बिहार विधानसभा चुनाव के लिए हुई ऑब्जर्वर्स की ट्रेनिंग, भारत निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने दी वर्चुअल ट्रेनिंग

बिहार विधानसभा चुनाव के लिए हुई ऑब्जर्वर्स की ट्रेनिंग, भारत निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने दी वर्चुअल ट्रेनिंग

बिहार विधानसभा चुनाव के लिए हुई ऑब्जर्वर्स की ट्रेनिंग, भारत निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने दी वर्चुअल ट्रेनिंग

जयपुर: सीईसी सुनील अरोड़ा ने कहा कि कोरोना के चलते ऑब्जर्वर्स के सामने पारदर्शी,निष्पक्ष चुनाव कराने में चुनौती है.ऐसे में बूथ्स का भ्रमण करके ऑब्जर्वर्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि सब अफसर व कर्मी कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन कर रहे हैं या नहीं. उन्होंने यह भी कहा कि बदलते समय में धनबल और सोशल मीडिया का दुरुपयोग संभव है. ऐसे में ऑब्जर्वर्स को और सजग रहकर  अपना काम करना होगा. सुनील अरोड़ा ने 26 अधिकारियों के साथ ब्रीफिंग बैठक में ये निर्देश दिए. बिहार विधानसभा चुनाव के लिए पर्यवेक्षकों की हुई वर्चुअल ट्रेनिंग में भारत निर्वाचन आयोग ने वीसी के जरिए निर्वाचन से जुड़े पहलुओं के बारे में जानकारी दी. इसमें सीईसी सुनील अरोड़ा ने कहा कि कोरोना से बदले माहौल और सोशल मीडिया और धनबल के दुरुपयोग की संभावना के चलते इस बदलते समय में ऑब्जर्वर्स को विशेष ध्यान रखकर अपना काम करना होगा. 

उन्होंने मतदान केंद्रों का भ्रमण करके यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सभी अधिकारी और कर्मचारी ईमानदारी से अपने कर्तव्य का पालन कर रहे हैं या नहीं. साथ ही निष्पक्ष ढंग से रिपोर्ट देने के लिए कहा. इस मौके पर निर्वाचन आयुक्त सुशील चंद्रा ने कहा कि कोरोना ने निर्वाचन इंतजामों को नया आयाम दिया है और ऐसे में पूरे सुरक्षा इंतजाम पुख्ता रखने पर जोर देना होगा. निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि ऑब्जर्वर्स को इस बार दोहरी जिम्मेदारी निभानी होगी. एक तरफ उन्हें आंख और कान बनकर स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना है तो दूसरी ओर कोरोना से मतदाताओं के इंतजाम भी पुख्ता करने हैं.

इन पर्यवेक्षकों को दी गई ट्रेनिंग
-14 मुख्य ऑब्जर्वर, पांच पुलिस ऑब्जर्वर के साथ नियुक्त किए ईसीआई ने
-18 एक्सपेंडिचर ऑब्जर्वर भी किये नियुक्त
-2003 बैच के नीरज के पवन, डॉ वीना प्रधान,2005 बैच के पीसी किशन, 2006 बैच के असम कैडर के आईएएस डॉक्टर ओम प्रकाश,2006 बैच के राजस्थान कैडर के आईएएस बाबूलाल मीणा,2007 बैच के राजस्थान कैडर के IAS छगनलाल श्रीमाली.
-2009 बैच की राजस्थान कैडर की आईएएस आराधना सक्सेना, परमेश्वर लाल और घनेंद्र भान चतुर्वेदी
2008 बैच के राजस्थान कैडर के IAS राजेंद्र किशन 
2010 बैच के आईएएस कन्हैयालाल स्वामी और ओपी बुनकर 
2011 बैच के आईएएस अभिमन्यु कुमार 
2012 बैच के आईएएस ओमप्रकाश कसेरा हुए ट्रेनिंग में शामिल

-पुलिस ऑब्जर्वर के रूप में 2004 बैच के आईपीएस गौरव श्रीवास्तव
-2005 बैच के आईपीएस विष्णु कांत
-2006 बैच के आईपीएस अंशुमान भोमिया
-2008 बैच के आईपीएस हरेंद्र कुमार महावर और डॉक्टर विकास पाठक हुए ट्रेनिंग में शामिल।
-अन्य 18 अधिकारियों की भी हुई ट्रेनिंग जिनमें 15 आईआरएस अधिकारी शामिल 
उपेंद्र ध्रुव, अनिरुद्ध, देवेंद्र मीणा, धीरेंद्र
-संदीप कुमार पायल, शुभ अग्रवाल, यतीश मणि, वीरेंद्र कुमार पटेल
-प्रेम प्रकाश मीणा, गिरीश परिहार, सुरेंद्र कुमार मीणा
-अजितेश कुमार मीणा, हेमंत कुमार मीणा, सीताराम मीणा ये आईआरएस अधिकारी हैं व्यय पर्यवेक्षक। इनकी भी हुई ट्रेनिंग
-साथ ही मृत्युंजय सैनी, भुवनेश कुमार वर्मा और विनय बंसल भी व्यय पर्यवेक्षक के रुप में शामिल

ट्रेनिंग के दौरान सीईओ प्रवीण गुप्ता रहे सचिवालय में कॉन्फ्रेंस हॉल में अधिकारियों के साथ मौजूद रहे. वीसी के जरिए जयपुर, अजमेर, अलवर, जोधपुर, उदयपुर, बीकानेर से अधिकारी जुड़े जबकि सचिवालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में 26 अधिकारियों ने ब्रीफिंग बैठक में भाग लिया. ट्रेनिंग में ऑब्जर्वर्स की भूमिका, प्रशासनिक सुरक्षा उपायों, ईवीएम से जुड़ी जानकारी दी गई. साथ ही कोरोना किट, आईटी एप्लीकेशन और  मीडिया की भूमिका पर प्रजेंटेशन दिया गया.

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