VIDEO: अनलॉक के बाद बढ़ने लगी पर्यटकों की संख्या, 16-30 जून के बीच 25,916 पर्यटक आए राजस्थान

VIDEO: अनलॉक के बाद बढ़ने लगी पर्यटकों की संख्या, 16-30 जून के बीच 25,916 पर्यटक आए राजस्थान

जयपुर: कोरोना ने पर्यटन को झकझोर कर रख दिया था, लेकिन अनलॉक के साथ ही प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर रौनक लौटने लगी है. अनलॉक के पहले पखवाड़े में ऑफ सीजन के बाद भी 25 हजार से ज्यादा सैलानियों ने पर्यटनस्थलों का भ्रमण किया. इससे एक बात साफ हो गई कि हमारी विरासत को न तो कोई आतताई नष्ट कर सका न ही कोई वायरस उसका कुछ बिगाड़ सकता है. 

16 जून से 30 जून तक पर्यटक संख्या:

नाम    

पर्यटक

आमेर    

5834

नाहरगढ        

4251

हवामहल    

3761

जंतर मंतर    

2664

अल्बर्ट हॉल    

2467

सिसोदिया रानी का बाग

149

ईसरलाट      

130

विद्याधर का बाग  

22

कुल

19278

शेष राजस्थान के स्मारक

6638

महायोग    

25916

 प्रदेश के तमाम पर्यटनस्थल रहे कोरोना के चलते बन्द:

कोरोना की पहली लहर से पर्यटन सेक्टर बुरी तरह प्रभावित हुआ था लेकिन दूसरी लहर ने तो पर्यटन ढांचे की चूलें हिला दी. करीब 61 दिन तक प्रदेश के तमाम पर्यटनस्थल कोरोना के चलते बन्द रहे. इनमें केन्द्र के पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अधीन आने वाले 164 और राज्य के पुरातत्व विभाग के अधीन आने वाले 33 स्मारक शामिल हैं. मन्दिर, मस्जिद, गुरुद्वारे सहित तमाम धार्मिक स्थल भी बंद रहे और अंतरराष्ट्रीय उड़ाने तो पूरी तरहबन्द रही. नतीजतन प्रदेश के पर्यटनस्थलों पर सन्नाटा पसरा रहा. इसका परिणाम यह रहा कि पर्यटन परनिर्भर उद्योग जिनमें होटल, रिसॉर्ट, ट्रांसपोर्ट, कैटरिंग, रेस्टोरेंट, बार, टैक्सी संचालक, गाइड, हॉकर, वेंडर और सफारी कराने वालों सहित तमाम स्टेकहोल्डर्स को भारी नुकसान उठाना पड़ा. 

विश्व विरासत में शुमार आमेर में सुनाई दी हाथियों की पदचाप :

हजारों लोग बेरोजगार हो गए, बहुत सी यूनिट्स बंद करनी पड़ी. अब कोरोना कंट्रोल हुआ तो प्रदेश के पर्यटन उद्योग में मानो नया सवेरा हुआ हो. अनलॉक के साथ ही विश्व विरासत में शुमार आमेर में हाथियों की पदचाप भी सुनाई दी, मावठे की मछलियों को दाना भी मिलने लगा, हवामहल की पाल पर भुट्टों का मजा लेते पर्यटक भी दिखने लगे हैं. 16 जून को पर्यटनस्थलों को खोला गया था उसके बाद से 30 जून तक के एक पखवाड़े में भारी गर्मी के बाद भी प्रदेश में 25 हजार 916 पर्यटकों की आमद हुई. इनमे सर्वाधिक 5834 पर्यटक आमेर तो 4251 सैलानी नाहरगढ़ देखने पहुंचे. 

जयपुर के स्मारकों का खासा क्रेज:

राजधानी जयपुर के स्मारकों पर 19 हजार 218 तो शेष राजस्थान के 25 स्मारकों पर 6 हजार 638 पर्यटक आए. पर्यटकों में राजधानी जयपुर के स्मारकों का खासा क्रेज देखने को मिला. पर्यटन निदेशक निशांत जैन की माने तो प्रदेश की विरासत इतनी आकर्षक है कि इसे कोई वायरस हरा नहीं सकता, 2 महीने तक कोरोना के डर से घरों में कैद लोग इसी आकर्षण में अनलॉक होते ही आने गर्व करने वाले अतीत की धरोहर को संभालने या यूं कहें देखने उमड़ पड़े. 

कोविड गाइड लाइन का पूरा पालन:

पुरातत्व निदेशक प्रकाश शर्मा का कहना है कि कोविड गाइड लाइन का पूरा पालन किया जा रहा है, ऑनलाइन टिकटिंग और मोबाइल ऐप पर टिकट से भी पर्यटकों को सहूलियत हुई है. बहरहाल कुछ भी हो हमारी विरासत, सरकार की पर्यटन उद्योग को रियायतें और लॉक डाउन से निकलकर जनता की चिल करने की ललक ने पर्यटनस्थलों पर रौनक लौटा दी है. कोरोना पर कंट्रोल रहा तो सितम्बर से शुरू होने वाला पर्यटन सत्र पर्यटन उद्योग को संजीवनी देने वाला साबित हो सकता है.

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