प्रदेश में अवैध शराब के धंधे में लिप्त माफिया पुलिस के निशाने पर

Nirmal Tiwari Published Date 2019/06/19 01:14

जयपुर: प्रदेश में शराब माफिया के बढ़ते जाल से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत चिंतित हैं. सीएमओ को मिली अवैध शराब की शिकायतों के बाद सीएमओ ने पुलिस क्राइम ब्रांच को अवैध शराब की रोकथाम के निर्देश दिए हैं. अब प्रदेश में शराब माफिया और अवैध शराब के धंधे में लिप्त लोग पुलिस के निशाने पर होंगे. खुद एडीजी बीएल सोनी अवैध शराब की रोकथाम की मॉनिटरिंग करेंगे. इस संबंध में उन्होंने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिखे हैं. 

प्रदेश में शराब माफिया का एक बड़ा सिंडीकेट बन गया 
प्रदेश में अवैध शराब के बढ़ते चलन की शिकायतें सीएमओ तक पहुंची तो सरकार को पता चला की प्रदेश में शराब माफिया का एक बड़ा सिंडीकेट बन गया है. अवैध शराब के लिए माफिया ने गुजरात के लिए राजस्थान को ट्रांजिट रोड बना रखा है. यह जानकारी मिलते ही खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत समीक्षा बैठक में गंभीर माना और अवैध शराब की रोकथाम के पुलिस को निर्देश दिए. इसके बाद एडीजी क्राइम बीएल सोनी ने जयपुर और जोधपुर के पुलिस उपायुक्त और सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को 9 बिंदुओं का एक पत्र भेजा है. इस पत्र में कहा गया है कि प्रदेश में कोई भी शराब की दुकान रात को 8 बजे बाद न खुले. 8 बजे बाद दुकान खुली मिले या दुकान के समीप खिंड़की या चोर रास्ते से शराब बेचता मिले तो उसकी वीडियो बना जिला कलेक्टर और जिला आबकारी अधिकारी को भेजा जाए. शराब दुकान की ब्रांच के नाम पर अवैध दुकान पर सख्त कार्रवाई करें. अव्यस्क को जो लाइसेंसी शराब बेचता पाया जाए उसके खिलाफ धारा 55 और आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करवाया जाए. अवैध शराब की बिक्री या तस्करी के प्रकरण की गहनता से जांच कर शराब के स्त्रोत और गंतव्य को चिन्हित किया जाए. अवैध शराक पर जन आंदोलन के तौर पर कार्रवाई की जाए. इसके लिए थाना, जिलास्तरीय सीएलजी, शैक्षणिक संस्थान, स्थानीय प्रबुद्ध नागरिक, प्रेस और मीडिया के माध्यम से सूचना संकलित कर जागरुकता कार्यक्रम भी पुलिस द्वारा चलाया जाए.

शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा
अवैध शराब के धंधे में वर्षों से लिप्त होने की पहचान कर उनके पुनर्वास के प्रयास किए जाएं. शराब के आदतन अपराधियों के खिलाफ राजपासा में कार्रवाई की जाए. ऐसे अपराधियों को अब चिन्हित कर इसी महीने मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा. इसके बाद राज्य सरकार के स्तर पर राजपासा की कार्रवाई के लिए जिला मजिस्ट्रेट को शक्तियां प्रदान की जाएंगी. शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा. यही नहीं शराब के मामले में शिथिलता बरतने या अवैध शराब के धंधे में लिपत लोगों से मिलीभगत करने वाले पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की जाएगी. बेहतर कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत भी किया जाएगा. एडीजी बीएल सेानी ने सभी 9 बिंदुओं के आधर पर कार्रवाई की हर जिले से मासिके रिपोर्ट भेजने को भी कहा है. कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि अब प्रदेश में शराब माफिया की खैर नहीं. 
 

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