विपक्षी दलों ने लगाया आरोप, सरकार ने बजट को बनाया चुनावी हथियार

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/02/11 03:19

नई दिल्ली। लोकसभा में आज अंतरिम बजट पर चर्चा के दौरान विपक्षी दलों ने इसे चुनावी बजट करार दिया है। साथ ही आरोप लगाया है कि सरकार की नियत सही नहीं है, अगर ऐसा होता तो बजट की लोकप्रिय घोषणाओं को पिछले पांच बजटों में शामिल किया जा सकता था। चर्चा की शुरुआत करते हुए अन्नाद्रमुक के थम्बी दुरई ने कहा कि सरकार ने पिछले पांच साल के दौरान उन मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया है, जिनके जरिए इस बजट को लोकप्रिय बनाने का प्रयास किया गया है। 

उन्होंने कहा कि इस सरकार ने अब तक के पांच बजट में किसी को इस तरह से लोकप्रिय बनाने का काम नहीं हुआ है। इस बार की घोषणाओं का मतलब है कि चुनाव को ध्यान में रखते हुए यह बजट तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि बजट में निश्चितरूप से सुधार के लिए कदम उठाए गए हैं, लेकिन सच्चाई इसके ठीक विपरीत है। मोदी सरकार में बेरोजगारी 45 साल में सबसे ज्यादा हुई है। साथ ही देश में तीन लाख किसानों ने आत्महत्या की है, उसे रोकने के लिए कुछ नहीं किया गया है। बजट में किसानों को छह हजार रुपए हर साल देने की घोषणा की गई है लेकिन यह राशि बहुत कम है और इसको कम से कम दोगुना किया जाना चाहिए था।

अन्नाद्रमुक नेता ने कहा कि गांव में लोगों को रोजगार देने के लिए मनरेगा एक महत्वपूर्ण योजना थी लेकिन उसको ठीक तरह से क्रियान्वित नहीं किया जा रहा है, उसका पैसा ठेकेदार खा रहे हैं। सरकार ने मेक ‘इन इंडिया’ जैसे कार्यक्रम शुरू किए हैं लेकिन चीन और बंगलादेश में निर्मित सामान से बाजार पटा पड़ा है। उसके रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।

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