नई दिल्ली Omicron in India: भारत में ओमीक्रोन के सर्वाधिक दैनिक मामले आए सामने, 19 राज्यों में पहुंचा; जानिए किस राज्य में क्या हैं हालात

Omicron in India: भारत में ओमीक्रोन के सर्वाधिक दैनिक मामले आए सामने, 19 राज्यों में पहुंचा; जानिए किस राज्य में क्या हैं हालात

Omicron in India: भारत में ओमीक्रोन के सर्वाधिक दैनिक मामले आए सामने, 19 राज्यों में पहुंचा; जानिए किस राज्य में क्या हैं हालात

नई दिल्ली: भारत में ओमीक्रोन स्वरूप के एक दिन में सर्वाधिक 156 मामले सामने आए हैं और इसी के साथ देश में कोरोना वायरस के इस नए स्वरूप से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 578 हो गई है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को अद्यतन आंकड़ों में बताया कि ओमीक्रोन से संक्रमित 578 लोगों में से 151 ठीक हो गए हैं या विदेश चले गए हैं. ओमीक्रोन के संक्रमण के ये मामले 19 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में सामने आए हैं. दिल्ली में सर्वाधिक 142, इसके बाद महाराष्ट्र में 141, केरल में 57, गुजरात में 49, राजस्थान में 43 और तेलंगाना में 41 मामले सामने आए हैं.

मंत्रालय के सुबह आठ बजे के अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, देश में पिछले 24 घंटे में 6,531 और लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद इस वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 3,47,93,333 हो गई है, जबकि उपचाराधीन मरीजों की संख्या गिरकर 75,841 हो गई है. इस दौरान 315 और मरीजों की मौत होने से मृतक संख्या बढ़कर 4,79,997 हो गई है. पिछले 60 दिनों से कोरोना वायरस संक्रमण के दैनिक मामले लगातार 15,000 से कम रह रहे हैं.

उपचाराधीन मरीजों की संख्या कम होकर 75,841 हो गयी:
मंत्रालय ने बताया कि उपचाराधीन मरीजों की संख्या कम होकर 75,841 हो गयी है जो संक्रमण के कुल मामलों का 0.22 प्रतिशत है. यह दर मार्च 2020 के बाद से सबसे कम है. पिछले 24 घंटों में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 925 की कमी आई है. स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, कोविड-19 से मरीजों के स्वस्थ होने की दर 98.40 प्रतिशत है जो मार्च 2020 के बाद से सबसे अधिक है.

देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितंबर को 40 लाख से अधिक हो गई थी. वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर को 50 लाख, 28 सितंबर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे. देश में 19 दिसंबर को ये मामले एक करोड़ के पार, इस साल चार मई को दो करोड़ के पार और 23 जून को तीन करोड़ के पार चले गए थे. सोर्स- भाषा 

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