विधानसभा के बजट सत्र में विपक्ष इन मुद्दों पर बना चुका सरकार को घेरने की रणनीति 

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/06/11 09:05

जयपुर: 27 जून से शुरू होने वाले राज्य विधानसभा के बजट सत्र इस बार पूरी तरह से हंगामेदार रहने के आसार हैं. विपक्ष की ओर से इस बार सरकार को किसान कर्ज माफी, बिजली, पानी और अपराध से जुड़े मामलों पर घेरने की पूरी तैयारियां है. बेरोजगारी भत्ता और सामान्य तबके के प्रमाण पत्र जारी करने के मामले पर भी विपक्ष सरकार को घेरने की रणनीति बना चुका है. पेश है एक रिपोर्ट:

पिछली बार के मुद्दों का हल नहीं:
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया का कहना है कि जो तीन विषय पिछली बार सदन में उठाए उनका अभी तक हल नहीं निकला है. जिनमे किसान कर्ज माफी का मुद्दा, बेरोजगारी भत्ता दिए जाने का मामला व सामान्य वर्ग के प्रमाण पत्र जारी करने के मामले है. भाजपा की दलील है कि सरकार जवाब दे कि किस तहसील में किस किसान का कितना कर्जा माफ हुआ. क्या वो उसके खाते में चला गया या फिर कागजों में ही खानापूर्ति की है? इसी तरीके से भाजपा सरकार से जवाब मांगेगी कि अभी तक कितने बेरोजगारों को भत्ता दिया गया है और कब दिया गया है? तीसरा आर्थिक आधार पर आरक्षण केंद्र सरकार के लागू किए जाने के बाद अभी तक बड़ी संख्या में लोगों के जाति प्रमाण पत्र नहीं बने हैं? यदि बने हैं तो कितने लोगों के बन चुके हैं और बाकी के लोगों को महरूम क्यों किया गया है?

पानी संकट भी मुद्दा:
वहीं दूसरी तरफ केंद्र सरकार से प्रति किसान ₹6000 की राशि से राजस्थान के किसान को वंचित करने का राज्य सरकार पर भाजपा ने आरोप लगाया है. इस मामले पर भी भाजपा सरकार को घेरने की तैयारी कर रही है. वहीं आयुष्मान योजना को लागू नहीं किए जाने के आरोप पर भी भाजपा सरकार को घेरेगी और पिछली सरकार में चल रही भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना को ठंडे बस्ते में डालने जैसे आरोप पर सदन में हंगामा कर सकती है. भाजपा का आरोप है कि पानी की स्थिति को लेकर पहले ही लग रहा था कि इस बार पानी का संकट आएगा ऐसे में सरकार ने पानी की स्थिति से निपटने के लिए पहले ही कोई प्रबंध नहीं किए. जबकि पिछली सरकार के दौरान में खुद आपदा राहत मंत्री था तो 50 बरस का सर्वाधिक धन इस महकमे में था. तो फिर पानी और चारे की व्यवस्था के लिए उस पैसे का खर्च क्यों नहीं किया गया. ठेकेदारों को राशि नहीं मिलने से विकास के काम सारे ठप पड़े हैं तो दूसरी तरफ नरेगा में भी 3 से 4 महीने से लोगों को पैसा नहीं मिला है इस मामले को लेकर भी भाजपा सदन में सरकार को घेरेगी. 

विधानसभा में उठेगा थानागाजी मामला:
भाजपा का आरोप है कि राजस्थान बिजली कटौती का दंश झेल रहा है. और किसानों को रबी और खरीफ की फसल का ऋण अभी तक नहीं मिला है. कानून व्यवस्था की जिस प्रकार से धज्जियां उडी है, थानागाजी मामले ने पूरे देश में हमें शर्मसार किया. बलात्कार की घटनाएं हुए अपराधों के पीछे जाने की वजह सरकार और पुलिस की पकड़ से दूर जा रहे हैं. सरकार अंतर्विरोध से घिरी सरकार सरकार के मंत्री सरकार पर सवालिया निशान लगा रहे हैं. सरकार के कई मंत्री त्यागपत्र देकर अंतर्धान हो रहे हैं. तो कोई मंत्री खड़े होकर कह रहे हैं कि पुलिस तंत्र विफल हो गया. प्रतिस्पर्धा मची है कुर्सी बचाने की. भाजपा की दलील है कि इसके पीछे एक बड़ा कारण यह भी है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री आलाकमान को राजी करने के लिए दिल्ली दरबार में हाजिरी लगातार लगा रहे हैं. यही कारण है कि प्रदेश में आर्थिक अराजकता की पराकाष्ठा हो गई है.

सरकार के कई विधायक भी दे सकते हैं समर्थन:
हालांकि भाजपा इन तमाम मुद्दों के जरिए तो सरकार को घेरेगी ही साथ ही भाजपा अंदर खाने यह मानकर चल रही है कि सरकार के कई विधायक भी जो लगातार सरकार के खिलाफ बयान दे चुके हैं वह भी भाजपा का मुद्दों पर साथ देंगे. बहरहाल अब देखना होगा कि आगामी 27 जून से शुरू होने वाले विधानसभा के बजट सत्र में किन मामलों पर हंगामा होता है या फिर सदन सुचारू रूप से चलती है. 

... संवाददाता ऐश्वर्य प्रधान की रिपोर्ट 

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