VIDEO: कोविड फ्री होने की राह पर संवेदनशील परकोटा, जयपुर के रामगंज में अब सिर्फ तीन एक्टिव केस

जयपुर: देशभर में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच राजस्थान के सबसे बड़े कोरोना एपिक सेन्टर रामगंज से राहत की खबर है. राजधानी जयपुर का रामगंज इलाका कोरोना फ्री होने की राह पर है.जी हां ये कोई हमारा दावा नहीं, बल्कि चिकित्सा विभाग की रिपोर्ट की बानगी है.रामगंज में 666 कोरोना मरीजों की तुलना में अब सिर्फ तीन एक्टिव केस बचे है.अब इसे चिकित्सा विभाग की मेहतन कहे या फिर सरकार के प्रयास, जिसके चलते रामगंज का मॉडल सभी के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है.

परकोटा क्षेत्र में राहत की खबर:
कोरोना महामारी में परकोटा क्षेत्र में राहत की खबर है.अनलॉक के बाद जहां शहर के अन्य क्षेत्रों में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़ रही है, वहीं रामगंज इलाके में  कोविड-19 मरीजों की बढ़ती संख्या पर ब्रेक लगा है.तीन महीने पहले जहां रामगंज क्षेत्र में कोरोना विस्फोट हुआ और एक के बाद एक कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ती जा रही थी.पूरे इलाके में तनाव भरा माहौल बन चुका था.लेकिन अब वहां कोरोना की दूसरी तस्वीर उभर नहीं है.तीन महीने पहले रामगंज क्षेत्र में 521 कोरोना पॉजिटिव मरीज थे,वहीं अब घटकर मात्र 3 ही एक्टिव केस है.यह सब संभव हुआ है चिकित्सा विभाग के एक्शन प्लान से.26 मार्च को रामगंज में पहला कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद चिकित्सा विभाग ने संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए युद्व स्तर पर प्रयास शुरू किए.संक्रमितों की पहचान करने की शुरुआत घर-घर सर्वे से की.इसके बाद मास सैम्पलिंग, केस की एक्टिव ट्रेकिंग और पूरे इलाके को सील किया गया.ताकि लोग घरों से बाहर नहीं निकले.इस सख्ती के अब सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे है.

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थ्री लेयर स्क्रीनिंग से परकोट में कोरोना का थमा कहर:
-सबसे पहले आशा सहयोगिनियों द्वारा उम्रदराज लोग, गर्भवती महिलाओं और बच्चों की जांच कर संदिग्धों की सूची बनाई गई
-इसके बाद एएनएम की टीमों ने पल्स ऑक्सीमीटर से लोगों की जांच की और संदिग्धों को फिर से चिन्हित किया....इनमें लंग्स, हार्ट, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और अन्य बीमारियों के मरीज थे
-इसके बाद चिकित्सकों ने इन लोगों को आइडेंटिफाइ किया

कोविड काल में चिकित्सा टीमों की मेहनत की बानगी:
-आंकड़ों के अनुसार मार्च से रामगंज क्षेत्र में 10976 टीमों की ओर से 3084948 लोगों की स्क्रीनिंग की
-इसमें 114781 लोग हाइरिस्क में पाए गए, जिनमें 21659 लोगों की पल्स ऑक्सीमीटर से एएनएम ने स्क्रीनिंग की.7474 लोगों की चिकित्सकों ने स्क्रीनिंग की.
-इस स्क्रीनिंग के दौरान 4439 आइएलआइ के मरीज ढूंढे गए, जिनकी जांच कराई गई तो काफी तादात में मरीज पॉजिटिव निकले.
-लेकिन टीमों ने हार नहीं मानी और जिस व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आई उस कोरोना पॉजिटिव मरीज के घर कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग की गई एवं क्लॉज कॉन्टेक्ट को क्वॉरंटीन किया गया.
-क्वॉरंटीन लोगों की भी सैम्पलिंग कर कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोका गया. 
-अभी तक रामंगज क्षेत्र के 666 कोरोना पॉजिटिव मरीजों के सम्पर्क में आने वाले 3000 से अधिक लोगों को क्वॉरंटीन कर उनकी सैम्पलिंग की गई.
-इस प्रकार आईएलआई, हाइरिस्क और पॉजिटिव के कॉन्टेक्ट की इस क्षेत्र में 15000 से अधिक सैम्पलिंग की जा चुकी है.

चिकित्सा विभाग की राजधानी जयपुर की इलाके वार सूची पर गौर फरमाए तो न सिर्फ रामगंज, बल्कि पूरे परकोटे इलाके में ही कोरोना के मरीजों की संख्या में कमी देखी जा रही है.हालांकि, विरोधी इसे कम सैम्पलिंग से जोड़कर देख रहे है, लेकिन अधिकारियों की माने तो अभी भी रोजाना 100 से 200 सैम्पल अकेले रामगंज से उठाए जा रहे है.

चारदिवारी में अब सिर्फ 45 बचे एक्टिव केस:
-रामगज थाना क्षेत्र में 666 पॉजिटिव मरीजों में से 640 नेगेटिव,  23 की मौत, अब सिर्फ तीन एक्टिव केस
-नाहरगढ़ थाना क्षेत्र में 51 पॉजिटिव मरीजों में से 44 नेगेटिव,  3 की मौत, अब सिर्फ 4 एक्टिव केस
-सुभाष चौक थाना क्षेत्र में 102 पॉजिटिव मरीजों में से 90 नेगेटिव,  11 की मौत, अब सिर्फ 1 एक्टिव केस
-माणक चौक थाना क्षेत्र में 127 पॉजिटिव मरीजों में से 105 नेगेटिव,  6 की मौत, अब सिर्फ 16 एक्टिव केस
-ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र में 37 पॉजिटिव मरीजों में से 29 नेगेटिव,  1 की मौत, अब सिर्फ 7 एक्टिव केस
-कोतवाली थाना क्षेत्र में 151 पॉजिटिव मरीजों में से 121 नेगेटिव,  16 की मौत, अब सिर्फ 14 एक्टिव केस

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अभी सर्विलांस और जागरूकता की जरूरत:
राजधानी जयपुर का परकोटा भले ही देशभर में मॉडल के रूप में उभर रहा हो.कई दूसरे राज्य यहां की एक्टिविटी को अपना रहे हो, लेकिन जिस गति से जुलाई माह में फिर से कोरोना के केस बढ़े है, उसको देखते हुए अभी सर्विलांस और जागरूकता की जरूरत है.जरा सी लापरवाही से बड़ा कोरोना विस्फोट बनने में देर नहीं लगती है.ऐसे में उम्मीद ये है कि चिकित्सा और पुलिस की टीमें अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाती रहेगी, साथ ही लोग भी जागरूकता का परिचय देंगे.ऐसा हुआ तो कोरोना पर न सिर्फ परकोटा, बल्कि पूरे प्रदेश में जीत हासिल की जा सकेगी.

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