राज्य में अब नए 1264 सरपंच बनेंगे, सरकार ने की जमीन तैयार

Dr. Rituraj Sharma Published Date 2019/11/17 10:11

जयपुर: आखिर लंबे इंतजार के बाद राज्य सरकार ने ग्राम पंचायत, पंचायत समितियों के पुनर्गठन की अधिसूचना जारी करके राज्य निर्वाचन आयोग को सौंप दी है. अब आयोग इस पर अपनी एक्सरसाइज करके नई पंचायतों और पंचायत समितियों अनुसार वोटर लिस्ट और पंचायत चुनाव की पूरी प्रक्रिया कराएगा. राज्य निर्वाचन आयुक्त प्रेम सिंह मेहरा ने कहा कि पंचायतों का समय अवधि में ही काम पूरा कराया जाएगा. इसके बाद अब प्रदेश में कुल 11 हजार 152 ग्राम पंचायतें और 346 पंचायत समितियों में चुनाव होंगे. 

राज्य सरकार की जारी नई अधिसूचना के तहत 48 पंचायत समितियां और 1264 नई पंचायतें बनाई गई है. इससे पहले ग्राम पंचायतों का आंकड़ा 9888 और पंचायत समितियां 295 थी. 

- 12 जून 2019 के आदेश के जरिये जिलों से मांगे गए प्रस्ताव
- 23 सितंबर 2019 को हुई कैबिनेट सब कमेटी की पहली बैठक
- 7 नवंबर को अंतिम बैठक की गई. कुल मिलाकर करीब 8 बैठकें की गईं और तब इसके ड्राफ्ट को अंतिम रूप देकर सीएम के अनुमोदन के लिए फाइल सीएमओ भेजी गई.
- कल सीएमओ की ओर से फाइल अनुमोदित होकर आ गई.
- अब 337 ग्राम पंचायतें प्रति जिले का औसत हो गया है. अभी तक 300 ग्राम पंचायतें प्रति जिले का आंकड़ा था.
- इसी तरह अब प्रति जिले 10 पंचायत समितियां हो गईं हैं,लेकिन इससे पूर्व हर जिले में 9 पंचायत समितियां थीं.
- अब 11152 होगी पंचायत की संख्या जबकि प्रदेश में 343 पंचायत समितियां होंगी
- सरकार की पुनर्गठन प्रक्रिया पूर्व पंचायतों का आंकड़ा 9888 
- सरकार की पुनर्गठन प्रक्रिया पूर्व पंचायत समितियों का आंकड़ा 295
- ज्यादातर जनप्रतिनिधियों की राय को समाहित करने की कोशिश की गई है. 

यह रखा था कैबिनेट सब कमेटी ने आधार: 
- 4000 की आबादी पर 1 ग्राम पंचायत बने तो वहीं जबकि ढाई लाख की आबादी पर पंचायत समिति बनेगी.
- 1 तहसील में 2 से ज्यादा पंचायत समितियां नहीं बनने का भी रखा था आधार. 
- इस आधार पर कमेटी ने 1 जगह से 3 समितियां बनाने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया.
 - जैसलमेर जैसे कुछ जिलों में जहां लंबी लंबी दूरियों पर आबादी ज्यादा नहीं हैं वहां जनसंख्या के नियमों में ढील दी गई है. 
- वैसे नियमों के तहत दुर्गम,आदिवासी,कम आबादी वाले मरुस्थलीय इलाकों के लिए 2000 की आबादी पर 1 पंचायत बनाया जाने का प्रावधान है. 
- लेकिन हालात के मद्देनजर कमेटी ने शिथिलता दी है. 

सरकार ने उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट की अध्यक्षता में कैबिनेट सब कमेटी का गठन किया था कैबिनेट सब कमेटी ने जिला कलक्टर द्वारा भेजे गए प्रस्ताव प्रस्ताव का अध्ययन मंथन किया. कैबिनेट समिति कमेटी की करीब 10 मैराथन बैठकों के बाद नई ग्राम पंचायत एवं पंचायत समितियों के पुनर्गठन पर मुहर लग गई. कमेटी ने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को सौंप दी. मुख्यमंत्री की हरी झंडी मिलने के बाद सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी. 

पूरी अधिसूचना का परीक्षण करवाया जा रहा: 
राज्य निर्वाचन आयुक्त प्रेम सिंह मेहरा ने कहा कि नई पंचायतों एवं पंचायत समिति के अनुसार मतदाता सूची में एक से दूसरी पंचायतों में करने की एक्सरसाइज की जाएगी. उन्होंने माना कि उनके पास समय बहुत कम है. समय सीमा के दायरे में ही पूरी कार्रवाई की जाएगी. जिसके बाद पंचायत राज चुनाव का कार्यक्रम जारी होगा. उन्होंने कहा कि पूरी अधिसूचना का परीक्षण करवाया जा रहा है. इसकी जरूरत के मुताबिक यदि अतिरिक्त संसाधन लगाने होंगे तो लगाए जाएंगे और समय सीमा में से पूरा करवाया जाएगा. काम पूरी कार्ययोजना बनाकर किया जाएगा. 

चुनाव तीन चरणों में होने के आसार: 
सब कमेटी में यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल, सामाजिक न्याय मंत्री मास्टर भंवरलाल मेघवाल,राजस्व मंत्री हरीश चौधरी,मंत्री गोविंद डोटासरा शामिल रहे. हालांकि धारीवाल के अंतिम दो बैठकों में शामिल न होने को लेकर भी चर्चाएं रहीं. एसीएस राजेश्वर सिंह ने भी इन बैठकों में हिस्सा लेकर इसमें हुए निर्णयों के आधार पर पुनर्गठन प्लान को व्यवस्थित करने में अहम भूमिका निभाई. यदि अभी पुनर्गठन नहीं होता तो पुराने आधार पर ही राज्य निर्वाचन आयोग को जनवरी-फरवरी में प्रस्तावित चुनाव कराने होते. ये चुनाव तीन चरणों में होने के आसार हैं. पहले चरण में जिन जगहों पर चुनाव होने हैं उन पंचायतों का कार्यकाल 15  से 18 जनवरी के बीच समाप्त हो रहा है.  

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