VIDEO: विधानसभा के तीसरे दिन राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान हुआ जमकर हंगामा

Naresh Sharma Published Date 2019/01/17 09:47

जयपुर (नरेश शर्मा)। 15वीं विधानसभा के पहले सत्र के तीसरे दिन राज्यपाल कल्याण सिंह के अभिभाषण के दौरान गुरुवार को सदन में जमकर हंगामा हुआ। इस कारण राज्यपाल अपना अभिभाषण भी पूरा नहीं पढ़ सके। पक्ष विपक्ष में तीखी नोकझोंक हुई और आरोप प्रत्यारोप के सिलसिले चले। कई सदस्य तो वेल में ही आ गए। नए स्पीकर सीपी जोशी ने भी अपने तेवर दिखाते हुए स्पष्ट कर दिया कि अनुशासहीनता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगी।

नई विधानसभा का नया सत्र और राज्यपाल का अभिभाषण। पहले विधानसभा के मुख्य द्वार पर राज्यपाल को आरएसी बटालियन ने सलामी दी। अध्यक्ष सीपी जोशी, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने राज्यपाल का स्वागत किया। उन्हें सदन में प्रोसेशन में ले जाया गया। इसके बाद वहीं हुआ जिसका अंदेशा पहले से था। राष्ट्रगान के बाद जैसे ही राज्यपाल ने अभिभाषण पढ़ा, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के विधायक अनुमान बेनीवाल ने ने अभिभाषण के बीच में ही किसान मूंग खरीद का मामला उठाते हुए पूर्व सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। इस दौरान बेनीवाल और राजेंद्र राठौड़ के बीच बहस हो गई। बेनीवाल व उनकी पार्टी के अन्य सदस्यों के साथ ही माकपा के सदस्य भी वेल में आ गए। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने राज्यपाल का अभिभाषण पढ़ा हुआ मान लेने की गुजारिश की, जिसे स्वीकार कर लिया। बाद में कल्याण सिंह विधानसभा से रवाना हो गए।

—सदन में बरपा जमकर हंगामा
—राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान हंगामा
—पूरा भाषण भी नहीं पढ़ सके राज्यपाल कल्याण सिंह
—विधायक हनुमान बेनीवाल ने उठाया मूंग खरीद का मामला
—पूर्व सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हनुमान ने
—इसके बाद हनुमान की हुई राजेंद्र राठौड़ से बहस
—आखिरकार पढ़ा हुआ ही मान लिया राज्यपाल का भाषण
—स्पीकर सीपी जोशी ने जताई सदस्यों के व्यवहार पर नाराजगी
—स्पीकर ने कहा - अभिभाषण के दौरान ऐसी हरकत शर्मनाक
—भविष्य में ऐसी हरकत नहीं करने की दी चेतावनी
—कड़े कदम उठाने की बात कही स्पीकर सीपी जोशी ने

राज्यपाल के रवानगी के बाद जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई, तो विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी काफी नाराज दिखे। उन्होंने विधायकों की इस हरकत पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान ऐसी हरकत शर्मनाक है। साथ ही उन्होंने भविष्य में ऐसी हरकत करने पर कड़े कदम उठाए जाने की बात कही। सीपी ने साफ संकेत दे दिए कि पूरे सदन ने उनको अध्यक्ष पद पर चुना है, इसलिए सदन की कार्यवाही चलाने के लिए यदि कड़े कदम उठाने पड़े, तो वे भी करेंगे। उन्होंने साफ कर दिया कि नियम कायदे किसी को नहीं तोड़ने दिए जाएंगे, चाहे वह पक्ष या विपक्ष, जूनियर हो या सीनियर।

लेकिन बात यहीं खत्म नहीं हुई। अध्यक्ष सीपी जोशी के बयान के बाद नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया अपनी सीट पर खड़े हो गए और बेनीवाल के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। इसके बाद हनुमान बेनीवाल भी उत्तेजित हो गए और वे वेल में आ गए। निर्दलीय विधायकों ने भी बेनीवाल का साथ दिया। इस पर गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि ऐसे विधायकों को बाहर निकाला जाए।  इस पर कटारिया व बेनीवाल में सदन में तीखी नोंक झोंक हुई और स्थित तू तू मैं मैं तक पहुंच गई। स्पीकर सीपी जोशी इस दौरान बार बार सदस्यों से अपनी सीट पर जाने की अपील करते रहे, लेकिन बेनीवाल के साथ ही भाजपा के सदस्य भी वेल में आ गए।  अध्यक्ष के कहने पर बेनीवाल तो अपनी सीट पर चले गए, लेकिन कटारिया लगातार बोलते रहे। इस पर अध्यक्ष ने कहा कि सीनियर होकर नियमों की अवहेलना तो आप भी कर रहे हैं, कयोंकि आसन पैरों पर हैं और आप लगातार बोल रहे हैं। इस बीच कटारिया ने चेतावनी दे दी कि अगर इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे पांच साल तक सदन नहीं चलने देंगे।

—कटारिया व बेनीवाल में हुई तू तू मैं मैं
—सदन में ही चलाए एक-दूसरे पर शब्दों के बाण
—वेल में आ गए प्रतिपक्ष के अधिकांश सदस्य
—आसन की अपील को भी करते रहे दरकिनार
—आसन पैरों पर था, फिर भी बोलते रहे कटारिया
—आखिरकार कटारिया को भी नसीहत दी सीपी जोशी ने
—कटारिया ने दे दी 5 साल सदन नहीं चलने देने की धमकी

अभी मामला शांत होने को था कि राजेंद्र राठौड़ अपनी सीट पर खड़े होकर बोलने लगे। उन्होंने कहा कि जब असंसदीय भाषा का उपयोग किया जा रहा था, तब सदन के नेता बैठे बैठे मुस्कुरा रहे थे। इस पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पलटवार किया और कहा कि किसी पर कुछ भी कमेंट करना अच्छी बात नहीं है और आपको यह अधिकार किसने दे दिया। गहलोत ने कहा कि अभिभाषण के दौरान जो कुछ हुआ वे उसकी कड़े शब्दों में निंदा करते हैं, क्योंकि राज्यपाल पर टिप्पणी करनी किसी भी रूप मे उचित नहीं कहा जा सकता। साथ ही गहलोत ने कटारिया को भी आड़े हाथ लिया और कहा कि सभी ने निंदा की है कि ऐसे में नेता प्रतिपक्ष का यह कहना सही नहीं है कि सदन नहीं चलने देंगे। साथ ही गहलोत ने कटारिया पर तीखे व्यंग करते हुए कहा कि आप कई बार आपे से बाहर हो जाते हो, जिससे बीपी हाई हो जाती है, जो आपके स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं। इस पर कटारिया ने कहा कि स्वास्थय कल जाता आज चला जाए, लेकिन अपमान बर्दाश्त नहीं करूंगा। बाद में विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने मामले में हस्तक्षेप किया और अपनी चातुर्यता से सदन को ऑर्डर में लेकर आए। आखिरकार शोकाभिव्यक्ति के साथ विधानसभा की कार्यवाही समाप्त हुई।

—सीएम गहलोत ने की घटना की कड़ी निंदा
—कहा - राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान जो हुआ वह निंदनीय
—साथ ही कटारिया व राठौड़ को भी लिया आड़े हाथों
—कहा - किसी पर कुछ भी कमेंट करना ठीक नहीं होता
—कटारिया ने दी थी सदन नहीं चलने देने की धमकी
—गहलोत ने कहा - नेता प्रतिपक्ष की ये बातें ठीक नहीं
—कटारियां पर व्यंग बाण भी दागे सीएम गहलोत ने
—कहा - बीपी होना स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है

राज्यपाल का अभिभाषण तो हंगामे की भेंट चढ़ गया, लेकिन जो स्थिति अभी से पैदा हो रही है, उसको देखते हुए लगता नहीं कि कल जब अभिभाषण पर चर्चा होगी, तो सदन आसानी से चल पाएगा। हंगामा कल भी होने की पूरी संभावना है, लेकिन नए स्पीकर सीपी जोशी भी नियमों से सदन चलाने के लिए कृतसंकल्पित है।

...अभिषेक श्रीवास्तव, रितुराज के साथ नरेश शर्मा की रिपोर्ट  

 

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