राजस्थान, मध्यप्रदेश एवं गुजरात के कुछ हिस्से सम्मलित हो सकते हैं वहीं नामीबिया व साउथ अफ्रीका से चीता को एयर लिफ्ट करके लाने की योजना है.

चीता सबसे तेज़ दौड़ने वाले वन्य प्राणियों में से एक:
आपको बता दें कि चीता सबसे तेज़ दौड़ने वाले वन्य प्राणियों में से एक है, यहां चीता के नेचुरल प्रे बेस में केवल काला हिरण और चिंकारा है, इसके साथ ही चीता कुछ छोटे जानवरों का भी शिकार करता है. राजस्थान में शाहगढ़ सहित कई अन्य जगहों पर भी चीता बसाने की चर्चा है. चीता को यदि भारत में बसाना है तो चिंकारा, काला हरिण से भरपूर लंबे ग्रासलैंड चाहिए होते हैं. जानकारी यहाँ तक है कि कुछ भारतीय रिसर्चर अफ्रीकी देशों में जाकर कुछ चीतों को चिन्हित भी कर चुके हैं, एवं कागज़ी कार्रवाई होते ही इन्हें एयर लिफ्ट कर लाना है बस.  भारत में फ़िलहाल बड़ी बिल्लियों में बाघ, एशियाटिक लायन, तेंदुआ मौजूद हैं.

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चीता यहां से 70 साल पहले हो चुका है विलुप्त:
चीता यहां से 70 साल पहले विलुप्त हो चुका है, लेकिन चीता नाम वास्तव में भारतीय नाम ही है, चीता का शाब्दिक अर्थ है चित्ती यानी अंग्रेजी भाषा में स्पॉट, उन काले धब्बों को के कारण ही इस प्रजाति नाम चीता पड़ा और कोलोनियल पीरियड में यह नाम सब जगह फैल गया. हालांकि राजस्थान में तेंदुए को आज भी चीते के नाम से पुकारा जाता है, हालांकि तेंदुए और चीते में काफी फर्क है. भारत में पाया जाने वाला चीता एशियाटिक चीता था,  अफ्रीकी चीते को लाने से पहले ईरान से बात की गई जहां एशियाटिक चीते की प्रजाति अभी तक बची हुई है.

भारत में मिलने वाली तीन में से दो प्रजातियां बाघ और तेंदुए:
लेकिन ईरान के मना करने के बाद अफ्रीकी चीते को भारत में लाने के प्रयास शुरू किए गए मामला सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंच गया, लेकिन अब न्यायालय की हरी झंडी के बाद भारत में चीता लाने की प्रक्रिया लगभग शुरू हो चुकी है. बड़ी बिल्लियों में राजस्थान में फ़िलहाल भारत में मिलने वाली तीन में से दो प्रजातियां बाघ और तेंदुए हैं. यदि यहां चीते को लाया जाता है तो राजस्थान में 70 साल के बाद ये राजस्थान की शान बन सकता है. राजस्थान के अलावा, मध्यप्रदेश के पालपुर कूनो, और नौरादेही सहित गुजरात में भी चीते को बसाने के कुछ स्थान उपयुक्त माने गए हैं. अब देखना ये होगा कि राजस्थान के अधिकारी इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर कैसे उतार पाते हैं.

सरकार ने हाईकोर्ट में हलफनामा पेश कर मांगा 7 दिन का समय, फीस तय करने के लिए कमेटी गठन की भी दी कोर्ट को जानकारी

सरकार ने हाईकोर्ट में हलफनामा पेश कर मांगा 7 दिन का समय, फीस तय करने के लिए कमेटी गठन की भी दी कोर्ट को जानकारी

जयपुर: निजी स्कूलो द्वारा फीस वसूली से जुड़े मामले पर राजस्थान हाईकोर्ट में कल सुनवाई होगी.मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति और जस्टिस सतीश शर्मा की खण्डपीठ इस मामले पर सुनवाई करेगी.सुनवाई से पूर्व राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश महर्षि ने हाईकोर्ट में शपथपत्र पेश किया गया है.सरकार ने शपथ पत्र दाखिल करते हुए निजी स्कूलों की फीस तय करने के लिए कमेटी बनाने की जानकारी देते हुए 7 दिन की मोहलत मांगी है. सरकार ने अपने जवाब में कहा कि सरकार ने मामले में फीस निर्णय के लिए कमेटी गठन कर उससे सात दिन में रिपोर्ट मांगी है.इसलिए कमेटी द्वारा रिपोर्ट आने तक सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया जाये.

हाईकोर्ट में कल होगी मामले पर सुनवाई:
गौरतलब है कि पिछली सुनवाई में 14 अक्टूबर को अदालत ने राज्य सरकार को शपथपत्र पेश करने के आदेश दिये थे.जिसमें निजी स्कूल कोरोनकाल और उसके बाद कितनी फीस और किस तरह से ले सकते हैं इस पर सरकार ने क्या कार्य योजना बनाई है.इसकी जानकारी 19 अक्टूबर को शपथपत्र के जरिए कोर्ट में पेश करने के आदेश दिये थे.इस आदेश की पालना में सरकार ने जवाब पेश किया है.कोर्ट ने मामले पर सुनवाई के लिए 20 अक्टूबर की तारीख की थी. राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश महर्षि ने डीईओ लीगल का सोमवार को शपथ पत्र पेश किया. इस शपथ पत्र में कहा कि सरकार ने एक कमेटी का गठन 16 अक्टूबर को कर दिया है. इस कमेटी से सात दिन में रिपोर्ट मांगी गई है. राज्य सरकार ने कहा कि यह तय है कि 1 नवंबर से पहले स्कूल नहीं खुल रहे हैं ऐसे में किसी भी पक्ष को एक सप्ताह का समय दिए जाने से परेशानी नहीं होगी.

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यह है कमेटी में: 
राज्य सरकार ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक की अध्यक्षता में कमेटी बनाई है. संयुक्त शासन सचिव,शिक्षा, वरिष्ठ संयुक्त विधि परामर्शी, उप शासन सचिव प्रारंभिक शिक्षा को इस कमेटी में सदस्य बनाया गया है.

यह है पूरा मामला:
राज्य सरकार ने कोविड-19 की स्थिति को देखते हुए अपने 2 अलग-अलग सर्कुलर के जरिए फीस स्थगन के आदेश जारी किए थे. जिसे निजी स्कूलों द्वारा हाई कोर्ट की एकलपीठ में चुनौती दी गई. एकलपीठ ने 7 सितम्बर को निजी स्कूलों को 70 फीसदी ट्यूशन फीस चार्ज करने की छूट दे दी. जिसे सरकार व अन्यम ने खंडपीठ में चुनौती दी है.

गहलोत सरकार के जनजागरूकता अभियान का इम्पेक्ट! राजस्थान में कोरोना के बढ़ते आंकड़ों पर लग रहा कुछ ब्रेक

गहलोत सरकार के जनजागरूकता अभियान का इम्पेक्ट! राजस्थान में कोरोना के बढ़ते आंकड़ों पर लग रहा कुछ ब्रेक

जयपुर: कोरोना की चेन तोड़ने के लिए राजस्थान में गहलोत सरकार की नो मास्क नो एंट्री की मुहीम ने रंग दिखाना शुरू कर दिया है.अभियान के सार्थक परिणाम का ही असर है कि राजस्थान में कोरोना के बढ़ते आंकड़ों पर कुछ ब्रेक लगता नजर आ रहा है.चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने इसे लेकर प्रदेश की आवाम को धन्यवाद दिया है और इसी तरह जनता से मास्क पहनकर कोरोना की चेन तोड़ने की अपील की है.

राजस्थान में डेढ़ लाख से ज्यादा लोगों ने कोरोना को हराया:
चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने कहा कि हमारे प्रयासों का ही असर है कि राजस्थान में डेढ़ लाख से ज्यादा लोगों ने कोरोना को अब तक हरा दिया है और राज्य में रिकवरी रेट 85 फीसदी से ज्यादा पहुंच गई है.आपको बता दें कि 2 अक्टूबर से राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बड़े स्तर पर कोरोना को लेकर जन आंदोलन मास्क वितरण को लेकर चलाया था जिसका सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है.

पिछले 11 दिन में रिकॉर्ड 21000 रोगी हो चुके हैं रिकवर:
राज्य में पिछले 11 दिन में रिकॉर्ड 21000 रोगी रिकवर हो चुके हैं.प्रदेश में रिकवरी रेट लगातार बढ़ रही है जबकि नए मरीजों की संख्या अब घटने लगी है.यानी कोरोना का सबसे बुरा दौर संभवत: बीत चुका है.पिछले तीन दिन से नए मरीजों की संख्या में भी गिरावट जारी है.पिछले 11 दिन में रिकॉर्ड 21000 रोगी रिकवर हो चुके हैं.शनिवार को 23 दिन बाद एक दिन में मरीज 2000 से नीचे आकर 1992 तक पहुंचे थे.
 

नगर निगम चुनाव: अंतिम दिन की नामांकन प्रक्रिया हुई शुरू, नामांकन स्थलों पर सुरक्षा चाक-चौबंद

नगर निगम चुनाव: अंतिम दिन की नामांकन प्रक्रिया हुई शुरू, नामांकन स्थलों पर सुरक्षा चाक-चौबंद

जयपुर: राजधानी जयपुर सहित जोधपुर और कोटा के सभी 6 नगर निगमों के 560 वार्डों के लिए आज नामांकन दाखिल करने का आखिरी दिन है. नामांकन स्थलों पर सुरक्षा चाक-चौबंद है. इस बार नामांकन के लिए अलग-अलग चिन्हित की गई है. नामांकन-पत्र सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक दाखिल किए जा सकेंगे. सभी 6 नगर निगमों में लगभग तीन हजार नामांकन-पत्र दाखिल होने की संभावना जताई जा रही है. 

कोरोना गाइड लाइन की सख्ती से पालना कराने के निर्देश: 
वहीं आज नामांकन का आखिरी दिन होने के चलते बड़ी संख्या में नामांकन पत्र दाखिल किए जाएंगे. निर्वाचन आयोग ने कोरोना गाइड लाइन की सख्ती से पालना कराने के निर्देश दिए हैं. नामांकन दाखिल करते समय प्रत्याशियों को कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करना होगा. 

560 वार्डों में होने वाले चुनाव की प्रक्रिया तेजी से चल रही: 
6 नवगठित नगर निगमों में जयपुर हैरिटेज, जयपुर ग्रेटर, जोधपुर उत्तर, जोधपुर दक्षिण, कोटा उत्तर और कोटा दक्षिण के सभी 560 वार्डों में होने वाले चुनाव की प्रक्रिया तेजी से चल रही है. 

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नामांकन पत्रों की जांच 20 अक्टूबर को होगी: 
बता दें कि नामांकन के बाद नामांकन पत्रों की जांच 20 अक्टूबर को होगी और नाम वापसी 22 अक्टूबर को है. चुनाव चिन्हों का आवंटन 23 अक्टूबर को होगा. जयपुर हैरिटेज, जोधपुर उत्तर और कोटा उत्तर के लिए मतदान 29 अक्टूबर को और जयपुर ग्रेटर, जोधपुर दक्षिण और कोटा दक्षिण नगर निगमों में मतदान 1 नवंबर को सुबह 7.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक करवाया जाएगा. मतगणना 3 नवंबर को होगी. 

जयपुर में 25 स्थानों पर नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया चल रही:
राजधानी के दो नगर निगमों जयपुर ग्रेटर और जयपुर हैरिटेज के 250 वार्डों के लिए कोरोना जयपुर में 25 स्थानों पर नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया चल रही है. इनमें जयपुर हैरिटेज के लिए 10 स्थानों पर और ग्रेटर के लिए 15 स्थानों पर नामांकन की प्रक्रिया चल रही है. गौरतलब है कि नगर निगम चुनाव के लिए 14 अक्टूबर से ही नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई थी. 
 

जयपुर: बैंक के बाहर कैश वैन में हुई लूट का खुलासा, मुख्य आरोपी ने कर्जा चुकाने के लिए रची थी साजिश

जयपुर: मानसरोवर रीको एरिया में बैंक के बाहर कैश वैन में हुई लूट का पुलिस ने खुलासा कर दिया. पुलिस ने 3 बदमाशों को पकड़ने के साथ ही 31.50 लाख रुपए बरामद कर लिए हैं. मुख्य आरोपी रिटायर्ड इंजीनियर का बेटा है. पुलिस ने रविवार को आरोपियों को पकड़ लिया. लेकिन 1 आरोपी भाग निकला. 2 हथियार, कार और लूट की राशि बरामद कर ली.

मुख्य आरोपी गौरव सिंह रेस्टोरेंट चलाता था: 
पुलिस की जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी गौरव सिंह रेस्टोरेंट चलाता था. उस पर लाखों का कर्जा हो गया. कर्जा चुकाने के लिए उसने यह साजिश रची. गिरफ्तार आरोपी गौरव सिंह प्रजापति विहार का रहने वाला है. वहीं दूसरा आरोपी विपिन कश्यप बदरपुर नई दिल्ली का रहने वाला है. वारदात में शामिल तीसरा आरोपी फरार हो गया. वहीं इनकी मदद के लिए दिल्ली से आया सौगंध सिंह भी बदरपुर नई दिल्ली का रहने वाला है.

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पत्रकार कॉलोनी मानसरोवर के सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए:
कमिश्नरेट के साउथ जिले के सभी थानों की स्पेशल टीम, सीएसटी बदमाशों को ढूंढने में लगी थी. एडिशनल कमिश्नर अजय पाल लांबा ने बताया कि बदमाशों को पकड़ने के लिए बैंक के बाहर से लेकर दादू दयाल नगर में कार छोड़ने और वहां से पत्रकार कॉलोनी मानसरोवर के सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए. सीसीटीवी फुटेज खंगालने के आधार पर पुलिस पत्रकार कॉलोनी में मुख्य आरोपी गौरव सिंह के घर के बाहर पहुंची. तीनों आरोपी फरार होने के लिए कार में बैठे पुलिस टीम ने जाकर सब को दबोच लिया.

पूछताछ में आरोपियों ने बताया 7 दिन से रैकी कर रहे थे:
पूछताछ में आरोपियों ने बताया 7 दिन से रैकी कर रहे थे. बदमाशों ने आईसीआईसीआई बैंक के अलावा अन्य बैंकों की भी रैकी की थी. उन्होंने शनिवार का दिन इसलिए चुना ताकि छुट्टी की वजह से ज्यादा कैश मिल सके. वहीं वारदात में जो गाड़ी काम में ली गई है वह फाइनेंस पर होना सामने आया है. लेकिन यह गाड़ी कौन लाया और किसकी है इसके बारे में पूछताछ की जा रही है. बदमाशों ने फर्जी नम्बर प्लेट लगाकर चेसिस नम्बर घिस दिए थे.