शादीशुदा ज़िन्दगी खुशगवार बनाने के लिए नेशनल कांफ्रेंस का आयोजन

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/01/19 09:43

जोधपुर। पति पत्नी के पवित्र रिश्ते को मजबूत बनाए रखने के लिए एक और जहां तीन तलाक पर रोक लगने के साथ सड़क से संसद तक की लड़ाई के बाद अब उम्मीद की किरण जगने लगी है कि परिवार टूटने बंद हो जाएंगे इसी बीच इसी सकारात्मक सोच से शादीशुदा ज़िन्दगी खुशगवार कैसे बनाए विषय पर नेशनल कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। इस सेमिनार में विश्व विख्यात इस्लामी स्कोलर मुहम्मद शाकिर नूरी व्याख्यान दिया जिसमे जोधपुर शहर के चुनिन्दा 200 विवाहित जोडो ने शिरकत की।

पहले मैरिड लाइफ एक ऐसा पूल था जो सभी को जोड़ने और जिम्मेदारियों को निभाने वाला था लेकिन आज यही रिलेशन जहर की तरह बन गया है। आज के समय में मैरिड लाइफ पर एक तलवार लटक रही है जिसे संभाल पाना पति-पत्नि दोनों के बस की बात नहीं लगती। गलती दोनों से हो रही है लेकिन वे समझ नहीं पा रहे हैं। बढ़ते तलाक के मामले चिंता की बात है। ऐसे में सुन्नी दावते इस्लामी संस्था की ओर से "मैरिड लाइफ को खुशगवार कैसे बनाएं' विषय पर महिला पीजी कॉलेज में नेशनल कॉन्फ्रेंस रखी गई। संस्था की मुंबई ब्रांच के मुख्य वक्ता और इस्लामी स्कॉलर नाम से पहचाने जाने वाले मौलाना मुहम्मद शाकिर नूरी और मालेगांव के अमीनुल कादरी ने शिरकत की। 

कॉर्डिनेटर मोहम्मद सिराज नूरी ने बताया, इस प्रोग्राम में इसमें 21 से 30 साल तक की उम्र के 200 जोड़ों को बुलाया गया और उन्हें अंडरस्टेंडिंग के आधार पर शादीशुदा जिंदगी को खुशगवार बनाने के टिप्स बताए गए। उन्होंने बताया कि पति-पत्नि के झगड़े का असर पीढ़ियों पर पड़ता है। शाकिर नूरी ने शादी के मायने बताते हुए कहा कि यह रिश्ता गिव एंड टेक का रिश्ता है। पति जो उम्मीद पत्नि से करता है, वैसा खुद भी करें और पत्नि जैसी उम्मीद पति से करती है, वैसा खुद पहले देने की कोशिश करें। सबसे बड़ी बात है एक-दूसरे पर पूरा भरोसा रखना। इसी तरह पत्नि को पति के स्ट्रेस को कम करने की जिम्मेदारी उठानी होगी। पति के ऑफिस से घर आते ही अगर इच्छाओं की लिस्ट उसके सामने रखेंगे तो झगड़ा होगा ही। 

उन्होंने कहा, पुरुष यह चाहता है कि उसकी पत्नि सिर्फ उसी के लिए सजे-संवरें, लेकिन आजकल ये कम हो रहा है। महिलाएं कहीं जाने से पहले दूसरों के बारे में ज्यादा सोचती हैं। सोशल मीडिया के कारण दोनों वाट्सऐप और फेसबुक पर बने फ्रेंड्स में रूचि रखने लगे हैं और दोनों यह एक-दूसरे से छुपाते हैं। इससे घर में कलह रहती है। सैय्यद अमीनुल कादरी ने कहा कि महिला और पुरुष दोनों की तीन डिमांड होती है प्रोटक्शन, एप्रिसिएशन और अटेंशन। इनमें थोड़ी-सी भी कमी एक-दूसरे की ओर से हो तो लड़ाई का कारण बनता है। 
राजीव गौड,जोधपुर

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in