कोलकाता सिब्बल के बयान पर अधीर ने कहा, कांग्रेस से नाखुश नेता कहीं भी जाने के लिए हैं आजाद  

सिब्बल के बयान पर अधीर ने कहा, कांग्रेस से नाखुश नेता कहीं भी जाने के लिए हैं आजाद  

सिब्बल के बयान पर अधीर ने कहा, कांग्रेस से नाखुश नेता कहीं भी जाने के लिए हैं आजाद  

कोलकाता: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने बिहार चुनाव में हार को लेकर आत्मविश्लेषण संबंधी टिप्पणी के लिए कपिल सिब्बल की आलोचना करते हुए बुधवार को कहा कि पार्टी के कामकाज से जो नाखुश हैं वह सार्वजनिक तौर पर बयानबाजी करने के बजाए कहीं भी जाने को स्वतंत्र हैं.चौधरी ने एसी कमरे से उपदेश देने के लिए सिब्बल पर कटाक्ष किया और कहा कि नाराज सदस्य चाहें तो दूसरी पार्टी में शामिल हो सकते हैं या अपनी अलग पार्टी बना सकते हैं. लोकसभा में कांग्रेस के नेता चौधरी ने सवाल किया कि बिहार चुनाव के दौरान कांग्रेस के लिए सिब्बल ने प्रचार क्यों नहीं किया. उन्होंने कहा कि बिना कुछ किए बोलते रहना आत्मविश्लेषण नहीं है.

पश्चिम बंगाल के कांग्रेस अध्यक्ष चौधरी ने कहा कि सावर्जनिक तौर पर पार्टी की फजीहत कराने के बजाए सिब्बल पार्टी के भीतर मुद्दा उठा सकते थे. वह वरिष्ठ नेता हैं और पार्टी के शीर्ष नेताओं तक उनकी पहुंच है. चौधरी ने यहां संवाददाताओं से कहा कि पार्टी के कामकाज से जो लोग खुश नहीं हैं और अगर उन्हें लगता है कि कांग्रेस उनके लिए उपयुक्त स्थान नहीं है तो वो अपनी नयी पार्टी बना सकते हैं या अपनी मर्जी से किसी भी पार्टी में शामिल हो सकते हैं.

सिब्बल ने बिहार चुनाव में पार्टी के कमजोर प्रदर्शन के लिए कांग्रेस के नेतृत्व की आलोचना की थी. कांग्रेस बिहार में 70 सीटों पर लड़ी लेकिन उसके 19 उम्मीदवार ही जीत पाए. पिछले दिनों सिब्बल समेत कांग्रेस के 23 वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी प्रमुख सोनिया गांधी को पत्र लिखकर पार्टी को मजबूत करने के संबंध में सुझाव दिए थे.

चौधरी ने कहा ​कि वह (सिब्बल) कांग्रेस और आत्मविश्लेषण की जरूरत को लेकर बहुत चिंतित प्रतीत होते हैं. इससे पहले भी उन्होंने सार्वजनिक तौर पर बयान दिए थे. लेकिन वह बिहार में और पिछले साल अन्य राज्यों में चुनाव के दौरान पार्टी के लिए प्रचार करते नहीं नजर आए. चौधरी ने कहा कि एसी कमरे में बैठकर उपदेश देने के बजाए उन्हें जमीन पर काम करना चाहिए. बिना कुछ किए दूसरों को नसीहत देने से कुछ भला नहीं होता. बिना कुछ किए आत्मनिरीक्षण के लिए बोलने का कोई मतलब नहीं है. इससे पहले राजस्थान के मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने सिब्बल की आलोचना करते हुए कहा था कि सिब्बल के बयानों से देशभर में पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाएं आहत हुई हैं. (भाषा)

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