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विधानसभा में खाद्य आपूर्ति और खान मंत्रालय रहे निशाने पर

विधानसभा में खाद्य आपूर्ति और खान मंत्रालय रहे निशाने पर

जयपुर: राजस्थान विधानसभा में मंगलवार को प्रश्नकाल में खाद्य व आपूर्ति मंत्रालय तथा खान मंत्रालय निशाने पर रहे. विधायक वेदप्रकाश सोलंकी ने जहां खाद्य आपूर्ति निगम में अनियमितताओं का मामला उठाया, तो वहीं जेतारण विधायक अविनाश ने जैतारण की पहाड़ियों में अवैध खनन का उठाया मुद्दा उठाया. 

जैतारण की पहाड़ियों में अवैध खनन का मुद्दा: 
उन्होंने कहा कि पूरे क्षेत्र में अवैध खनन हो रहा है, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही, वहीं मंत्री प्रमोद जैन भाया ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र में 128 खनन पट्टे संचालित हैं  और अनुमति के बाद खनन कार्य हो रहा है, मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि गत पांच वर्षों में जैतारण विधानसभा क्षेत्र में अवैध खनन, निर्गमन, भण्‍डारण के कुल 454 प्रकरण बनाकर 2.37 करोड रूपये शास्ति की वसूली कर 10 प्रकरणों में एफ.आई.आर. दर्ज करवाई गई एवं 2 प्रकरणों में न्‍यायालय में इस्‍तगासे दायर किये गये. 

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम में अनियमितता का मुद्दा: 
अनियमितताओं से जुड़ा एक और मामला सदन में आया, विधायक वेद प्रकाश सोलंकी ने आरोप लगाया कि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम में भारी अनियमितता है, सोलंकी ने वर्ष 2016—17 का विशेष मामला उठाया, इसका जवाब देते हुए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रमेश चन्द मीणा ने कहा कि अंकेक्षण प्रतिवेदन वर्ष 2016-17 में दर्ज खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों द्वारा की गई अनियमितता के लिए दोषी अधिकारियों के विरूद्ध निश्चित रूप से कार्यवाही की जाएगी. निगम के तत्कालीन महाप्रबंधक (वित्त) के विरूद्ध कार्यवाही के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) को पत्र लिख दिया गया है तथा तत्कालीन महाप्रबंधक (वित्त) के विरूद्ध सीसीए नियम 16 के तहत कार्यवाही कर वित्त विभाग को प्रस्तावित कर दिया गया है। तत्कालीन प्रबंध निदेशकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. वर्ष 2016-17 के दौरान वित्तीय अनियमितताओं संबंधी कुल सात प्रकरणों में रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है. 

संभाग में सड़क व भवन निर्माण के अधूरे काम का मामला: 
सदन में प्रश्नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने उदयपुर संभाग में सड़क व भवन निर्माण के अधूरे काम का मामला भी उठाया, लेकिन सार्वजनिक निर्माण मंत्री सचिन पायलट ने पलटवार करते हुए कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष में नए कार्यों का बजट प्रावधान 240 करोड़ रुपए का था लेकिन इसके विरूद्ध 5 हजार 644 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए. पायलट ने कहा कि  पूर्ववर्ती सरकार ने स्वीकृति दे दी, एप्रूवल दे दी, टेंडर दे दिए, वर्क ऑर्डर जारी कर दिए लेकिन बजट में पैसा नहीं था. उन्होंने कहा कि नई सरकार बन चुकी है और बजट मिलने के बाद सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करवाया जा सकेगा. 

...योगेश शर्मा, एश्वर्य प्रधान व रितुराज के साथ नरेश शर्मा  की रिपोर्ट

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