किसान आंदोलन होगा ऐतिहासिक, केन्द्र सरकार को मजबूर होकर कृषि कानूनों को लेना पड़ेगा वापस

किसान आंदोलन होगा ऐतिहासिक, केन्द्र सरकार को मजबूर होकर कृषि कानूनों को लेना पड़ेगा वापस

जयपुरः केन्द्र सरकार के कृषि कानूनों के विरोध में किसान संगठनों के भारत बंद को राजस्थान कांग्रेस ने ऐतिहासिक बताते हुए इसका पूरी तरह से समर्थन देने की बात कहते हुए इसे सफल बनाने का आह्वान किया है. इस दौरान कांग्रेस ने कहा कि किसानों के इस आंदोलन के बाद केन्द्र सरकार को विवादित कानून लेने के लिए मजबूर होना पड़ेगा. किसान संगठनों के भारत बंद को समर्थन को लेकर पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने प्रेस वार्ता की.

किसानों से किए गए वादे भूलकर भाजपा सरकार अपने उद्योगपति दोस्तों के वादे कर रही पूरीः
पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि केन्द्र सरकार कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर नेशनल कांग्रेस के साथ-साथ सभी विपक्षी पार्टियों ने 8 दिसंबर को प्रस्तावित भारत बंद को समर्थन देने का फैसला किया है. इसी के तहत राजस्थान पीसीसी भी इस भारत बंद को सफल बनाने का आह्वान किया है. उन्होंने कहा कि किसान संगठनों का भारत बंद ऐतिहासिक होगा, क्योंकि सभी कोमों के किसानों ने केन्द्र की मोदी सरकार के खोखले वादों को लेकर पूरे देश के सामने लाएगे. इसके बाद केन्द्र सरकार को मजबूर होकर इन काले कानूनों को वापस लेना पड़ेगा. डोटासरा ने केन्द्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव के समय भाजपा की ओर से किसानों से जो वादे किए गए थे वह अब मुकर कर अपने उद्योगपति दोस्तों को फायदा पहुंचाने का काम कर रहे और किसानों के साथ धोखा कर रहे हैं.

कैबिनेट बैठक में फैसला, किसानों को ट्यूबवेल खोदने के लिए नहीं लेनी होगी किसी कि अनुमतिः 
पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने राजस्थान सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि मुझे ये बताते हुए खुशी हो रही है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए कई अहम फैसले ले रही है. इसी के तहत सोमवार को बुलाई गई कैबिनेट बैठक में किसानों को ट्यूबवेल खोदने के लिए किसी की अनुमति लेने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि 2011 से लेकर अब तक किसाब बिना अनुमति ट्यूबवेल नहीं खोद सकता था, लेकिन सीएम अशोक गहलोत की मंजूरी मिलने के बाद अब किसान चाहे खेती के लिए या फिर पीने के पानी के लिए ट्यूबवेल खोद सकता है. उन्होंने इसके साथ ही बताया कि बैठक में जनता को फायदा पहुंचाने के मकसद से अब मंत्री और विधायक अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में लगातार जनसुनवाई करेंगे. जनसुनवाई के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे.

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