आम चुनाव के पहले पड़ाव पर ही निर्वाचन विभाग की जमकर हुई किरकिरी

Divya Gaur Published Date 2019/03/25 07:54

जयपुर (दिव्य गौड़)। राजधानी जयपुर में लोकसभा चुनाव 2019 के मद्देनजर चुनाव प्रशिक्षण कैंप आज से शुरू हुए, लेकिन कैंप शुरू होते ही हंगामे की भेंट चढ़ गया। गुस्साए कर्मचारियों ने प्रशिक्षण कैंप का बहिष्कार कर, प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। प्रशिक्षण शिविर में ऐसा ही नजारा दिखाई दिया जहां पर लंच के दौरान कर्मचारियों को बांटे गए फूड पैकेट्स का खाना खराब निकला। इससे प्रशासन के दावों की पोल भी खुलकर सामने आ गई। क्या है पूरा मामला खास रिपोर्ट: 

राज्य निर्वाचन विभाग लोकसभा चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न कराने के कितने ही प्रयास कर ले, लेकिन छोटी-छोटी खामियों से ही अभी से विभाग के कामों में कमियां नजर आनी शुरू हो गई है। लोकसभा चुनाव 2019 के लिए लगाए गए मतदान दल प्रशिक्षण शिविर में ऐसा ही नजारा देखने को मिला। राजधानी में कई जगहों पर इन शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन सभी जगहों पर लंच के दौरान कर्मचारियों को बांटे गए फूड पैकेट्स का खाना खराब निकलने से कर्मचारियों में खासा रोष नजर आया। इतना ही नहीं कर्मचारियों का कहना था कि विभाग ने प्रशिक्षण का समय तो सुबह 9:30 का रख दिया, लेकिन दोपहर ढलने आई है और एक चाय का कप भी अब तक किसी को नसीब नहीं हो सका है। प्रशिक्षण कैंपों में पीने के पानी का भी उचित बंदोबस्त नहीं है। इसके साथ ही जो खाना उन्हें दिया गया है उसमें भी सब्जियां खराब हो चुकी है। खेतान पॉलिटेक्निक कॉलेज में तो फूड पैकेट्स में कॉकरोच तक निकलने की शिकायत है सामने आई। प्रशिक्षण लेने आए कर्मचारियों ने खाना बीच में ही छोड़ दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्मिकों का कहना था कि प्रशिक्षण 2 दिन चलेगा  ऐसे में  बिना भोजन के  वह काम  कैसे कर पाएंगे।

प्रशिक्षण कैंप में मतदान दलों को दो कैटिगरीज में डिवाइड किया गया है। एक कैटेगरी में एसडीओ लेवल के अधिकारी हैं तो दूसरी में पोलिंग एजेंट को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, लेकिन देखने वाली बात यह थी कि जहां एक तरफ पोलिंग एजेंट को खाने के खराब पैकेट दिए गए, वहीं दूसरी तरफ फर्स्ट ग्रेड अधिकारियों को टोकन बांटे गए और उनके खाने की व्यवस्था ओटीएस के मैस में रखी गई। इस भेदभाव पूर्ण रवैया से प्रशिक्षण लेने आए कर्मचारी आक्रोशित हो उठे और प्रशिक्षण कैंप का बहिष्कार कर ओटीएस बिल्डिंग के बाहर जमा हो जमकर नारेबाजी की। 

शोर शराबा सुनकर मौके पर पहुंचे कैंप प्रभारी और आरएएस राधेश्याम डेलू ने गुस्साए कार्मिकों से समझाइश का खूब प्रयास किया, लेकिन कर्मचारी आला अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। कुछ ही देर में पुलिस के दल बल के साथ ही एडीएम धारा सिंह मौके पर पहुंचे और कार्मिकों के साथ बैठक कर। उन्हें दोषी ठेकेदारों के खिलाफ उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। साथ ही कैंप में व्याप्त समस्याओं को जल्द से जल्द हल करने की बात भी कही। 

निर्वाचन विभाग के अधिकारियों के आश्वासन के बाद एक बार फिर कर्मचारी प्रशिक्षण कक्षों की तरफ लौट गए। मामला शांत भी हुआ, लेकिन आम चुनाव के पहले पड़ाव पर ही निर्वाचन विभाग की जमकर किरकिरी हो गई। देखने वाली बात यह भी थी कि जो विभाग आम चुनावों को इको फ्रेंडली बनाने के दावे और अपीले कर रहा था। उसी विभाग में कर्मचारियों को प्लास्टिक के पैकेट्स में खाना बांटा गया। इससे यह साफ नजर आता है कि निर्वाचन विभाग में नियम और कायदे सिर्फ कागज के पन्नों पर ही सिमट कर रह गए हैं, लेकिन यथार्थ के धरातल पर उन्हें कोई अमलीजामा नहीं पहनाया जा रहा। जो चुनाव आयोग के निर्देशों की खुली अनदेखी है। 

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