टोक्यो नीरज के स्वर्ण जीतने के कारनामे से अभिभूत हूं: बायोमैकेनिक्स विशेषज्ञ बार्टोनीट्ज

नीरज के स्वर्ण जीतने के कारनामे से अभिभूत हूं: बायोमैकेनिक्स विशेषज्ञ बार्टोनीट्ज

नीरज के स्वर्ण जीतने के कारनामे से अभिभूत हूं: बायोमैकेनिक्स विशेषज्ञ बार्टोनीट्ज

टोक्यो: स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा को ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले बायोमैकेनिक्स विशेषज्ञ डॉ. क्लॉस बार्टोनीट्ज ने रविवार को कहा कि इस खेल में सर्वश्रेष्ठ बनने के लिए किये गये अपने शिष्य के कारनामे से वह अभिभूत हैं. 

नीरज के दाहिने हाथ में हुई ती सर्जरी:
बार्टोनीट्ज 2019 में चोपड़ा से जुड़े थे, जब यह खिलाड़ी अपने भाला फेंकने वाले दाहिने हाथ में आर्थोस्कोपिक सर्जरी के बाद रिहैबिलिटेशन के दौर से गुजर रहा था. अखिल भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (AAFI) से जारी संक्षिप्त वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि मैं अभिभूत हूं कि नीरज कांस्य या रजत नहीं बल्कि स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहा और वह दुनिया का सर्वश्रेष्ठ भाला फेंक खिलाड़ी बन गया. 

नीरज ने 87.58 मीटर के थ्रो में फेंका भाला:
जर्मनी के बायोमैकेनिक्स विशेषज्ञ ने कहा कि यह एएफआई और भारत में एथलेटिक्स में रुचि रखने वाले सभी लोगों के लिए बहुत खुशी की बात है. इस 23 साल के खिलाड़ी ने शनिवार को भाला फेंक में 87.58 मीटर के थ्रो के साथ इतिहास रच दिया. वह ट्रैक एवं फील्ड स्पर्धा में पदक जीतने वाले देश के पहले खिलाड़ी है. नीरज अभिनव बिंद्रा के बाद ओलंपिक में  व्यक्तिगत  स्वर्ण पदक जीतने वाले केवल दूसरे भारतीय खिलाड़ी है. सोर्स-भाषा
 

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