एक दिन Virat खुद Hitman को सौपेंगे कप्तानी , Kiran More ने 2 Captain होने का किया समर्थन

एक दिन Virat खुद Hitman को सौपेंगे कप्तानी , Kiran More ने 2 Captain होने का किया समर्थन

एक दिन Virat खुद Hitman को सौपेंगे कप्तानी , Kiran More ने 2 Captain होने का किया समर्थन

मुंबई: भारतीय क्रिकेट जगत (Indian Cricket World) में अब एक टीम में दो कप्तान होगे. एक दिन खुद विराट कोहली हिटमैन को कप्तानी सौपेंगे. भारतीय टीम के पूर्व चीफ सेलेक्टर किरण मोरे (Former Chief Selector Kiran More) का मानना है कि जल्द ही रोहित शर्मा (Rohit Sharma) को लिमिटेड ओवर का कप्तान बनाया जा सकता है. विराट कोहली अपना वर्कलोड कम करने के लिए जल्द ही वनडे और टी-20 की कप्तानी रोहित को सौंपने का फैसला कर सकते हैं. किरण मोरे ने यह बात एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कही ​है.

एक समय के बाद तीनों फॉर्मेट में कप्तानी संभालना मुश्किल:
दरअसल इंटरनेशनल लेवल (International Level) पर तीनों फॉर्मेट के लगातार हो रहे मैचों की वजह से मोरे समेत कई क्रिकेट एक्सपर्ट (Cricket Expert) टेस्ट और लिमिटेड ओवर में अलग-अलग कप्तान बनाए जाने की वकालत भी कर चुके हैं. उन्होंने कहा कि एक समय के बाद तीनों फॉर्मेट में कप्तानी संभालना मुश्किल हो जाता है. कोहली पूर्व कप्तान धोनी (Former Captain Dhoni) के साथ खेल चुके हैं और धोनी से सीख लेते हुए अपने ऊपर से बोझ करने का विचार कर सकते हैं. मोरे ने कहा कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (World Test Championship) फाइनल के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी.

धोनी पेश कर चुके हैं उदाहरण:
धोनी ने अपने ऊपर से दबाव को कम करने के लिए साल 2014 में टेस्ट की कप्तानी छोड़ दी थी और कोहली को सौंपी थी. वे खुद वनडे और टी-20 की कप्तानी कर रहे थे. वहीं साल 2018 में उन्होंने वनडे और टी-20 की कप्तानी को छोड़ दिया था. उसके बाद 2019 तक उन्होंने बतौर खिलाड़ी देश का प्रतिनिधित्व (Representation) किया. धोनी 2019 वर्ल्डकप में सितंबर में न्यूजीलैंड के खिलाफ आखिरी मैच खेले थे. उन्होंने पिछले साल 15 अगस्त को सभी फॉर्मेट से संन्यास ले लिया था.

कोहली टेस्ट में देश के सफल कप्तान:
कोहली टेस्ट में देश के सबसे सफल कप्तान हैं. उनकी कप्तानी में भारत ने 60 टेस्ट मैच खेले हैं. जिनमें 36 मैच में भारत को जीत मिली, जबकि 14 मैचों में हार का सामना करना पड़ा है. धोनी की अगुवाई में भारत ने कुल 27 टेस्ट मैचों में जीत दर्ज की. उनके बाद सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) (21 जीत) और मोहम्मद अजहरुद्दीन (Mohammad Azharuddin) (14 जीत) का नंबर आता है. वहीं, घरेलू सरजमीं पर भी सबसे सफल कप्तान हैं. उनकी कप्तानी में भारत ने घर में 30 टेस्ट मैच खेले हैं. जिसमें 23 में जीत मिली हैं.

कप्तानी में सुनिल गावस्कर पांचवें स्थान पर:
धोनी की अगुवाई में भारत ने घरेलू मैदान पर 30 टेस्ट मैचों में 21 जीत हासिल की थी. अजहरुद्दीन की कप्तानी में 20 टेस्ट में 13 जीत मिली थी. सौरव गांगुली ने 21 में से 10 टेस्ट घरेलू मैदान पर जीते थे. वहीं, सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) पांचवें स्थान पर हैं. उन्होंने घरेलू मैदान पर 29 टेस्ट में कप्तानी की थी. उन्हें 7 मैचों में जीत मिली थी.

विदेशी जमीन पर टेस्ट में कोहली की कप्तानी में सबसे ज्यादा मैच जीते:
विदेशी जमीन (Foreign Land) पर सबसे ज्यादा टेस्ट जीतने के मामले में भी कोहली सभी भारतीय कप्तानों में आगे हैं. उनके नेतृत्व में भारत ने 30 में से 13 टेस्ट विदेश में जीते हैं. 12 मुकाबलों में हार मिली है. 5 मैच ड्रॉ रहे हैं. इस मामले में सौरव गांगुली दूसरे स्थान पर हैं. गांगुली ने विदेश में 28 मैचों में 11 में जीत हासिल की थी. 10 में हार झेलनी पड़ी थी और 7 ड्रॉ रहे थे. भारत और इंग्लैंड के बीच सीरीज का चौथा टेस्ट 4 मार्च से 8 मार्च के बीच खेला जाएगा.

वनडे मैचों में रोहित का जीत प्रतिशत कोहली से ज्यादा:
वहीं कोहली ने अब तक 95 वनडे मैचों में भारतीय टीम की कप्तानी की है. जिसमें 65 मैचों में जीत मिले हैं और 27 मैचों में टीम को हार का सामना करना पड़ा है. उनकी सफलता का प्रतिशत 70.43 रहा है. वहीं रोहित शर्मा 2017-2019 के बीच 10 वनडे मैचों में भारतीय टीम (Indian Team) की कप्तानी की है. जिसमें आठ मैचों में भारत को जीत मिली है और 2 में हार का सामना करना पड़ा है. उनका जीत का प्रतिशत 80 रहा है.

रोहित IPL के सबसे सफल कप्तान:
रोहित IPL के सफल कप्तान है. उनकी कप्तानी में मुंबई इंडियंस (Mumbai Indians) ने IPL 2020 में दिल्ली कैपिटल्स को हराकर 5वीं बार खिताब जीते थे. रोहित के बाद IPL में सबसे सफल कप्तान धोनी रहे हैं, जिनकी कप्तानी में चेन्नई सुपर किंग्स ने तीन दफा IPL की ट्रॉफी को अपने नाम किया है.

धोनी की कप्तानी में CSK ने लगातार दो खिताब जीते:
धोनी की कप्तानी में CSK ने साल 2010 और 2011 में लगातार दो सीजन खिताब पर कब्जा किया था, जबकि साल 2018 में टीम ने टूर्नामेंट में जबरदस्त वापसी करते हुए जीत दर्ज की थी. वहीं विराट कोहली (Virat Kohali) अपनी कप्तानी में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को एक बार भी खिताब नहीं दिला सके हैं.

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