अंतरराष्ट्रीय मिर्गी रोग डे पर विशेष कार्यक्रम आयोजित

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/02/05 12:45

चूरू। जिले के रतननगर गांव में त्रिवेणी देवी सुरेका चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा पिछले 25 वर्षों से लगातार निशुल्क मिर्गी निदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर में 7000 से ज्यादा मरीज चिकित्सा लाभ ले रहे हैं और इसमें प्रदेश के विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा अपनी सेवाएं दी जाती है। इसमें गिनीज बुक रिकॉर्ड होल्डर, लिम्का बुक रिकॉर्ड होल्डर और स्टेट अवार्ड प्राप्त करने वाले डॉक्टर आरके सुरेका द्वारा 25 सालों से लगातार अपने पुत्र डॉ रक्षित सुरेका के साथ सेवाएं दे रहे हैं। निश्चित रूप से त्रिवेणी देवी सुरेखा चैरिटेबल ट्रस्ट और डॉ. आरके सुरेका का यह शिविर प्रदेश का अनूठा मानवीय सेवा का अनुपम उदाहरण है।

चुरू जिले के रतननगर गांव में हर माह की भांति आज भी त्रिवेणी देवी सुरेखा चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में पिछले 25 वर्ष से लगने वाला शिविर आयोजित किया गया। आज यह 297वां निशुल्क मिर्गी रोग निदान शिविर आयोजित किया गया । इस कैंप में भारतवर्ष के कोने-कोने से मिर्गी रोगी चिकित्सा लाभ लेने पहुंचते है।  इस शिविर में आज 700 रोगियों का उपचार किया गया।  इस शिविर में मुख्य चिकित्सक न्यूरो फिजीशियन डॉ. आरके सुरेका ने फर्स्ट इंडिया के संवाददाता संजय प्रजापत से विशेष वार्ता की। 

डॉ सुरेखा ने बताया की मिर्गी रोग के प्रति जो भ्रांतियां हैं वह सब गलत है। इसका उपचार संभव है और समय पर उपचार करवाया जाए तो निश्चित रूप से मरीज अपना स्वभाविक जीवन जी सकता है। उन्होंने बताया कि मिर्गी रोग से पीड़ित लोगों ने देश और दुनिया में अपना नाम किया है । इस मामले में उन्होंने विश्व प्रसिद्ध क्रिकेटर जोंटी रोड्स का भी उदाहरण दिया।  इस शिविर में 7000 मरीजों ने 1994 से लेकर आज तक इस कैंप में लाभ लिया है। एक अनुसंधान के अनुसार पुरुषों में यह बीमारी ज्यादा पाई जाती है। यहां करीब 60% रोगी 11 साल से 30 वर्ष की उम्र के होते हैं । ज्यादातर मरीज यहां पर ग्रामीण अंचल से आते हैं।  50% मरीजों को एक दवाई से ही दौरे नियंत्रण हो गए हैं । 30% मरीजों में दो प्रकार की दवाइयां था 18% मरीजों में 3 या उससे ज्यादा प्रकार की दवाइयों से दौरे नियंत्रण हो रहे हैं । 

डॉ सुरेखा का कहना है कि मिर्गी रोग के मुख्य कारण 30% लोगों में ही मालूम किए जा सकते हैं। जिनमें की मुख्य कारण सिर में चोट लगना, मिर्गी के लार्वा, मस्तिष्क का संक्रमण, नसों के गुच्छे, शराब ओर नशे की दवाइयां लेना आदि है ।

इस कैंप में मानव मात्र की सेवा करने के लिए डॉ सुरेखा पिता-पुत्र के साथ डॉ जयसिंह, डॉ गोरी विनोद सुरेखा, ताजू खान सहित अनेक विशेषज्ञ डॉ यहां पर सेवाएं देने आते हैं। 

निशुल्क रूप से आयोजित सेवा शिविर निश्चित रूप से मानव मात्र के कल्याण का कारक बन चुका है। यहां पर उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, पंजाब, गुजरात आदि क्षेत्र के भी रोगी यहां आकर लाभ ले रहे हैं।

...चूरू से संजय प्रजापत की रिपोर्ट

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