अब नई आफत: चक्रवात में बदल सकता है बंगाल की खाड़ी में बन रहा तूफान Yas, Odisha और Bengal समेत 5 राज्यों में हाई अलर्ट

 अब नई आफत: चक्रवात में बदल सकता है बंगाल की खाड़ी में बन रहा तूफान Yas, Odisha और Bengal समेत 5 राज्यों में हाई अलर्ट

 अब नई आफत: चक्रवात में बदल सकता है बंगाल की खाड़ी में बन रहा तूफान Yas, Odisha और Bengal समेत 5 राज्यों में हाई अलर्ट

कोलकाता/ भुवनेश्वर: कोरोना, ताऊते (Corona, Taute) के बाद अब एक और नई आफत.  बंगाल की खाड़ी (Bay Of Bengal) में एक नया तूफान बन रहा है जिसे यास नाम दिया गया है. विभागीय सूचना (Departmental Information) के अनुसार वैसे तो यास एक सामान्य तूफान है किंतु आज हवाओं के कारण ये चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है. ऐसे में ओडिशा और बंगाल सहित पांच राज्यों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. 

ओमान ने दिया इस तूफान को यास नाम:
बंगाल की खाड़ी में बन रहा तूफान आज चक्रवाती तूफान (Cyclonic Storm) में बदल सकता है. अगर यह चक्रवाती तूफान में बदला, तो इसका नाम यास होगा. ओमान (Oman) ने इसका नाम तय किया है. इसे लेकर पूर्वी तट पर बचाव की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. इस लेकर आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और अंडमान-निकोबार (Andaman and Nicobar) में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है.

बंगाल और ओडिशा पर सबसे ज्यादा असर, आ सकती है बाढ़:
तूफान का असर सबसे ज्यादा बंगाल (West Bengal) और ओडिशा (Odisha) पर पड़ेगा. वहीं, अंडमान और निकोबार और पूर्वी तट के कुछ इलाकों में तेज बारिश होने की संभावना है. इससे बाढ़ का खतरा भी बन सकता है. इधर, ओडिशा सरकार ने तूफान के संभावित खतरे को देखते हुए अपने 30 से 40 जिलों को अलर्ट जारी कर दिया है. इधर, ओडिशा सरकार ने तूफान के संभावित खतरे को देखते हुए अपने 30 से 40 जिलों को अलर्ट जारी कर दिया है.

26 मई को ओडिशा-बंगाल के तटों से टकरा सकता है:
इससे पहले मौसम विभाग (Weather Department) ने गुरुवार को कहा था कि 22 मई को बंगाल की खाड़ी के पूर्वी मध्य हिस्से पर एक कम दबाव का क्षेत्र बनेगा, जो चक्रवाती तूफान में बदल सकता है. यह 26 मई को ओडिशा-पश्चिम बंगाल के तटों से टकरा सकता है. 

पांच राज्यों में हाई अलर्ट:
बंगाल की खाड़ी में बन रहा तूफान आज चक्रवाती तूफान में बदल सकता है. अगर यह चक्रवाती तूफान में बदला, तो इसका नाम यास होगा. ओमान ने इसका नाम तय किया है. इसे लेकर पूर्वी तट (East Coast) पर बचाव की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. इस लेकर आंध्र प्रदेश, ओडीशा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और अंडमान-निकोबार में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है.

बंगाल और ओडिशा पर सबसे ज्यादा असर:
तूफान का असर सबसे ज्यादा बंगाल और ओडिशा पर पड़ेगा. वहीं, अंडमान और निकोबार और पूर्वी तट के कुछ इलाकों में तेज बारिश (Heavy Rain) होने की संभावना है. इससे बाढ़ का खतरा भी बन सकता है.

पूर्वी तटों पर मछली पकड़ने पर रोक, मछुआरों को भेजा जा रहा अलर्ट:
पूर्वी तटों पर मछली पकड़ने (Fishing) पर रोक लगा दी है. कोस्ट गार्ड डोर्नियर एयरक्राफ्ट (Coast Guard Dornier Aircraft) और शिप (Ship) भी समुद्र में काम कर रहे मछुआरों को मौसम से जुड़ी जानकारी प्रसारित कर रहे हैं. इसके अलावा उन्हें पास के बंदरगाह पर लौटने के निर्देश दिए जा रहे हैं. ICG की तरफ से आसपास के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से बंदरगाहों (Ports) पर मौजूद लोगों की जानकारी रखने की अपील की गई है.

 

लगातार मौसम पर रखी जा रही निगरानी:
ICG के प्रवक्ता के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में मौसम पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. तमिलनाडु, पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल के अलावा अंडमान और निकोबार द्वीपों में ICG रिमोट ऑपरेटिंग स्टेशन (ICG Remote Operating Station) (ROS) की मदद से अलर्ट भेजे जा रहे हैं.

अस्पतालों में शिफ्टिंग का एडवांस प्लान तैयार करें:
इमरजेंसी कमांड सिस्टम (Emergency Command System) और इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (Emergency Operation Center) और कंट्रोल रूम (Control Room) को तुरंत एक्टिव (Active) करें. नोडल अफसर (Nodel Officers) तैनात करें और उसकी कॉन्टैक्ट डिटेल (Contact Detail) स्वास्थ्य मंत्रालय (Ministry of Health) को उपलब्ध कराएं. तटवर्ती राज्यों के सभी जिलों में हॉस्पिटल डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान (Hospital Disaster Management Plan) को शुरू कर दें. इन जिलों के अस्पतालों में आपातकालीन स्थितियों के लिहाज से तैयारियों का रिव्यू भी कर लिया जाए. जो इलाके तूफान के रास्ते में आ रहे हैं, वहां के सामुदायिक चिकित्सा केंद्रों (Community Medical Centers) और अस्पतालों से मरीजों की ऊंचाई वाले इलाकों के बड़े अस्पतालों में शिफ्टिंग का एडवांस प्लान तैयार कर लें.

पर्याप्त मैन पावर होनी चाहिए:
कोविड मैनेजमेंट (Covid Management) के लिए निगरानी यूनिट, स्वास्थ्य टीमों (Monitoring Unit, Health Teams) को भी महामारी के अलावा डेंगू, मलेरिया, सर्दी-खांसी, चेचक (Apart from Dengue, Malaria, Cold Cough, Smallpox) जैसी बीमारियों के लिए तैयार रहने को कहें. तूफान प्रभावित इलाकों में सभी स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में, इनमें कोविड सेंटर्स भी शामिल हैं, पर्याप्त मैन पावर होनी चाहिए. ये सभी केंद्र पूरी तरह से फंक्शनल होने चाहिए. मैन पावर की कमी को प्रभावित न होने वाले जिलों से पूरा कर लिया जाए. 

जरूरी दवाओं का स्टॉक पहले से जमा करें:
प्रभावित इलाकों के अस्पतालों, लैब और वैक्सीन कोल्ड चेन, ऑक्सीजन प्रोडक्शन यूनिट (Oxygen Production Unit) और दूसरी सपोर्टिव मेडिकल फैसिलिटीज (Supporting Medical Facilities) में पर्याप्त पावर बैकअप हो. इसके अलावा इन अस्पतालों में बिजली-पानी और ईंधन की भी पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए. तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण आवागमन प्रभावित हो सकता है. इमरजेंसी को ध्यान में रखते हुए जरूरी दवाओं का स्टॉक पहले से जमा कर लें. ORS, क्लोरीन टैबलेट, ब्लीचिंग पाउडर (ORS, Chlorine Tablets, Bleaching Powder) और कोरोना के इलाज में लगने वाले दूसरे ड्रग की व्यवस्था कर ली जाए. कोविड और नॉन कोविड, दोनों तरह के अस्पतालों के लिए ये कदम जरूरी हैं.

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