ओपेक ने बढ़ाई मुश्किलें, तेल उत्पादन घटाने से बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम 

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/12/08 07:46

वियना। तेल निर्यातक देशों के संगठन-ओपेक और इसके सहयोगी देश वैश्विक तेल व्‍यापार को बढ़ावा देने के लिए उत्‍पादन में प्रतिदिन 12 लाख बैरल कटौती करेंगे। दो दिन तक वियना में चली बैठक में ओपेक देशों के बीच इस कटौती पर सहमति बनी। इस फैसले को 2019 में होने जा रहे लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार के लिए मुश्किल के तौर पर देखा जा रहा है। 
 
गौरतलब है कि 14 देशों का संगठन ओपेक उत्‍पादन में प्रतिदिन 8 लाख बैरल की और रूस तथा इसके सहयोगी देश लगभग 4 लाख बैरल की कटौती करेंगे। इस पर अगले महीने से अमल किया जाएगा। हालांकि यह कटौती उम्मीद से काफी ज्यादा है, इसीलिए यह खबर आते ही इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड की कीमतें 5.4 फीसदी तक बढ़ गईं। माना जा रहा है कि इसका भारत पर भी खासा असर पड़ेगा और एक बार फिर से पेट्रोल-डीजल के महंगे होने का क्रम शुरू हो सकता है।

बता दें कि ओपेक और इसके भागीदारों का विश्‍व में कुल तेल उत्‍पादन में आधा हिस्‍सा है। विश्‍व बाजार में तेल की कीमतों में पिछले दो महीने में तीस प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। हालांकि बैठक से पहले सऊदी अरब ने बताया था कि ओपेक, कच्‍चे तेल की कीमतें कम करने की प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी और अमरीकी राष्‍ट्रपति की राय पर गंभीरता से विचार करेगा।

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