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प्रदेशभर में कहीं भी रोडवेज बसों का संचालन नहीं घटाया जाएगा: खाचरियावास 

प्रदेशभर में कहीं भी रोडवेज बसों का संचालन नहीं घटाया जाएगा: खाचरियावास 

जयपुर: राजस्थान रोडवेज की बसों का संचालन कम किए जाने पर परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने आज समीक्षा बैठक ली. बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में खाचरियावास ने कहा कि प्रदेशभर में कहीं भी बसों का संचालन नहीं घटाया जाएगा. किसी भी रूट पर जहां पहले से रोडवेज बस चल रही थी, वह चलती रहेगी, कहीं भी बस बंद नहीं होगी. 

सचिवालय में समीक्षा बैठक:
दरअसल परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने आज सचिवालय में समीक्षा बैठक ली. हालांकि बैठक में न तो रोडवेज चेयरमैन पहुंचे, न ही रोडवेज के प्रबंध निदेशक मौजूद रहे. बैठक में रोडवेज के ईडीए एमपी मीणा, ईडीटी यूडी खान और वित्तीय सलाहकार मौजूद रहे. बैठक में मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि यदि किसी रूट पर घाटा है तो उस वजह से बस को बंद नहीं किया जाए. रोडवेज जनता को सेवा देने के लिए है, घाटे की वजह से किसी रूट को बंद नहीं कर सकते. 

पर्याप्त मात्रा में चालक उपलब्ध:
बैठक के बाद मंत्री ने मीडिया से कहा कि यदि कोई रूट पिछले दिनों बंद हुआ है तो उसे फिर से सुचारू किया जाएगा. मंत्री ने पिछले 12 साल से संविदा पर लगी कंपनी के चालकों को हटाए जाने को सही कदम बताया और कहा कि हमारे पास पर्याप्त मात्रा में चालक उपलब्ध हैं और बसों का संचालन प्रभावित नहीं होगा. रोडवेज में 50 इलेक्ट्रिक बसों सहित कुल 1150 बसों की खरीद पर मंत्री ने कहा कि ऐसा पहली बार हो रहा है कि इतनी बड़ी संख्या में बसें खरीदी जा रही हैं. 

... संवाददाता काशीराम चौधरी की रिपोर्ट 

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सीएम गहलोत ने किया हाइफा हीरो मेजर दलपत सिंह के नाम से बनाए गए रावणा राजपूत छात्रावास का लोकार्पण

जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हाइफा हीरो मेजर दलपत सिंह के नाम से बनाए गए रावणा राजपूत छात्रावास का लोकार्पण किया. जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में दो करोड़ रुपए की लागत से यह छात्रावास बना है. 2003 में तत्कालीन मुख्यमंत्री के रूप में गहलोत ने ही छात्रावास के लिए जमीन दी थी. मेजर दलपत सिंह का आज 102 वां बलिदान दिवस है. दलपत सिंह को प्रथम विश्व युद्ध के दौरान हाइफा को मुक्त करवाने के लिए याद किया जाता है.  

हाइफा की लड़ाई 23 सितंबर 1918 को लड़ी गयी थी: 
हाइफा की लड़ाई 23 सितंबर 1918 को लड़ी गयी थी, जिसमें राजपूताने की सेना का नेतृत्व दलपत सिंह ने किया था. दलपत सिंह का जन्म वर्तमान पाली जिले के देवली गांव में हुआ था. प्रथम विश्व युद्ध में अंग्रेजो की ओर से जोधपुर रियासत की सेना ने भी हिस्सा लिया था. कहा जाता है कि तब तोपों के सामने तलवारों से भिड़े थे दलपत सिंह. 

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छात्रावास समाज के लिए बड़ी उपलब्धि:
मुख्यमंत्री आवास पर वीसी के माध्यम से हुए कार्यक्रम में कृषि मंत्री लालचंद कटारिया, विधायक मनीषा पंवार, विधायक जब्बर सिंह सांखला, रणजीत सिंह सोडाला, रणजीत सिंह पंवार, मोहन सिंह हाथोज शामिल थे. वहीं विद्याधर नगर छात्रावास से मुख्य सचेतक महेश जोशी वीसी के माध्यम से जुड़े. उधर, दिल्ली से पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह भी कार्यक्रम से जुड़े थे. इस मौके पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि छात्रावास समाज के लिए बड़ी उपलब्धि होती है और मुझे उम्मीद है कि युवा पीढ़ी मेजर दलपत सिंह से प्रेरणा लेगी. कार्यक्रम को लालंचद कटारिया, भंवर जितेंद्र सिंह व महेश जोशी ने भी संबोधित किया. 
 

राजस्थान में प्राणवायु 'ऑक्सीजन' का एडवांस प्लान ! कोरोना में बढ़ी डिमाण्ड पर राज्य सरकार अलर्ट

जयपुर: प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों के साथ ही एकाएक बढ़ी प्राणवायु ऑक्सीजन की जरूरत के प्रति राज्य सरकार अलर्ट मोड पर है. भविष्य की जरूरत और कोरोना महामारी को देखते हुए प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों से जुड़े अस्पताल और सोसायटी से जुडे़ कॉलेजों के अस्पतालों में पर्याप्त ऑक्सीजन के लिए अलग-अलग तरह के ऑक्सीजन प्लांट लगाने की कवायद शुरू हो गई है. आइए आपको बताते है राजस्थान में कोरोना महामारी के बीच ऑक्सीजन का क्या है गणित और सरकार की कैसी है तैयारी....

गंभीर रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही: 
प्रदेश में हर दिन बढ़ते कोरोना मरीजों के बीच अब चिंता की बात ये है कि इसमें गंभीर रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. सरकारी आंकड़ों को देखते हो अगस्त की तुलना में सितम्बर में ऐसे मरीजों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है जिन्हें ऑक्सीजन की जरूरत पड़ी. नतीजन, ऑक्सीजन की डिमांड भी एकाएक बढ़ गई है. अब हालात ये हो गए है कि न केवल निजी अस्पतालों को बल्कि सरकार और चिकित्सा विभाग को भी ऑक्सीजन की पूर्ति के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है. हालांकि सरकार का दावा है कि अस्पतालों में पर्याप्त ऑक्सीजन सिलेंडर्स की व्यवस्था है, लेकिन आगामी दिनों में बढ़ती दिक्कतों को देखते हुए गहलोत सरकार ने एडवांस प्लान पर काम शुरू कर दिया है. इसके लिए बकायदा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 65 करोड़ रुपए की वित्तीय स्वीकृति जारी की है. जिसमें सरकारी मेडिकल कॉलेजों से जुड़े अस्पतालों में लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट और सोसायटी से जुडे़ कॉलेजों के अस्पतालों में जनरेशन प्लांट लगाए जाने है.  

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(आखिर सरकार के एडवांस प्लान के पीछे की वजह क्या ?)

- राजस्थान में हर रोज 12000 ऑक्सीजन सिलेंडर्स की आपूर्ति किया जाना संभव है.

- जून माह तक इन 12000 ऑक्सीजन सिलेंडर्स में से 4200 सिलेंडर्स अस्पतालों में और शेष इंडस्ट्री में जा रहे थे.

- लेकिन अगस्त माह में A सिम्टोमेटी मरीजों में भी सांस की दिक्कतों के सामने आने लगे मामले.

- जैसे ही इस तरह के मरीजों की तादात अस्पताल में बढ़ी तो एकाएक ऑक्सीजन की डिमाण्ड में भी हुआ इजाफा.

- जुलाई माह में अस्पतालों की डिमांड बढ़कर 5500 और अगस्त-सितम्बर में यह बढ़कर 8000 तक पहुंच गई है.

- विभागीय अधिकारियों की माने तो मरीजों की हर दिन की बढ़ती संख्या को देखते हुए अक्टूबर के अंत तक यह डिमांड बढ़कर लगभग 12000 तक पहुंच जाएगी.

- ऐसे में अलर्ट मोड पर आई सरकार ने निजी ऑक्सीजन प्लांट के अधिग्रहण के साथ ही नए प्लांट लगाने की दिशा में भी काम शुरू कर दिया है.

(सरकार की ये है जिलों से लेकर मेडिकल कॉलेजों के लिए तैयारी):-

- वैसे तो सेन्ट्रलाइज्ड ऑक्सीजन सिस्टम विकसित करने के लिए सरकार पहले ही विचार बना रही थी. 

- लेकिन कोरोना महामारी के दौरान अगस्त सितम्बर में एकाएक ऑक्सीजन बैड की जरूरत बढ़ी तो इस दिशा में तेजी से काम शुरू किया गया है. 

- जिला अस्पतालों में जहां सेन्ट्रलाइज्ड पाइप लाइन डालने का काम किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर 14 कॉलेजों के लिए भी 65 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए है. 

- इस राशि से सरकारी मेडिकल कॉलेजों से जुड़े अस्पतालों में 20 केएल क्षमता के लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट और सोसायटी से जुडे़ कॉलेजों के अस्पतालों में जनरेशन प्लांट लगाए जाने है. 

- जयपुर में चार, जोधपुर बीकानेर में 2-2 लगेंगे लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट, जबकि शेष मेडिकल कॉलेज के अस्पतालों में एक-एक लगेगा प्लांट. 

सरकार की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ऑक्सीजन प्लांट को लगाने के लिए फर्मों को फीक्स टाइम दिया गया है. चिकित्सा शिक्षा सचिव वैभव गालरिया का कहना है कि पांच जगहों पर प्लांट इसी माह लगा दिए जाएंगे,जबकि शेष बची जगहों पर अक्टूबर माह तक ऑक्सीजन प्लांट लगेंगे. इसके बाद काफी हद तक ऑक्सीजन की दिक्कतों को दूर किया जा सकेगा.  

एसएमएस अस्पताल होगा ऑक्सीजन सिलेण्डर फ्री !

- प्रदेश के सबसे बड़े एसएमएस अस्पताल को लेकर सरकार का एक्शन प्लान

- एसएमएस अस्पताल में लगाए जाएंगे 20-20 KL क्षमता के दो लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट

- 20KL क्षमता के एक प्लांट से सामान्य परिस्थिति में एक हजार बैड को सप्लाई हो सकती है

- आमदिनों में एसएमएस में दो हजार से आसपास बैड पर मरीज होते है भर्ती

- ऐसे में दोनों प्लांट से काफी हद तक ऑक्सीजन की सप्लाई की डिमाण्ड होगी पूरी

- इसके साथ ही दो ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट हाल ही में हो चुके है अस्पताल में शुरू

- खुद चिकित्सा शिक्षा सचिव का दावा, जब अस्पताल में दोनों लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट हो जाएंगे शुरू

- तो काफी हद तक छोटे सिलेण्डर से ऑक्सीजन की निर्भरता होगी खत्म

- सिर्फ विशेष परिस्थिति के लिए ही मंगवाए जाएंगे ऑक्सीजन के छोटे सिलेण्डर

सरकार का दावा है कि अस्पतालों में पर्याप्त ऑक्सीजन सिलेंडर्स की व्यवस्था है और आने वाले दिनों में बढ़ती डिमांड को देखते हुए हर तरह के विकल्प तैयार किए जा रहे हैं. हालांकि ऑक्सीजन प्लांट के लिए अक्टूबर अंत तक की डेडलाइन भी निर्धारित की गई है. लेकिन यदि इस टाइम लाइन के प्रति गंभीरता नहीं रखी गई तो हालात बिगडने में देरी नहीं लगेगी. क्योंकि जिस गति से गंभीर रोगियों की संख्या बढ़ रही है, उस हिसाब से अक्टूबर अंत या नवम्बर माह में सरकार के लिए बड़ी चुनौती देखी जा रही है. ऐसे में उम्मीद ये है कि सरकार की मंशा के अनुरूप फील्ड में काम होगा ताकि जरूरतमंद मरीजों का प्राणवायु ऑक्सीजन के लिए दर दर भटकना नहीं पड़े.  

VIDEO: कोरोना के गंभीर मरीज को जाते ही मिलेगी 'ऑक्सीजन', फर्स्ट इंडिया की खबर के बाद ओपीडी में नई व्यवस्था

VIDEO: कोरोना के गंभीर मरीज को जाते ही मिलेगी 'ऑक्सीजन', फर्स्ट इंडिया की खबर के बाद ओपीडी में नई व्यवस्था

जयपुर: प्रदेश के सबसे बड़े कोविड अस्पताल आरयूएचएस में गंभीर कोरोना मरीजों को तत्काल "ऑक्सीजन" बैड उपलब्ध होगा. अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर फर्स्ट इंडिया की खबर के बाद RUHS अस्पताल प्रशासन ने आज से व्यवस्थाओं को दुरूस्त करना शुरू कर दिया है. इसके तहत पहले ही दिन ओपीडी में 15 ऑक्सीजन बैड का होल्डिंग एरिया बनाया गया है, जहां मरीज को भर्ती करते ही जरूरत के हिसाब से ट्रिटमेंट मिलेगा. इसके बाद उसे बैड की स्थिति के हिसाब से वार्ड में शिफ्ट किया जाएगा.

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अस्पताल में गणेश प्रतिमा की स्थापना के लिए पहुंचे एसएमएस मेडिकल कॉलेज के अति.प्राचार्य डॉ एसएम शर्मा समेत पूरी टीम ने नई व्यवस्था का जायजा लिया. इस दौरान फर्स्ट इंडिया संवाददाता विकास शर्मा ने RUHS में प्रशासनिक जिम्मा संभाल रही पूरी टीम से की खास बातचीत...
 

कानून में संशोधन कर आत्महत्याओं पर अंकुश लगाएं राजस्थान सरकार- रामलाल शर्मा

कानून में संशोधन कर आत्महत्याओं पर अंकुश लगाएं राजस्थान सरकार- रामलाल शर्मा

जयपुर: भाजपा के प्रदेश के मुख्य प्रवक्ता व विधायक रामलाल शर्मा ने राजस्थान में बढ़ रही आत्महत्या की घटनाओं पर कहा है कि राजस्थान सरकार कानूनों में संशोधन करे और आत्महत्याओं पर अंकुश लगाने का काम करें. रामलाल शर्मा का तर्क है कि पिछले 2 महीनों में राजस्थान में आत्महत्याओं की संख्या में बहुत तीव्र गति से बढ़ोतरी हो रही है. आत्महत्याओं के मुख्य रूप से दो कारण माने जाते हैं. बढ़ी हुई ब्याज दर पर लिए हुए पैसों के लिए सूदखोर द्वारा टॉर्चर किया जाना और नए युवाओं का जुए के अंदर फंसना और इन्हीं दो कारणों की वजह से आत्महत्या बढ़ी हैं.

वर्तमान में बने हुए कानून इतने प्रभावी नहीं:  
शर्मा ने कहा कि वर्तमान में बने हुए कानून इतने प्रभावी नहीं है कि इन पर अंकुश लगाया जा सके. जुए के अंदर पुलिस पकड़ कर लाती है और कार्रवाई करती है. लेकिन जमानती अपराध होने के नाते उनको तत्काल रिहा कर दिया जाता है और इसकी वजह से जुआ खेलने वाले अपराधियों का मनोबल बढ़ गया है. अब तो जुए का प्रकार भी बदल गया है अब इसके लिए लोगों को इकट्ठा होने की आवश्यकता नहीं है. 

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राजस्थान सरकार कानूनों में संशोधन करें:
उन्होंने कहा कि कई मोबाइल ऐप ऐसी आ चुकी है कि लोग घर बैठे जुआ खेल सकते हैं. लेकिन तीव्र गति से बढ़ रही आत्महत्याओं का कारण जुआ और बढ़ी हुई ब्याज दर पर पैसा वसूल करना है. विधायक शर्मा ने मांग की है कि राजस्थान सरकार कानूनों में संशोधन करें या अध्यादेश जारी करें और जो आत्महत्यायें हो रही है, उन पर अंकुश लगाने का काम करें. 

VIDEO: अब परकोटे में जमीन के अंदर दौड़ेगी मेट्रो, सीएम गहलोत ने दिखाई हरी झंडी

जयपुर: राजधानी के परकोटा क्षेत्र में अब बड़ी चौपड़ तक मेट्रो दौड़ेगी. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के हरी झंडी दिखाने के साथ ही आज 7 साल का इंतजार खत्म हो गया है. सीएम गहलोत ने आज इसका वर्चुअल उद्घाटन किया. कार्यक्रम की अध्यक्षता नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल की. इसके साथ ही बड़ी चौपड़ मेट्रो स्टेशन पर कार्यक्रम आयोजित किया गया. अब लोग शाम 4 बजे से बड़ी चौपड़ से मेट्रो में सफर कर सकेंगे.  

इस मौके पर परिवहन मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास, मेट्रो सीएमडी भास्कर ए सावंत सहित कई अधिकारी सएमआर में मौजूद रहे तो बड़ी चौपड़ पर मुख्य सचेतक महेश जोशी और विधायक अमीन कागजी के साथ कई अधिकारी वहां मौजूद रहे. 

इस काम में केवल नौ पेड़ ही काटे गए:
सीएम गहलोत ने कहा कि जहां यह काम चल रहा था वहां हैरिटेज के साथ काफी व्यस्त इलाका था. ऐसे में कोई नुकसान नहीं पहुंचे इसका ध्यान रखना बड़ी चुनौती थी. बिना दुर्घटना के इतना बड़ा काम हो जाना आश्चर्य की बात है. उन्होंने कहा कि इस काम में केवल नौ पेड़ ही काटे गए. 

सेकंड फेज का काम भी शुरू करेंगे:
इस दौरान उन्होंने कहा कि हम सीतापुरा से अंबाबाड़ी तक का 22 किमी का सेकंड फेज का काम भी शुरू करेंगे. इसमें एयरपोर्ट भी जुड़ जाएगा. इसके साथ ही जल्द ही मानसरोवर से दूसरे इलाकों को भी जोड़ा जाएगा. हमारी प्रायरिटी में होने के बाद भी कोरोना के चलते इसमें विलंब हो रहा है. इस पूरे काम के लिए सीएम गहलोत ने यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल को धन्यवाद देते हुए कहा कि वे जयपुर और कोटा का ध्यान रखते हैं. ऐसे में मेरी उनसे शिकायत रहती है कि वे जोधपुर का भी उतना ही ध्यान रखें. 

महिला के हाथों हो रहा है शुभारंभ:
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन से पहले मेट्रो को चलाने वाली पायलट शैफाली से अपने विचार रखने को कहा. इस पर शैफाली ने कहा कि यह मेरे लिए गर्व की बात है कि मुझे भूमिगत मेट्रो चलाने का मौका मिला है. सीएम गहलोत ने शैफाली का उत्साहवर्धन किया और कहा कि यह अच्छी बात है कि इस काम का शुभारंभ एक महिला के हाथों हो रहा है.  

हमारी मेट्रो का किराया कम: 
इससे पहले यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि और राज्यों की तुलना में हमारी मेट्रो का किराया कम है. मेट्रो के चलने से न केवल लोगों को आसानी होगी बल्कि इससे पॉल्यूशन भी कम होगा. लोग बिना किसी दुर्घटना के अपने घर सुरक्षित पहुंच सकेंगे. 

मेट्रो में टोकन ले कर यात्रा करने पर पूरी तरह रोक रहेगी:
कोरोना को देखते हुए मेट्रो प्रबधंन ने बचाव के लिए कई फ़ैसले लिए हैं. मेट्रो में टोकन ले कर यात्रा करने पर पूरी तरह रोक रहेगी. स्मार्ट कार्ड ले कर ही मेट्रो में यात्रा कर सकेंगे. साथ ही मास्क लगाना हर यात्री के लिए अनिवार्य होगा. जिन स्टेशनों पर सोशल डिस्टेसिंग नहीं होगी वहां मेट्रो नहीं रुकेगी. सभी मेट्रो स्टेशनों पर सेनेटाईजेशन की भी व्यवस्था की गई है.  

- 2014 में शुरू हुआ था मेट्रो फेज-1बी का निर्माण कार्य

- मार्च, 2018 तक इस प्रोजेक्ट को करना था पूरा

- 02 भूमिगत मेट्रो स्टेशन बने हैं परकोटे के करीब दो किमी के दायरे में

- 1126 करोड़ आया है फेज वन भी प्रोजेक्ट का खर्चा

- मानसरोवर से बड़ी चौपड़ तक आसानी से पहुंच सकेंगे लोग

- बड़ी चौपड़ से मानसरोवर के बीच की मेट्रो की दूरी 11.3 किमी हो जाएगी, जो 26 मिनट में तय होगी यानी एक ट्रेन को आने-जाने में 52 मिनट लगेंगे 

- मेट्रो परियोजना पर 3149 खर्च किए गए हैं और इसको पूरा करने में 10 साल से अधिक का वक्त लगा है

किफायती किराया:- 

- 2 स्टेशन तक 6 रुपए

- 3 से 5 स्टेशन 12 रु.

- 6 से 8 स्टेशन 18 रु.

- 9 से 10 स्टेशन 22 रु.

- यह किराया अन्य किसी भी साधन से किफायती है

 

Horoscope Today, 23 September 2020: आज इन राशिवालों को होगा जबरदस्त फायदा, मिलेगी सफलता

Horoscope Today, 23 September 2020: आज इन राशिवालों को होगा जबरदस्त फायदा, मिलेगी सफलता

जयपुर: दैनिक राशिफल चंद्र ग्रह की गणना पर आधारित होता है. राशिफल की जानकारी करते समय पंचांग की गणना और सटीक खगोलीय विश्लेषण किया जाता है. दैनिक राशिफल में सभी 12 राशियों के भविष्य के बारे में बताया जाता है. ऐसे में आप इस राशिफल को पढ़कर अपनी दैनिक योजनाओं को सफल बना सकते हैं. 

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मेष (Aries) :- आपको आज मन में उदासी और आशान्ति का समावेश रहेगा. बार-बार किसी न किसी कारण आपको अपने परिजनों और मित्रों से उपेक्षा और विरोध का सामना करना होगा. 

वृष(Taurus):- आपका स्वास्थ्य आज सुधार की ओर अग्रसर हो रहा है. हो सकता है इसी वजह से आपकोअपने कामकाज में उत्साह बनाए रखने में मदद मिले. यदि आप अपने समय का सही उपयोग करेंगे तो निर्धारितलक्ष्य के नजदीक पहुंचने में देर नहीं लगेगी. 

मिथुन(Gemini):- किसी सार्वजनिक घटना या घोषणा से आपकी सुख-शांति में व्यवधान पड़ सकता है. अचानक ही कुछ विपरीत परिस्थितियां पैदा होने से आपका आत्मविश्वास विचलित हो सकता है.  

कर्क(Cancer):- आज किसी काम में लगातारअसफलता मिलने से मन में उदासी रहेगी. वरिष्ठ और परिवार के सदस्य आपकी खिलाफत कर सकते हैं. चलते-फिरते भी किसी नए बवाल में उलझने से आपको व्यर्थ का लांछन  झेलना पड़ सकता है.  

सिंह(Leo):- आज आपके स्वाभाविक उत्साह और पराक्रम में वृद्धि हो रही है. आपको अपने प्रयासों में लगातारही सफलता भी मिलती जा रही है. यदि किसी संस्था या संगठन के प्रतिनिधि हैं तो आपको कुछ जिम्मेदारी भी सौंपी जा सकती हैं.  

कन्या(Virgo):- जिन लोगों ने आपके लिए रूकावट खड़ी की है उनको पहचानना आपके लिए जरूरी होगा. तभी आपको आगे की चिन्ता कम होगी. लेकिन दूसरों की तरफ ध्यान आकर्षित होने से आपका काम रूक सकता है.  

तुला(Libra):- किसी मोटे लाभ के लिए आज आपके मन में काफी चिन्ता और उत्सुकता रहेगी. हो सकता है कुछ बाधाओं की वजह से अभी इस काम को पूरा करने में कुछ समय और लग जाए. 

वृश्चिक(Scorpio):- आपके जीवन उतार-चढ़ाव बहुत जल्दी-जल्दी आते हैं. आज भी कुछ ऐसा ही संकेत आपको मिल रहे हैं. विचलित होने की जरूरत नहीं लेकिन थोड़ा इन्तजार जरूर करना होगा. 

धनु(Sagittarius):- आज आपको अपनी शारीरिक और मानसिक इच्छापूर्ति का सुख मिलेगा. दीर्घकालीन योजनाओं और परियोजनाओं में आपकी भागीदारी न केवल आपके यश और ख्याति को बढ़ाएगी बल्कि धन लाभ भी करवाएगी. 

मकर(Capricorn):- बहुत समय से चल रहा कोई विवाद या मामला आज अचानक ही समाप्त होने जा रहाहै. आर्थिक और सामाजिक क्षेत्र में आपकी भागीदारी एक नया विकल्प बन सकती है.  

कुंभ(Aquarius):- कई दिनों से कोई अवरूद्ध लाभ आपको मिलने में देर लग रही है. आज के दिन आपके पास कोई ऐसी खबर आ रही है जो आपके लिए आगे चलकर लम्बी दौड़ का घोड़ा साबित हो. 

मीन(Pisces):- आज का दिन आपके लिए मनोकामना पूर्ति करने में सहायक हो रहा है.  अपने कामकाज में तल्लीन रहेंगे तो आगे का समय आपके लिए धन-समृद्धि से भरपूर हो जाएगा. मन की चिन्ताएं भी कम होंगी और नजदीकीलोगों पर भी अच्छा असर पड़ेगा.  

सौजन्य - राज ज्योतिषी पंडित मुकेश शास्त्री 

23 सितंबर 2020: जानिए आज का पंचांग, ये रहेगा शुभ-अशुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

23 सितंबर 2020: जानिए आज का पंचांग, ये रहेगा शुभ-अशुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

जयपुर: पंचांग का हिंदू धर्म में शुभ व अशुभ देखने के लिए विशेष महत्व होता है. पंचाम के माध्यम से समय एवं काल की सटीक गणना की जाती है. यहां हम दैनिक पंचांग में आपको शुभ मुहूर्त, शुभ तिथि, नक्षत्र, व्रतोत्सव, राहुकाल, दिशाशूल और आज शुभ चौघड़िये आदि की जानकारी देते हैं. तो ऐसे में आइए पंचांग से जानें आज का शुभ और अशुभ मुहूर्त और जानें कैसी रहेगी आज ग्रहों की चाल... 

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शुभ मास- प्रथम आश्विनी (अधिक) शुक्ल पक्ष  
शुभ तिथि सप्तमी भद्रा संज्ञक तिथि रात्रि 7 बजकर 57 मिनट तक तत्पश्चात अष्टमी तिथि रहेगी. सप्तमी  तिथि मे विवाह आदी, गृह आरंभ सभी शुभ और मांगलिक कार्य शुभ रहते है पर पितृ कर्म, यात्रा वर्जित है. सप्तमी तिथि में जन्मे पुत्र या पुत्री सुन्दर, ऐश्वर्य युक्त, विद्यावान व कीर्तिमान होते हैं. 

शुभ नक्षत्र ज्येष्ठा नक्षत्र सांय 6 बजकर 25 मिनट तक तत्पश्चात मूल नक्षत्र रहेगा. ज्येष्ठा नक्षत्र मे अग्नि ,शिल्प,चित्रकारी इत्यादि कार्य विशेष रूप से सिद्ध होते हैं. ज्येष्ठा नक्षत्र गण्डान्त मूल संज्ञक नक्षत्र है अतः ज्येष्ठा नक्षत्र मे जन्मे जातकों कि 27 दिन बाद पुनः इसी नक्षत्र के दिन मूल शांति करवा लेनी चाहिए. ज्येष्ठा नक्षत्र मे जन्म लेने वाला जातक स्वतन्त्र विचारों वाला, कठोर मेहनत करने वाला, क्रोधी स्वाभाव वाला, सुन्दर, साहसी, व्यापार निपुण, धनवान, बुद्धिमान होता है. 

चन्द्रमा - सांय 6-25 तक ‎वृश्चिक राशि में तत्पश्चात धनु राशि में संचार करेगा. 

व्रतोत्सव -  राहु वृषभ में एवं केतू वृश्चिक में  

राहुकाल - दोपहर 12 बजे से 1.30 बजे तक

दिशाशूल - बुधवार को उत्त्तर दिशा मे दिशाशूल रहता है. यात्रा को सफल बनाने लिए घर से गुड़, धनिया खा कर निकले. 

आज के शुभ चौघड़िये - सूर्योदय से प्रातः 9.19 \ तक लाभ अमृत का, प्रातः 10.49 मिनट से दोपहर 12.19 मिनट तक शुभ और दोपहर 3.19 मिनट से सूर्यास्त तक चर, लाभ का चौघड़िया

सौजन्य - राज ज्योतिषी पंडित मुकेश शास्त्री

IT विभाग की समीक्षा बैठक में कई अहम फैसले, सीएम गहलोत बोले, राजस्थान आईटी आधारित सुशासन में देश का प्रथम राज्य बने

IT विभाग की समीक्षा बैठक में कई अहम फैसले, सीएम गहलोत बोले, राजस्थान आईटी आधारित सुशासन में देश का प्रथम राज्य बने

जयपुर: सुशासन एवं पारदर्शिता के लिए गहलोत सरकार ने आमजन से जुड़ी सेवाएं 30 मार्च तक ऑनलाइन करने का फैसला किया है.मुख्यमंत्री आवास पर आज वीसी के माध्यम से ढाई घण्टे तक चली सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग की समीक्षा बैठक में सीएम गहलोत ने निर्देश दिए हैं कि राजस्थान लोक सेवा के प्रदान की गारंटी अधिनियम-2011 और राजस्थान सुनवाई का अधिकार अधिनियम-2012 के तहत विभिन्न विभागों की 221 नागरिक सेवाओं को 30 मार्च, 2021 तक ऑनलाइन प्लेटफार्म के माध्यम से उपलब्ध कराया जाए. उन्होंने इसके लिए मुख्य सचिव को इसके लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर गुड गवर्नेंस के इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को गति देने के निर्देश दिए.

आईटी का बेहतरीन उपयोग करने पर दिया जोर: 
सुशासन व पारदर्शित के लिए मुख्यमंत्री ने आईटी का बेहतरीन उपयोग करने पर जोर दिया है. सीएम गहलोत ने आईटी विभाग की समीक्षा बैठक में विभाग के प्रोजेक्टस की जानकारी ली और साथ ही निर्देश दिए कि जनता को बेहतरीन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आईटी का ज्यादा से ज्यादा उपयोग किया जाए. इस बैठक में मुख्य सचिव राजीव स्वरूप, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त निरंजन आर्य, आयुक्त सूचना प्रौद्योगिकी वीरेन्द्र सिंह, सूचना एवं जनसम्पर्क आयुक्त महेन्द्र सोनी, निदेशक आरआईएसएल अभिमन्यु कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के मुख्यालय तथा विभिन्न जिलों एवं ब्लाॅक स्तर तक पदस्थापित अधिकारी उपस्थित थे.

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जनता को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ें:
सीएम ने कहा कि सरकार चाहती है कि राजस्थान आईटी आधारित सुशासन में देश का प्रथम राज्य बने. राजस्थान में आम लोगों को राजकीय सेवाओं की डिलिवरी के लिए 80 हजार ई-मित्र केन्द्रों तथा राजीव गांधी सेवा केन्द्रों के रूप में पंचायत स्तर तक एक वृहद नेटवर्क उपलब्ध है. सभी विभागों को इसका अधिक से अधिक इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि आम लोगों को इसका सीधा फायदा मिल सके और उन्हें दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ें. गहलोत ने विभाग द्वारा विभिन्न राजकीय सेवाओं की ऑनलाइन डिलिवरी के लिए साॅफ्टवेयर, पोर्टल तथा ऐप सहित अन्य आईटी आधारित माॅड्यूल्स तैयार करने का काम आउटसोर्स करने के स्थान पर अपने ही विभाग के दक्ष एवं कुशल कार्मिकों से करवाने पर जोर दिया.

लगभग 2000 वीडियो कॉन्फ्रेंस से बैठकें भी आयोजित:
मुख्यमंत्री ने नियुक्तियों में अभ्यर्थियों के ऑनलाइन सत्यापन और प्रमाणीकरण, निर्माण कार्यों से जुड़े विभागों में टेंडर प्रक्रियाओं को ऑनलाइन करने, प्रत्यक्ष लाभ हस्तान्तरण (डीबीटी) व्यवस्था को सुदृढ़ करने, डिजिटल शिक्षा की पहुंच के विस्तार सहित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाने में विभिन्न आईटी प्लेटफाम्र्स के उपयोग को गति देने के निर्देश दिए. सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के प्रमुख शासन सचिव अभय कुमार ने बताया कि कोविड-19 महामारी के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को संक्रमण से बचाने, संक्रमित व्यक्तियों के प्रबंधन, सूचनाओं के संकलन और आदान-प्रदान तथा दिशा-निर्देशों के प्रसार आदि कार्यों में विभाग ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया है. साथ ही मुख्यमंत्री, मंत्रियों तथा अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों के बीच आवश्यक समन्वय एवं दिशा-निर्देशों के लिए लगभग 2000 वीडियो कॉन्फ्रेंस से बैठकें भी आयोजित करवाई.