वर्षों से झोलाछाप डॉक्टर मानव जीवन के साथ जमकर कर रहे खिलवाड़

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/01/09 01:33

पिंडवाड़ा(सिरोही)। झोलाछाप डॉक्टर वर्षों से अपना डेरा जमाएं बैठे है, व आमजन के जीवन के साथ जमकर खिलवाड़ कर रहें है। कई बार इनके इलाज के दौरान कई व्यक्तियों की मौत तक हो जाती है। लेकिन आलम यह है जिम्मेदारों को इनके ऊपर ठोस कार्यवाही करनी चाहिए थी पर..जिम्मेदार उदासीन होकर बैठे है..जिसके चलते आज ज़िले भर के अनेकों गांवों व शहरों में इनके द्वारा सरेआम मानव जीवन के साथ खिलवाड़ जारी है।

फर्स्ट इंडिया टीम ने इस विषय पर पड़ताल शुरू करते हुए सिरोही ज़िल के पिंडवाड़ा तहसील क्षेत्र के दर्जनों गांवों का दौरा किया तो कई हैरान कर देने वाले तथ्य सामने आएं । इन झोलाछाप डॉक्टरों के पास न तो कोई डिग्री नजर आई और न ही कोई ऐसा प्रमाण जिसके चलते यह इलाज कर सके । बात यही नही रुकती इलाज के उपरांत दवाएं भी इनके द्वारा पीड़ितों को दी जाती है । सवाल यह उठता है की आख़िर इनके पास यह दवाएं कहा से आती है..? कौन इनको दवाएं सप्लाई करता है..। वही इनके द्वारा दी जाने वाली दवाएं गुणवत्तापूर्ण है या नही..? सबसे महत्वपूर्ण बात इलाज के दौरान जो संक्रमित निडल्स व अपशिष्ट होता है जिसे मेडिकल की भाषा मे कहें तो बायोवेस्ट इसके निस्तारण की भी इनके पास कोई समुचित व्यवस्था नही नजर आई जिसके चलते यह लोग बायोवेस्ट को इधर उधर डाल देते होंगे जो कि आमजन व पशु पक्षियों सभी के लिए जानलेवा है..फिर भी जिम्मेदार इन पर नकेल कसने में नाकाम साबित हो रहे है।

फर्स्ट इंडिया न्यूज टीम पिंडवाड़ा तहसील के एक ऐसे गाँव पहुँची जिसका नाम ईसरा गाँव है जहां पर इन झोलाछाप डॉक्टरों के क्लिनिक में शराब की बोतलें नजर आई जिससे तमाम सवाल खड़े हो गए यानी इन क्लिनिकों में महफ़िल भी जमती है..और यह झोलाछाप शराब के नशे में लोगों का इलाज करते होंगे तो आमजन के लिए यह कितना घातक है।

पड़ताल के दौरान यह भी सामने आया कि इन लोगों को पनाह देने के पीछे मेडिकल संचालकों का हाथ होता है । क्योकि मेडिकल संचालक ही इनको दवाएं सप्लाई करते है । जिसके चलते इनको जमकर श्रेय मिला हुआ है और बेख़ौफ है।

आश्चर्य का विषय तो यह भी है..की पूर्व में इन पर लगाम लगाने की मात्र औपचारिक या नाकाम कोशिश संबंधित विभाग के जिम्मेदारों द्वारा की गई। लेकिन वो सिर्फ एक दिखावा ही था। यहां यू कहें कि जनता के आँखों मे जिम्मेदार धूल झांकने का काम किए । यह हम इसलिए कह रहें है..की जब जिम्मेदार कार्यवाही के लिए निकलते है उसी दिन झोलाछाप अपना क्लिनिक बन्द कर मौके से नदारद हो जाते है । आखिर राजकीय कार्यवाही की गोपनीयता कौन भंग करता है..यह सोचनीय प्रश्न है..। इससे आशंका यह जताई जा सकती है की चिकित्सा महकमें से कुछ जिम्मेदारों की झोलाछाप डॉक्टरों से सीधी साठगाँठ होती है... इसलिए यह झोलाछाप डॉक्टरों के जो लीडर होता उसको सूचना दे देते.. जिस कारण कार्यवाही से पहले ही यह अपना क्लिनिक बन्द कर फरार हो जाते है यह वाक्या कई दरम्यान देखा गया है...।

खेर पर्दे के पीछे जो भी खेल चलता हो..लेकिन हकीकत आमजन के व जिम्मेदारों के सामने है.. अयोग्य झोलाछाप डॉक्टर मानव जीवन के साथ वर्षों से खिलवाड़ कर रहें है लेकिन जिम्मेदार महकमा आज तक इन पर नकेल नही कस पाया...अब देखने वाली महत्वपूर्ण बात यह होगी की प्रदेश की सरकार के जिम्मेदार चिकित्सा मंत्री इस पर कोई संज्ञान लेते है या नही...।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सिरोही ने बताया कि इन पर नकेल कसने की कार्यवाही की जाएंगी अब देखने वाली महत्वपूर्ण बात यह यह रहेगी क्या कार्यवाही होती है और जिम्मेदारों के प्रयास कितने कारगर साबित होते है।
फर्स्ट इंडिया न्यूज से तुषार राजपुरोहित की एक्सक्लुसिव रिपोर्ट

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