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राज्य में अब नए 1264 सरपंच बनेंगे, सरकार ने की जमीन तैयार

राज्य में अब नए 1264 सरपंच बनेंगे, सरकार ने की जमीन तैयार

जयपुर: आखिर लंबे इंतजार के बाद राज्य सरकार ने ग्राम पंचायत, पंचायत समितियों के पुनर्गठन की अधिसूचना जारी करके राज्य निर्वाचन आयोग को सौंप दी है. अब आयोग इस पर अपनी एक्सरसाइज करके नई पंचायतों और पंचायत समितियों अनुसार वोटर लिस्ट और पंचायत चुनाव की पूरी प्रक्रिया कराएगा. राज्य निर्वाचन आयुक्त प्रेम सिंह मेहरा ने कहा कि पंचायतों का समय अवधि में ही काम पूरा कराया जाएगा. इसके बाद अब प्रदेश में कुल 11 हजार 152 ग्राम पंचायतें और 346 पंचायत समितियों में चुनाव होंगे. 

राज्य सरकार की जारी नई अधिसूचना के तहत 48 पंचायत समितियां और 1264 नई पंचायतें बनाई गई है. इससे पहले ग्राम पंचायतों का आंकड़ा 9888 और पंचायत समितियां 295 थी. 

- 12 जून 2019 के आदेश के जरिये जिलों से मांगे गए प्रस्ताव
- 23 सितंबर 2019 को हुई कैबिनेट सब कमेटी की पहली बैठक
- 7 नवंबर को अंतिम बैठक की गई. कुल मिलाकर करीब 8 बैठकें की गईं और तब इसके ड्राफ्ट को अंतिम रूप देकर सीएम के अनुमोदन के लिए फाइल सीएमओ भेजी गई.
- कल सीएमओ की ओर से फाइल अनुमोदित होकर आ गई.
- अब 337 ग्राम पंचायतें प्रति जिले का औसत हो गया है. अभी तक 300 ग्राम पंचायतें प्रति जिले का आंकड़ा था.
- इसी तरह अब प्रति जिले 10 पंचायत समितियां हो गईं हैं,लेकिन इससे पूर्व हर जिले में 9 पंचायत समितियां थीं.
- अब 11152 होगी पंचायत की संख्या जबकि प्रदेश में 343 पंचायत समितियां होंगी
- सरकार की पुनर्गठन प्रक्रिया पूर्व पंचायतों का आंकड़ा 9888 
- सरकार की पुनर्गठन प्रक्रिया पूर्व पंचायत समितियों का आंकड़ा 295
- ज्यादातर जनप्रतिनिधियों की राय को समाहित करने की कोशिश की गई है. 

यह रखा था कैबिनेट सब कमेटी ने आधार: 
- 4000 की आबादी पर 1 ग्राम पंचायत बने तो वहीं जबकि ढाई लाख की आबादी पर पंचायत समिति बनेगी.
- 1 तहसील में 2 से ज्यादा पंचायत समितियां नहीं बनने का भी रखा था आधार. 
- इस आधार पर कमेटी ने 1 जगह से 3 समितियां बनाने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया.
 - जैसलमेर जैसे कुछ जिलों में जहां लंबी लंबी दूरियों पर आबादी ज्यादा नहीं हैं वहां जनसंख्या के नियमों में ढील दी गई है. 
- वैसे नियमों के तहत दुर्गम,आदिवासी,कम आबादी वाले मरुस्थलीय इलाकों के लिए 2000 की आबादी पर 1 पंचायत बनाया जाने का प्रावधान है. 
- लेकिन हालात के मद्देनजर कमेटी ने शिथिलता दी है. 

सरकार ने उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट की अध्यक्षता में कैबिनेट सब कमेटी का गठन किया था कैबिनेट सब कमेटी ने जिला कलक्टर द्वारा भेजे गए प्रस्ताव प्रस्ताव का अध्ययन मंथन किया. कैबिनेट समिति कमेटी की करीब 10 मैराथन बैठकों के बाद नई ग्राम पंचायत एवं पंचायत समितियों के पुनर्गठन पर मुहर लग गई. कमेटी ने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को सौंप दी. मुख्यमंत्री की हरी झंडी मिलने के बाद सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी. 

पूरी अधिसूचना का परीक्षण करवाया जा रहा: 
राज्य निर्वाचन आयुक्त प्रेम सिंह मेहरा ने कहा कि नई पंचायतों एवं पंचायत समिति के अनुसार मतदाता सूची में एक से दूसरी पंचायतों में करने की एक्सरसाइज की जाएगी. उन्होंने माना कि उनके पास समय बहुत कम है. समय सीमा के दायरे में ही पूरी कार्रवाई की जाएगी. जिसके बाद पंचायत राज चुनाव का कार्यक्रम जारी होगा. उन्होंने कहा कि पूरी अधिसूचना का परीक्षण करवाया जा रहा है. इसकी जरूरत के मुताबिक यदि अतिरिक्त संसाधन लगाने होंगे तो लगाए जाएंगे और समय सीमा में से पूरा करवाया जाएगा. काम पूरी कार्ययोजना बनाकर किया जाएगा. 

चुनाव तीन चरणों में होने के आसार: 
सब कमेटी में यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल, सामाजिक न्याय मंत्री मास्टर भंवरलाल मेघवाल,राजस्व मंत्री हरीश चौधरी,मंत्री गोविंद डोटासरा शामिल रहे. हालांकि धारीवाल के अंतिम दो बैठकों में शामिल न होने को लेकर भी चर्चाएं रहीं. एसीएस राजेश्वर सिंह ने भी इन बैठकों में हिस्सा लेकर इसमें हुए निर्णयों के आधार पर पुनर्गठन प्लान को व्यवस्थित करने में अहम भूमिका निभाई. यदि अभी पुनर्गठन नहीं होता तो पुराने आधार पर ही राज्य निर्वाचन आयोग को जनवरी-फरवरी में प्रस्तावित चुनाव कराने होते. ये चुनाव तीन चरणों में होने के आसार हैं. पहले चरण में जिन जगहों पर चुनाव होने हैं उन पंचायतों का कार्यकाल 15  से 18 जनवरी के बीच समाप्त हो रहा है.  

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जयपुर: मध्य प्रदेश की तर्ज पर राजस्थान में भी राजनीतिक समीकरण बदलने की कोशिश की जा रही है. इससे पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को प्रेसवार्ता करके बीजेपी पर आरोप लगाया था कि राजस्थान में सरकार गिराने की कोशिश कर रही है. जानकार सूत्रों के मुताबिक राजस्थान के राजनीतिक घटनाक्रम पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) लगातार नजरें बनाए हुए है और पर्दे के पीछे से पार्टी बड़ा गेम खेल रही है. सूत्रों के मुताबिक ITC भारत ग्रैंड होटल एक बार फिर से राजनीति का अखाड़ा बन सकता है.

राहुल से करेंगे सचिन मुलाकात:
इसी बीच कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सचिन पायलट को रविवार शाम को मिलने के लिए बुलाया है. इससे पहले रविवार सुबह राहुल की पायलट से फोन पर बात हुई थी. लेकिन अब जानकार सूत्रों ने खुलासा किया है. सूत्रों ने कहा कि मुलाकात के लिए अभी तक समय तय नहीं हुआ है. इस प्रकार राहुल-पायलट की मुलाकात को लेकर अनिश्चितता का माहौल है. फिर भी यदि राहुल और पायलट की मुलाकात हुई, तो शायद ही कोई नतीजा निकलेगा. या फिर पायलट विधायकों के साथ बीजेपी ज्वॉइन कर सकते है?

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पायलट की राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की मांग:
सूत्रों के अनुसार पायलट की राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की मांग है, लेकिन ये फैसला लेना अकेले राहुल के हाथ में नहीं है. क्योंकि सोनिया, प्रियंका और आलाकमान के अधिकांश सदस्य गहलोत के पक्ष में है. वहीं, सूत्रों के मुताबिक सचिन पायलट से राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद छोड़ने को कहा जा रहा है, जिससे वह नाराज है, जबकि, दूसरी तरफ ये भी खबर सामने आई कि, दूसरा खेमा सीएम बदलने की कोशिश में लगा हुआ. 

दिल्ली पहुंचे 20 से 25 विधायक:
हालांकि, इस पर बयान देते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि सीएम पद के दावेदार भले ही कई हों, लेकिन बनता तो कोई एक ही है. इस बीच राजस्थान एसओजी ने उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को नोटिस भेज करके पूछताछ के लिए बुलाया. इससे पायलट नाराज बताए जा रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक पायलट 20 से 25 विधायक लेकर इस बीच दिल्ली पहुंच गए हैं और पार्टी हाईकमान को सारी स्थितियों से अवगत करा दिया है.

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कोरोना के चलते 15 जुलाई तक राजस्थान हाईकोर्ट पूर्णतया बंद, जोधपुर हाईकोर्ट का स्टॉफ निकला कोरोना पॉजिटिव 

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जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट में कोरोना विस्फोट के चलते अब 15 जुलाई तक हाईकोर्ट को बंद किया गया है.हाईकोर्ट रजिस्ट्रार निर्मलसिंह मेड़तवाल ने नोटिफिकेशन जारी करते हुए 13 से 15 जुलाई तक राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर और जयपुर पीठ के सभी कोर्ट और कार्यालय बंद रखने की जानकारी दी है. जोधपुर हाईकोर्ट के 10 स्टॉफ कोरोना पॉजिटीव पाये जाने के बाद हाईकोर्ट प्रशासन ने ये निर्णय लिया है.इससे पूर्व मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति ने जोधपुर जयुपर हाईकोर्ट के जजो से भी कोरोना को लेकर चर्चा की.

न्यायाधीश के निजी सचिव भी कोरोना संक्रमित:
राजस्थान हाई कोर्ट मुख्य पीठ जोधपुर में सर्वप्रथम एक न्यायाधीश के निजी सचिव के कोरोनावायरस संक्रमित पाया गया था.जिसके बाद उसके संपर्क में आए अन्य निजी सचिव और कोर्ट स्टॉफ के सैंपल लिये गये थे.उसमें भी 9 स्टॉफ कोराना पॉजिटीव पाया गया था.इनमें से 4 न्यायाधिशों के निजी सचिव और अन्य सहयोगी कार्यालय के स्टॉफ शामिल है.ऐसे में जोधुपर हाईकोर्ट के 4 सिटिंग जजो के साथ कोर्ट कर्मचारियों, रजिस्ट्री के अधिकारियों, निजी स्टॉफ को होम क्वारेंटाईन किया गया.साथ ही चिकित्सा विभाग ने हाईकोर्ट प्रशासन के आग्रह जोधपुर हाईकोर्ट के सभी कर्मचारियों, अधिकारियो के साथ साथ अधिवक्ताओं के भी सैपंल लिये जा रहे है.

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विस्फोट के बाद जयपुर हाईकोर्ट में भी शुरू हुआ सैपलिंग:
जोधपुर मुख्यपीठ के स्टॉफ के कोरोना पॉजिटीव पाये जाने के बाद से ही हाईकोर्ट प्रशासन सकते में है.नयायाधीश के निजी सचिव के पॉजिटीव पाये जाने केे चलते अब हाईकोर्ट जजों की सुनवाई के लिए कोर्ट आना भी मुश्किल हो गया है.जोधपुर हाईकोर्ट के जजो की कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आने की सूचना है लेकिन सतर्कता के लिए जयपुर हाईकोर्ट में भी 15 जुलाई तक कार्य स्थगित कर दिया गया है.जयपुर हाईकोर्ट में भी रजिस्ट्री के अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों  और अन्य स्टॉफ की सैपलिंग कि जा रही है.अवकाश के बावजूद शनिवार और रविवार को करीब 100-100 कर्मचारियों के सैपल लिये गये है.शानिवार को लिये गये सैंपल की रिपोर्ट आने से पूर्व ही मुख्य न्यायाधीश के निर्देश पर हाईकोर्ट प्रशासन ने 13 से 15 जुलाई तक कार्य स्थगित कर दिया है.इस दौरान कोर्ट और कार्यालय पूर्ण बंद रहेंगे लेकिन सैपलिंग की जाएगी. 

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...तो सचिन पायलट इन विधायकों के साथ ज्वॉइन कर सकते हैं BJP !

जयपुर: विधायकों के खरीद फरोख्त प्रकरण मामले ने तूल पकडने के बाद राजस्थान की राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है. अब सचिन पायलट प्रकरण पर नया लेटेस्ट अपडेट मिला है. सूत्रों के मुताबिक फिलहाल किसी भी प्रकार के समझौते के मूड में पायलट नहीं है. शनिवार देर रात तक 21 पायलट समर्थक विधायक दिल्ली पहुंच चुके थे. दो दूसरे विधायक भी आस-पास के इलाके में  थे. इस प्रकार कुल 23 विधायक पायलट के खेमे में थे. जबकि पायलट का टारगेट 30 असंतुष्ट कांग्रेसी मंत्रियों-विधायकों को दिल्ली में जुटाने का था. इस प्रकार 7 विधायक शनिवार की मानेसर स्थित ITC भारत होटल की परेड में कम पड़ गए थे. 

12 पायलट समर्थक विधायक जयपुर में:
इन 7 विधायकों के नहीं पहुंचने के बारे में पायलट कैम्प के सूत्रों ने खुलासा किया है. कहा कि गहलोत द्वारा बॉर्डर सील कर दिए जाने के कारण कुल 12 पायलट समर्थक विधायक जयपुर में ही रह गए. अब इन 12 विधायकों में से कम से कम 7 विधायकों के आज किसी भी समय दिल्ली पहुंचने का इंतजार हो रहा. और यदि इस प्रकार ये सभी 30 विधायक कल दिल्ली में मौजूद रहे, तो पायलट इन सभी के साथ भाजपा ज्वॉइन कर सकते है. ऐसी सूरत में गहलोत सरकार को अल्पमत में लाने के लिए पांच विधायकों की कमी रहेगी और इस कमी को पूरा करने के लिए 7 गैर कांग्रेसी विधायकों को पायलट के पक्ष में लाने का जिम्मा जयपुर में अज्ञात शक्तियों ने लिया. अब इन UNKNOWN FORCES के निशाने किशनगढ़बास के 82 वर्षीय विधायक दीपचंद खैरिया, राजगढ़ के 85 वर्षीय विधायक जौहरीलाल मीणा, कठूमर के 70 वर्षीय बीमार चल रहे विधायक बाबूलाल बैरवा, मूलत: भाजपाई और मौजूदा तिजारा के बसपा से कांग्रेस में आए विधायक संदीप यादव,
बानसूर के गुर्जर विधायक शकुंतला रावत, चाकसू के कांग्रेस विधायक वेदप्रकाश सोलंकी और एक विधायक उदयपुर संभाग से हैं.

ज्योतिरादित्य सिंधिया की मौजूदगी में भाजपा के बड़े नेता से मीटिंग:
इनमें से अधिकांश विधायक गहलोत और पायलट दोनों खेमों के संपर्क में है, लेकिन अब गुर्जर समुदाय का जबरदस्त दबाव है. सभी कांग्रेसी और गैर कांग्रेसी गुर्जर विधायकों पर पायलट का समर्थन देने के लिए दबाव है और ये दबाव अब सचमुच काम कर भी रहा है. इसकी पहली कड़ी गुर्जर विधायक डॉ. जितेन्द्र सिंह बने. सूत्रों के अनुसार गहलोत कैम्प में रहते हुए भी इन्होंने अपने समर्थन का पत्र पायलट कैम्प को सौंपा. शनिवार देर रात दिल्ली में एक फॉर्म हाउस पर पायलट की एक महत्वपूर्ण बैठक होनी थी. ज्योतिरादित्य सिंधिया की मौजूदगी में भाजपा के बड़े नेता से मीटिंग होनी थी.

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घटनाक्रम पर भाजपा आलाकमान की पूरी नजर:
सूत्रों के मुताबिक अलबत्ता शनिवार को पायलट की जेपी नड्डा से फोन पर बात होने की खबर मिली है, लेकिन अभी तक इस बारे में शायद भाजपा कोई अंतिम फैसला नहीं कर पाई. क्योंकि अभी तक पायलट REQUIRED NUMBER नहीं जुटा पाए हैं. इस समूचे घटनाक्रम पर भाजपा आलाकमान की पूरी नजर है. पिछले दो दिनों से गजेन्द्र सिंह शेखावत-सतीश पूनिया-राजेन्द्र राठौड़ खासे सक्रिय है, लेकिन वसुंधरा कैम्प ने मौन साध रखा है. अब कुल मिलाकर सब लोगों को एक ही बात का इंतजार है, क्या सचमुच 30 बागी कांग्रेस विधायकों का समर्थन जुटाकर सोमवार को भाजपा में पायलट चले जाएंगे ? वैसे पायलट का खुद का मन शायद एक थर्ड फ्रंट बनाने का है, यदि सचमुच पायलट खेमा भाजपा में चला गया ? तो फिर मध्यप्रदेश पैटर्न पर इन सभी लोगों का "राजनैतिक पुनर्वास" होगा. इनमें से कुछ विधायक बनेंगे मंत्री, कुछ को बोर्ड और कॉर्पोरेशन में चेयरमैन का पद मिलेगा और कुछ दूसरे लोगों के सरकार में पेंडिंग पड़े काम पूरे होंगे.

कांग्रेस आलाकमान नेतृत्व परिवर्तन के मूड में नहीं:
गहलोत सरकार का साथ छोड़कर जाने वाले ऐसे सभी कांग्रेसी और गैर कांग्रेसी विधायकों को उनके निर्वाचन क्षेत्र से विधानसभा का टिकट भी मिलेगा. इस सारे घटनाक्रम पर जानकार सूत्रों ने खुलासा किया. सूत्रों ने कहा कि वैसे तो गहलोत सरकार से निराश होकर कांग्रेस छोड़ने का मन पायलट बना चुके हैं, लेकिन फिर भी कुछ शुभचिंतक और मध्यस्थ  एक आखिरी प्रयास कर रहे. इन प्रयासों के चलते आज राहुल और पायलट के बीच फोन पर लंबी बात हुई, लेकिन पायलट ने राहुल को उनके पुराने वायदे याद दिलाए और फिर से अपनी मांग दोहराई. लेकिन कांग्रेस आलाकमान के अधिकांश नेता नेतृत्व परिवर्तन के मूड में नहीं है.

गहलोत और पायलट कैम्प्स के बीच गतिरोध:
जिस भाषा और जिस ढंग से SOG ने जारी किया नोटिस उस पर भी आपत्ति पायलट ने जताई. ऐसे में अब शायद ही कोई हल मौजूदा राजनीतिक संकट का निकले? फिर भी औपचारिकता के नाते पायलट समर्थक सभी विधायक एक बार सोनिया गांधी से मिल सकते है और अपने "मिशन" में सफलता न मिलने पर ये लोग फिर BJP ज्वॉइन कर सकते है, लेकिन अभी तक न तो इन लोगों ने मांगा सोनिया से समय और न ही सोनिया ने आगे बढ़कर इन लोगों को बुलाया. इस प्रकार गहलोत और पायलट कैम्प्स के बीच गतिरोध अभी भी बरकरार चल रहा है.

अमिताभ बच्चन के बाद ऐश्वर्या राय और आराध्या भी कोरोना पॉजिटिव, जया बच्चन की रिपोर्ट आई नेगेटिव

राजस्थान का मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम! कपिल सिब्बल का दिलचस्प ट्वीट, तो ओम माथुर ने री-ट्वीट कर कसा तंज

जयपुर: राजस्थान में विधायकों के खरीद फरोख्त प्रकरण तूल पकडता जा रहा है. वहीं राजस्थान के मौजूदा राजनीति घटनाक्रम पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल का दिलचस्प ट्वीट सामने आया है. उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा है कि हमारी पार्टी के लिए चिंताजनक है. क्या घोड़ों के अस्तबल से उछलने के बाद ही हम जागेंगे ? और कुछ देर बाद ही सिब्बल के ट्वीट पर बीजेपी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओम माथुर ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने री-ट्वीट करते हुए तंज कसा है. उन्होंने कहा कि जहां हरियाली होगी,वहीं कुलांचे भरने का मज़ा है,सूखे में खुर टूट जाते है. 

विधायक खरीद फरोख्त प्रकरण: मुख्यमंत्री आवास पर बढ़ी हलचल, करीब 20 मंत्री-विधायक पहुंचे सीएम आवास

अंतर्कलह पहले दिन से ही हो गई थी शुरू:
बीजेपी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओम माथुर ने कहा कि सरकार बनने के साथ ही सत्ताधारी पार्टी में  कलह शुरू हो गई थी. कांग्रेस को बीजेपी पर आरोप मढ़ने से पहले अपने घर में झांकना चाहिए. जिसने पांच साल मेहनत की उसे मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया. जो दिल्ली में थे उन्हें सीएम बना दिया गया. उसी दिन से साफ हो गया कि मेहनत किसी और ने की और फल कोई और खा रहा है. इनकी अंतर्कलह पहले दिन से ही शुरू हो गई थी. अभी के सियासी हालात के लिए कांग्रेस को बीजेपी को दोष नहीं देना चाहिए. 

करीब 20 मंत्री-विधायक पहुंचे मुख्यमंत्री आवास:
मुख्यमंत्री आवास पर विधायकों के पहुंचने का सिलसिला जारी है. सीएम गहलोत से मिलने करीब 20 विधायक पहुंचे. इससे पहले शनिवार को सीएम गहलोत जब कैबिनेट मीटिंग कर रहे थे तो, डिप्टी सीएम सचिन पायलट इस बैठक में शामिल नहीं हुए. इस वक्त वो दिल्ली में थे.आपको बता दें कि करीब 20 मंत्री-विधायक मुख्यमंत्री आवास पहुंचे. जिनमें शांति धारीवाल, गोविंद डोटासरा, महेश जोशी, सालेह मोहम्मद, टीकाराम जूली, भंवर सिंह भाटी, भजन लाल जाटव, प्रमोद जैन भया,हरीश चौधरी, महेंद्र चौधरी,बाबूलाल नागर, रामलाल जाट, जोगिंदर अवाना,राजेंद्र गुढ़ा संदीप यादव, लखन मीणा, रफीक खान, जोहरी लाल मीणा, रघुवीर मीना,शकुंतला रावत, मुख्यमंत्री आवास पर पहुंचे.इससे पहले इंटेलिजेंस के अफसर मुख्यमंत्री अवासर पर पहुंचे. मुख्यमंत्री गहलोत को प्रदेश की कानून व्यवस्था की रिपोर्ट देंगे. 

विधायक खरीद फरोख्त प्रकरण: सचिन पायलट को मिल चुका SOG का नोटिस, तब से ही खफा हैं पायलट !

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जयपुर: राजस्थान कांग्रेस में सियासी संकट मामला काफी तूल पकड़ चुका है. विधायक खरीद-फरोख्त प्रकरण मामले में जानकारी मांगने के लिए सचिन पायलट को 10 जुलाई को SOG ने नोटिस भेजा था. सूत्रों के मुताबिक तब से ही सचिन पायलट नाराज बताए जा रहे थे. 

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साथ ही इस प्रकरण पर मुख्यमंत्री गहलोत के पास भी एसओजी ने नोटिस भेजा है. SOG ने जानकारी मांगने के लिए नोटिस भेजा. कुछ विधायकों के पास भी नोटिस पहुंचा है. शनिवार को मुख्यमंत्री गहलोत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी यह बात कही थी कि कानून से ऊपर कोई नहीं, मैं जांच में पूरा सहयोग करूंगा. महेश जोशी, बाबूलाल नागर समेत कई विधायकों को नोटिस भी मिला है.

रमेश मीणा को भी SOG का नोटिस :
विधायकों की खरीद फरोख्त का प्रकरण पर जानकारी मांगने के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रमेश मीणा को भी SOG का नोटिस मिली है. नोटिस मिलने के बाद मीणा ने नाराजगी जताई है. इस मामले पर कैबिनेट मंत्री रमेश मीणा का बयान देते हुए कहा कि ना मेरा नाम शिकायत करने वालों में, ना ही मेरा नाम आरोपियों में, फिर किस बात के लिए यह नोटिस भेजा गया है. आखिर इस तरह बेवजह नोटिस देने का क्या औचित्य है. लोकतंत्र में ऐसी परंपराएं ठीक नहीं, आपस में अविश्वास पैदा होता है. हालांकि मुख्यमंत्री समेत कई विधायकों को SOG का नोटिस पहुंचा है.

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जयपुर: राजस्थान कांग्रेस में सियासी संकट मामला काफी तूल पकड़ता जा रहा है. मुख्यमंत्री आवास पर विधायकों के पहुंचने का सिलसिला जारी है. सीएम गहलोत से मिलने करीब 20 विधायक पहुंचे. इससे पहले शनिवार को सीएम गहलोत जब कैबिनेट मीटिंग कर रहे थे तो, डिप्टी सीएम सचिन पायलट इस बैठक में शामिल नहीं हुए. इस वक्त वो दिल्ली में थे.

करीब 20 मंत्री-विधायक पहुंचे मुख्यमंत्री आवास:
आपको बता दें कि करीब 20 मंत्री-विधायक मुख्यमंत्री आवास पहुंचे. जिनमें शांति धारीवाल, गोविंद डोटासरा, महेश जोशी, सालेह मोहम्मद, टीकाराम जूली, भंवर सिंह भाटी, भजन लाल जाटव, प्रमोद जैन भया,हरीश चौधरी, महेंद्र चौधरी,बाबूलाल नागर, रामलाल जाट, जोगिंदर अवाना,राजेंद्र गुढ़ा संदीप यादव, लखन मीणा, रफीक खान, जोहरी लाल मीणा, रघुवीर मीना,शकुंतला रावत, मुख्यमंत्री आवास पर पहुंचे.इससे पहले इंटेलिजेंस के अफसर मुख्यमंत्री अवासर पर पहुंचे. मुख्यमंत्री गहलोत को प्रदेश की कानून व्यवस्था की रिपोर्ट देंगे. वहीं एसओजी के अधिकारियों के भी पहुंचे की चर्चा है.

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शनिवार को भी इन मंत्रियों और विधायकों ने की सीएम से मुलाकात: 
राजस्थान में विधायकों की खरीद-फरोख्त के जरिए सरकार गिराने की साजिश के खुलासे के बाद राजस्थान सरकार के मंत्रियों और विधायकों ने शनिवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात की. मुख्यमंत्री आवास पर हुई मुलाकात में एक दर्जन मंत्री और एक दर्जन विधायक मौजूद रहे. बसपा से आए 6 में से 4 विधायक और आधा दर्जन से अधिक निर्दलीय विधायक सीएम से मिले. मुख्यमंत्री से करने वालों में चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा, यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल, परिवहन मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास, चिकित्सा राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग, श्रम मंत्री टीकाराम जूली, महिला बाल विकास विभाग मंत्री ममता भूपेश, खेल मंत्री अशोक चांदना, मुख्य सचेतक महेश जोशी, उप मुख्य सचेतक महेंद्र चौधरी शामिल रहे. 

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विधायक खरीद फरोख्त प्रकरण: मुख्यमंत्री आवास पर बढ़ी हलचल, करीब 20 मंत्री-विधायक पहुंचे सीएम आवास

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जयपुर: राजस्थान कांग्रेस में सियासी संकट मामला काफी तूल पकड़ता जा रहा है. मुख्यमंत्री आवास पर विधायकों के पहुंचने का सिलसिला जारी है. सीएम गहलोत से मिलने करीब 20 विधायक पहुंचे. इससे पहले शनिवार को सीएम गहलोत जब कैबिनेट मीटिंग कर रहे थे तो, डिप्टी सीएम सचिन पायलट इस बैठक में शामिल नहीं हुए. इस वक्त वो दिल्ली में थे.

करीब 20 मंत्री-विधायक पहुंचे मुख्यमंत्री आवास:
आपको बता दें कि करीब 20 मंत्री-विधायक मुख्यमंत्री आवास पहुंचे. जिनमें शांति धारीवाल, गोविंद डोटासरा, महेश जोशी, सालेह मोहम्मद, टीकाराम जूली, भंवर सिंह भाटी, भजन लाल जाटव, प्रमोद जैन भया,हरीश चौधरी, महेंद्र चौधरी,बाबूलाल नागर, रामलाल जाट, जोगिंदर अवाना,राजेंद्र गुढ़ा संदीप यादव, लखन मीणा, रफीक खान, जोहरी लाल मीणा, रघुवीर मीना,शकुंतला रावत, मुख्यमंत्री आवास पर पहुंचे.इससे पहले इंटेलिजेंस के अफसर मुख्यमंत्री अवासर पर पहुंचे. मुख्यमंत्री गहलोत को प्रदेश की कानून व्यवस्था की रिपोर्ट देंगे. वहीं एसओजी के अधिकारियों के भी पहुंचे की चर्चा है.

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शनिवार को भी इन मंत्रियों और विधायकों ने की सीएम से मुलाकात: 
राजस्थान में विधायकों की खरीद-फरोख्त के जरिए सरकार गिराने की साजिश के खुलासे के बाद राजस्थान सरकार के मंत्रियों और विधायकों ने शनिवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात की. मुख्यमंत्री आवास पर हुई मुलाकात में एक दर्जन मंत्री और एक दर्जन विधायक मौजूद रहे. बसपा से आए 6 में से 4 विधायक और आधा दर्जन से अधिक निर्दलीय विधायक सीएम से मिले. मुख्यमंत्री से करने वालों में चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा, यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल, परिवहन मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास, चिकित्सा राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग, श्रम मंत्री टीकाराम जूली, महिला बाल विकास विभाग मंत्री ममता भूपेश, खेल मंत्री अशोक चांदना, मुख्य सचेतक महेश जोशी, उप मुख्य सचेतक महेंद्र चौधरी शामिल रहे. 

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