Covid पर PM मोदी की चिंता, अवधेशानंद गिरी से कहा- दो शाही स्नान हो चुके, अब कुंभ प्रतीकात्मक रखा जाए

Covid पर PM मोदी की चिंता, अवधेशानंद गिरी से कहा- दो शाही स्नान हो चुके, अब कुंभ प्रतीकात्मक रखा जाए

Covid पर  PM मोदी की चिंता, अवधेशानंद गिरी से कहा- दो शाही स्नान हो चुके, अब कुंभ प्रतीकात्मक रखा जाए

नई दिल्ली: देश में कोरोना लगातार बढ़ता जा रहा है. ऐसे में देश का सबसे बडा कुंभ स्नान भी चल रहा है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने Covid-19 पर चिंता जताई है. ऐसे में उन्होने कहा है कि हरिद्वार के कुंभ मेले को अब खत्म किया जा सकता है. कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद साधु-संतों से अपील की है कि अब कुंभ को प्रतीकात्मक रखा जाए.

कोरोना संकट के चलते कुंभ को रखा जाए प्रतीकात्मक: मोदी
मोदी ने महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी से फोन पर बातचीत भी की है. उन्होंने कुंभ मेले में संक्रमित पाए जा रहे साधु-संतों का हालचाल भी जाना है. मोदी ने ट्वीट किया है कि आचार्य महामंडलेश्वर पूज्य स्वामी अवधेशानंद गिरि जी से आज फोन पर बात की है. सभी संतों के स्वास्थ्य का हाल जाना है. सभी संतगण प्रशासन को हर प्रकार का सहयोग कर रहे हैं. मैंने इसके लिए संत जगत का आभार व्यक्त किया. मैंने प्रार्थना की है कि दो शाही स्नान हो चुके हैं और अब कुंभ को कोरोना के संकट के चलते प्रतीकात्मक ही रखा जाए. इससे इस संकट से लड़ाई को एक ताकत मिलेगी.

माननीय प्रधानमंत्री जी के आह्वान का हम सम्मान करते हैं ! जीवन की रक्षा महत पुण्य है।मेरा धर्म परायण जनता से आग्रह है कि कोविड की परिस्थितियों को देखते हुए भारी संख्या में स्नान के लिए न आएँ एवं नियमों का निर्वहन करें ! @narendramodi @AmitShah @TIRATHSRAWAT #KumbhMela2021 #कुम्भ https://t.co/dNjPPnDztQ

— Swami Avdheshanand (@AvdheshanandG) April 17, 2021

आचार्य महामंडलेश्वर पूज्य स्वामी अवधेशानंद गिरि जी से आज फोन पर बात की। सभी संतों के स्वास्थ्य का हाल जाना। सभी संतगण प्रशासन को हर प्रकार का सहयोग कर रहे हैं। मैंने इसके लिए संत जगत का आभार व्यक्त किया।

— Narendra Modi (@narendramodi) April 17, 2021


अवधेशानंद गिरी ने भी संतो से की अपील:
प्रधानमंत्री से बातचीत के बाद जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी ने भी प्रधानमंत्री के ट्वीट  का जवाब देते हुए ट्वीट के माध्यम से इसकी जानकारी शेयर की है. उन्होंने लिखा है कि माननीय प्रधानमंत्री जी के आह्वान का हम सम्मान करते हैं. स्वयं एवं अन्य के जीवन की रक्षा महत पुण्य है. मेरा धर्म परायण जनता से आग्रह है कि कोविड की परिस्थितियों को देखते हुए कोरोना के नियमों का निर्वहन करें.

माननीय प्रधानमंत्री जी के आह्वान का हम सम्मान करते हैं ! जीवन की रक्षा महत पुण्य है।मेरा धर्म परायण जनता से आग्रह है कि कोविड की परिस्थितियों को देखते हुए भारी संख्या में स्नान के लिए न आएँ एवं नियमों का निर्वहन करें ! @narendramodi @AmitShah @TIRATHSRAWAT #KumbhMela2021 #कुम्भ https://t.co/dNjPPnDztQ

— Swami Avdheshanand (@AvdheshanandG) April 17, 2021


अब तक हो चुके है 70 से ज्यादा साधु संक्रमित:
कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए निरंजनी अखाड़े ने 15 दिन पहले ही कुंभ मेला खत्म करने का ऐलान कर दिया था. इस अखाड़े के 17 साधु-संत संक्रमित हो चुके हैं. अखाड़े के सचिव रविंद्र पुरी खुद संक्रमित हैं. अब तक कुंभ मेले में शामिल होने वाले करीब 70 से ज्यादा साधु-संत कोरोना संक्रमित पाए गए हैं. बड़ी संख्या में संतों की टेस्टिंग हो रही है. दो दिन पहले ही अखिल भारतीय श्री पंच निर्वाणी अखाड़े के महामंडलेश्वर कपिल देवदास (65) की मौत भी हो चुकी है.

 उत्तराखंड में अचानक बढ़े है कोविड के मामले:
उत्तराखंड में एक महीने के अंदर कोरोना मरीजों के मिलने की रफ्तार में 8814% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इस ग्रोथ रेट को समझना है तो पहले कुछ आंकड़ों को देखें. 14 फरवरी से 28 फरवरी तक उत्तराखंड में महज 172 लोग संक्रमित पाए गए थे. फिर 1 से 15 अप्रैल के बीच 15,333 लोग कोरोना की चपेट में आए. 14 फरवरी से 14 अप्रैल के बीच का ग्रोथ रेट 8814% आता है.

हर दिन मिलने वाले मरीजों की संख्या से लगाएं अंदाजा:
बिगड़ते हालात का अंदाजा यहां हर दिन मिलने वाले मरीजों की संख्या से भी लगा सकते हैं. फरवरी तक यहां हर दिन केवल 30 से 60 के बीच लोग संक्रमित मिलते थे. अब ये संख्या बढ़कर 2,000 से 2,500 हो गई है. आंकड़ों पर गौर करें तो लगता है कि ये तो अभी शुरुआत है. आने वाले दिनों में स्थितियां और भी भयावह हो सकती है. पिछले 24 घंटे में उत्तराखंड में 2402 लोग संक्रमित मिले हैं. इनमें 539 मरीज हरिद्वार से हैं.

कोरोना फैलने पर आपस में भिड़ने लगे अखाड़े:
कुंभ में संक्रमण फैलने को लेकर अब अखाड़े के साधु-संत आपस में ही भिड़ गए हैं. एक-दूसरे पर कोरोना फैलाने को लेकर आरोप लगा रहे हैं. बैरागी अखाड़े ने आरोप लगाया कि कुंभ में संक्रमण संन्यासी अखाड़ों से फैला है. निर्मोही अखाड़े के अध्यक्ष महंत राजेंद्र दास ने कुंभ में बढ़ते संक्रमण के मामलों के लिए अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि को जिम्मेदार ठहराया है. हरिद्वार में कुंभ मेले का समय 30 अप्रैल तक है. कोरोना के चलते इस साल कुंभ का मेला जनवरी की बजाय 1 अप्रैल से शुरू किया गया था.

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