पाकिस्तान को एक के बाद एक बड़ा झटका, अमेरिका के बाद ऑस्ट्रेलिया भी पाक को द्विपक्षीय मदद देना बंद करेगा

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/12/04 13:12

नई दिल्‍ली: ऑस्ट्रेलिया ने तंगी से जूझ रहे पाकिस्तान को झटका दिया है.पाकिस्‍तान की इमरान खान सरकार को एक बड़ा झटका लगा है अमेरिका के बाद ऑस्‍ट्रेलिया ने पाकिस्‍तान की आर्थिक मदद पर रोक लगा दी है. बता दें कि पाकिस्‍तान एशिया के सबसे गरीब देशों में से एक है. पाकिस्‍तान संयुक्त राष्ट्र मानव विकास सूचकांक में 178 देशों की लिस्ट में 150वें स्थान पर है. यह सूचकांक स्वास्थ्य, शिक्षा और आय के आधार पर तय किया जाता है.आ‍ॅस्‍ट्रेलिया के इस ऐलान के बाद पाकिस्‍तान की मुश्किलें बड़ी हो गई है. उब उसके समक्ष सवाल यह है कि अब पाकिस्‍तान अपनी आर्थिक तंगी से कैसे निपटेगा.ऑस्ट्रेलिया की मॉरिसन सरकार पाकिस्तान को दी जाने वाली आर्थिक मदद रोकने का फैसला लिया है.2020 -2021  के विकास कार्यो के लिए दी जाने वाली सरकारी मदद को रोकने का फैसला लिया है  ऑस्‍ट्रेलिया सरकार ने 

44 करोड़ डॉलर की नकदी सहायता रोककर अमेरिका ने भी हाथ खींचा

पाकिस्तान एशिया के सबसे गरीब देशो में से एक है.इस वर्ष अगस्‍त माह में पाकिस्‍तान का एक बड़ा झटका तब लगा था, जब अमेरिका ने 44 करोड़ डॉलर की नकद सहायता में कटोती की थी. इसके बाद अमेरिका राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने कहा पाकिस्‍तान से कहा था कि हम कई सालो से पाकिस्तान को 130 करोड़ डॉलर देते रहे, लेकिन समस्या यह है कि पाकिस्तान हमारे लिए कुछ नहीं कर रहा था.बता दें कि अमेरिका पाकिस्‍तान एनहेंस्ड पार्टनरशिप एग्रीमेंट (पीईपीए) 2010 के अंतर्गत यह मदद उसे प्रदान करता है. यह समझौता 2010 को हुआ था.इसके बाद पाकिस्‍तान की माली हालत और खराब हो गई. इसके बाद दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण संबंध होते गए

मोरिसन सरकार ने पाक के खिलाफ उठाया ये कदम

विकसित देशों की फंडिंग पर टिकी पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को एक और झटका ऑस्ट्रेलिया से लगा है.ऑस्‍ट्रेलिया की मोरिसन सरकार ने पाकिस्‍तान को दी जाने वाली आर्थिक मदद को रोकने का एेलान किया है.बता दें कि ऑस्‍ट्रेलिया पाकिस्‍तान की गरीब महिलाआें एवं लड़कियों की मदद के लिए वित्‍तीय मदद मुहैया कराता था. पाकिस्तान के वित्तीय मदद कार्यक्रम को लेकर आई परफॉर्मेंस रिपोर्ट में कहा गया है, ऑस्ट्रेलिया द्वारा पाकिस्तान को दी जाने वाली फंडिंग अब प्रशांत क्षेत्र में नए प्रोजेक्ट पर खर्च की जाएगी.2018-19 में पाकिस्तान को दी जाने वाली 3.9 करोड़ डॉलर की आर्थिक मदद 2019-20 में 1.9 करोड़ डॉलर कर दी गई और 2020-21 में इसे पूरी तरह से खत्म कर दिया जाएगा.

सहयोग मुख्‍य मकसद महिलाओं एवं लड़कियों की सहायता 

पाकिस्तान को ऑस्ट्रेलिया की सहायता का मुख्‍य मकसद महिलाओं और लड़कियों को सहायता प्रदान करना है.इसका लक्ष्‍य महिलाओं की शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करने के अलावा गुणवत्ता, प्रजनन स्वास्थ्य और लिंग आधारित हिंसा विरोधी सेवाओं तक पहुंच बढ़ाना था. इसके साथ ही ऑस्ट्रेलिया की विदेशों को दी जाने वाली कुल आर्थिक मदद 2013 के बाद से 27 फीसद घट गई है. ऑस्ट्रेलिया वर्तमान में अपने कुल खर्च का 0.82 फीसद ही फंडिंग में देता है.इस कटौती के बावजूद ऑस्ट्रेलिया की मोरिसन सरकार ने प्रशांत क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया है.

रिपोर्ट में पाकिस्तान के सुरक्षा हालात अस्थिर और विस्फोटक बताते हुए कहा गया है कि फरवरी 2019 में सैन्य आदान-प्रदान में कश्मीर पर भारत-पाक तनाव अधिक था। इसके अलावा खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में आतंकी गतिविधियां बढ़ी हैं जहां कई ऑस्ट्रेलियाई वित्त पोषित सहायता कार्यक्रम संचालित होते हैं.द सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड ने कहा, 'पिछले वित्त वर्ष में पाकिस्तान को ऑस्ट्रेलिया की सहायता ने सूखे और आंतरिक विस्थापन से प्रभावित करीब 20 लाख से अधिक गरीब लोगों को भोजन और रुपयों की मदद प्रदान की है. बता दें कि पाकिस्तान एशिया के सबसे गरीब देशों में से एक है और संयुक्त राष्ट्र मानव विकास इंडेक्‍स में 178 देशों की लिस्ट में 150 वें स्थान पर है. यह इंडेक्‍स स्वास्थ्य, शिक्षा और आय के आधार पर तय किया जाता है.

सयुक्त राष्ट्र मानव सूचकांक में 178  देशो की लिस्ट में पाकिस्तान 150  वे स्थान पर है. यह सूचकांक स्वास्थ शिक्षा और आय के आधार पर तय किया जाता है यानी जल्द ही पाक को ऑस्ट्रेलिया से मिलने वाली 1.9 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (एक अरब 99 करोड़ 68 लाख 80 हजार पाकिस्तानी रुपये) की मदद रुकने वाली है

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