पथरीली डगर पर साथी बन दिखा रहे कामयाबी की राह

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/02/07 01:03

भीनमाल(जालोर)। कहते हैं कि मंजिल उन्हें मिलती है जिनके सपनों में जान होती है पंखों से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है। ऐसा ही वाक्य भीनमाल उपखंड मुख्यालय पर अर्पण डे केयर दिव्यांग संस्थान ने करके दिखाया। अर्पण दिव्यांग संस्थान एक ऐसा संस्थान है जहां पर दिव्यांग बच्चों को तालीम दे रहा है। साथी जो दिव्यांग बच्चे कभी सपने में भी या नहीं सोचते थे की हम भी समाज की मुख्यधारा के साथ जुड़ पाएंगे सामान्य बच्चों की तरह ही स्कूल जा पाएंगे लेकिन ऐसा कर दिखाया है।  2 युवाओं ने जिन्होंने भामाशाह और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से दिव्यांगों के लिए एक संस्थान की शुरुआत की देखते ही देखते संस्थान को भामाशाह का सहयोग मिलते ही इन्हीं युवाओं ने डेढ़ वर्ष(अगस्त 2017) में 29 दिव्यांगों को अर्पण संस्थान से जुड़ा है यहां पर दिव्यांग बच्चों को शिक्षा और जीवन में होने वाली क्रियाओं के बारे में भी जानकारी दी जाती है वही यहां पर प्रोजेक्ट और अन्य दिव्यांगों को पढ़ाने के लिए सामग्री है उसे पढ़ाया भी जाता है साथिया पर दिव्यांग बच्चों के लिए महिला स्टाफ की भी व्यवस्था है । इन बच्चों को एक मां की तरह लाड प्यार के साथ में शिक्षा एवं विभिन्न प्रकार के बयान खेलकूद थेरेपी के द्वारा उनको कौशल विकास के लिए प्रयास किए जा रहे हैं । 

संस्था के संचालक प्रवीण कुमार और पीयूष दवे ने फर्स्ट इंडिया न्यूज को बताया कि जब हमने संस्थान को शुरू किया तब यह बच्चे बिल्कुल उठना बैठना भी नहीं जानते थे यहां तक की टॉयलेट का भी ध्यान नहीं रहता था और शौच भी अंदर ही करते थे लेकिन हमने एक विशेष प्रकार का प्रशिक्षण देकर काफी बदलाव आया है इन बच्चों में अब यह संगीत के साथ भी प्रार्थना बोलते हैं कुछ बच्चों को जीवन यापन के लिए प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है कई बच्चों एवं बच्चियों को सिलाई का प्रशिक्षण भी दिया जाता है कई बच्चे या पर घरेलू सामग्री उपयोग आने वाली सामग्री जैसे दीपक अलग-अलग प्रकार के प्रशिक्षण देकर उनको आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं । साथ ही संस्था में इन बच्चों के लिए विशेष व्यवस्था के तौर पर स्कूल की समय सारणी के हिसाब से यह संस्थान चलाया जाता है बच्चों को लाने ले जाने के लिए ऑटो की व्यवस्था भी की गई है वही इस स्कूल को देवू बैन माणकचन्द जी कोठारी का विशेष सहयोग मिल रहा है।

अर्पण डे केयर संस्थान के पास में किराए का एक छोटा सा भवन है वह भी किराए पर है जिसमें पर्याप्त सुविधाएं मुहैया नहीं कराई जा सकती संस्थान के अध्यापकों का कहना है कि हमें सरकारी योजनाओं के तहत भूखंड मिल जाए तो अंबा माता के सहयोग से एक भवन तैयार करवाकर जिले के दिव्यांग बच्चों को अपनी शिक्षा एवं उनको आवासीय विद्यालय के रूप में एक नई भव्य रूप दे सकते हैं । वहीं नए भवन निर्माण के लिए जनप्रतिनिधियों से कई बार गुहार भी लगाई एवं प्रशासन को भी अवगत करवाया लेकिन अब यह तो आने वाला समय ही बताएगा कि इन दिव्यांगों के लिए सरकार फेल करके कोई भूखंड आवंटित करती है या फिर महज आश्वासन ही बना रहेगा। अगर सरकार द्वारा किसी सरकारी भवन का निर्माण या भूखंड आवंटित करवाया जाता है तो वह भी इससे ज्यादा दिव्यांग बच्चों बच्चों को इस संस्थान से जोड़ा जा सकता है लेकिन पर्याप्त भूखंड और भवन नहीं होने की वजह से यहां पर महज 29 बच्चों की देखभाल के साथ साथ उन्हें शारीरिक शिक्षा और मानसिक शिक्षा के बारे में भी विकसित करने के प्रयास जारी है। 

...उत्तम गोस्वामी फर्स्ट इंडिया न्यूज़ भीनमाल 

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in