Pariksha Pe Charcha 2020 : पीएम मोदी ने दिया बच्चों को परीक्षा में तनाव दूर करने का 'गुरु मंत्र', विस्तार से पढ़े 20 बड़ी बातें

FirstIndia Correspondent Published Date 2020/01/20 13:27

नई दिल्ली: परीक्षा पे चर्चा का तीसरा संस्करण आज नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित किया गया. इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों ने परीक्षा को लेकर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल पूछे. इस पर पीएम मोदी ने बच्चों को सवालों का जवाब देते हुए सीधा संवाद किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9वीं से 12वीं तक के छात्रों से बात की. कार्यक्रम में करीब दो हज़ार बच्चे शामिल हुए. कार्यक्रम में पीएम ने परीक्षा के तनाव को कम करने के लिए छात्रों को ये महत्वपूर्ण मंत्र दिए...

1. पीएम मोदी ने बच्चों को चंद्रयान 2 मिशन का उदाहरण देते हुए कहा, ''विफलता के बाद रुके नहीं, आगे बढ़ें. अपेक्षा पूरी नहीं होने पर मूड ऑफ न करें.

2. पीएम मोदी ने कहा कि एक व्यक्ति का संकल्प दूसरों को भी मॉटीवेट करता है. हिंदुस्तान के लिए ये दशक बहुत महत्वपूर्ण है.

3. परीक्षा के अंक जिंदगी नहीं है, यह एक पड़ाव है. फेल हुए तो ‘दुनिया लुट गई’ जैसा कुछ नहीं है. हम विफलता के बाद भी शिक्षा पा सकते हैं. परीक्षा का महत्व है, लेकिन परीक्षा ही सबकुछ है, इससे हमें बाहर आना चाहिए.’’ मोटिवेशन और डिमोटिवेशन का सवाल है, जीवन में कोई व्यक्ति ऐसा नहीं है जिसे ऐसे दौर से न गुजरना पड़ता हो.

4. चंद्रयान 2 मिशन के बारे में पीएम मोदी ने कहा कि हम विफलताओं मैं भी सफलता की शिक्षा पा सकते हैं. हर प्रयास में हम उत्साह भर सकते हैं और किसी चीज में आप विफल हो गए तो उसका मतलब है कि अब आप सफलता की ओर चल पड़े हो.

5. बच्चों के एक सवाल के जवाब में पीएम मोदी ने साल 2001 के भारत-ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट मैच का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि उस मैच में राहुल द्रविण और वीवीएस लक्ष्मण आखिर तक डटे रहे और भारत की जीत दिलाई. इसी तरह से अनिल कुंबले के जबड़े में चोट लग गई थी, लेकिन उसके बाद भी उन्होंने खेलने का संकल्प लिया और टीम को जीत दिला दी.

6. आज संभावनाएं बहुत बढ़ गई हैं. सिर्फ परीक्षा के अंक जिंदगी नहीं हैं. कोई एक परीक्षा पूरी जिंदगी नहीं है. ये एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, लेकिन यही सब कुछ है, ऐसा नहीं मानना चाहिए.

7. अगर आप कोई अन्य एक्टिविटी नहीं करते हैं और बिलकुल रोबोट की तरह सुबह से शाम तक कार्य करते रहोगे तो, आप सच में एक रोबोट बनकर रह जाओगे, क्या आप चाहते हैं कि ऐसा हो? हमारा नौजवान ऊर्जा से भरा हुआ, सपनों को लेकर चलने वाला, साहस दिखाने वाला नहीं होगा तो, कुछ नहीं होगा.

8. पिछली शताब्दी के आखरी कालखंड और इस शताब्दी के आरंभ कालखंड में विज्ञान और तकनीक ने जीवन को बदल दिया है. इसलिए तकनीक का भय कतई अपने जीवन में आने नहीं देना चाहिए. तकनीक को हम अपना दोस्त माने, बदलती तकनीक की हम पहले से जानकारी जुटाएं, ये जरूरी है.

9. स्मार्ट फोन जितना समय आपका समय चोरी करता है, उसमें से 10 प्रतिशत कम करके आप अपने मां, बाप, दादा, दादी के साथ बिताएं. तकनीक हमें खींचकर ले जाए, उससे हमें बचकर रहना चाहिए. हमारे अंदर ये भावना होनी चाहिए कि मैं तकनीक को अपनी मर्जी से उपयोग करूंगा.

10. आज की पीढ़ी घर से ही गूगल से बात करके ये जान लेती है कि उसकी ट्रेन समय पर है या नहीं. नई पीढ़ी वो है जो किसी और से पूछने के बजाए, तकनीक की मदद से जानकारी जुटा लेती है. इसका मतलब कि उसे तकनीक का उपयोग क्या होना चाहिए, ये पता लग गया.

11. पीएम ने कहा कि अधिकार और कर्त्तव्य जब साथ साथ बोले जाते हैं, तभी सब गड़बड़ हो जाता हैं, जबकि हमारे कर्त्तव्य में ही सबके अधिकार समाहित हैं. जब मैं एक अध्यापक के रूप में अपना कर्त्तव्य निभाता हूं, तो उससे विद्यार्थियों के अधिकारों की रक्षा होती है.

12. पीएम ने कहा कि इस देश में अरुणाचल ऐसा प्रदेश है जहां एक दूसरे से मिलने पर जय-हिंद बोला जाता है.  ये हिंदुस्तान में बहुत कम जगह होता है.

13. बच्चों पर प्रेशर नहीं बनाना चाहिए, जिनके साथ बच्चे कम्फर्ट होता है उससे बात करना जरूरी है. भारत का हर बच्चा सुपर पॉलिटिशयन होता है, उसे पता है कि घर में किससे क्या काम करवाना है.

14. प्रधानमंत्री ने कहा,'हमारे यहां ऐसा माना गया है कि सुबह बहुत ही उत्तम कालखंड होता है और सुबह अध्ययन किया जाए ज्यादा अच्छा रहता है. जरूरी नहीं है कि हमें रात में पढ़ना है या सुबह पढ़ना सभी की विशेषताएं होती हैं. आप को जब सहूलियत लगे उस समय पढ़ें'

15. महात्मा गांधी कहते थे कि मूलभूत अधिकार नहीं बल्कि कर्तव्य होते हैं. अगर हम ईमानदारी से अपना कर्तव्य निभाते हैं तो सब चीजें सही हो सकती हैं.

16. अगर हम मेक इन इंडिया सामान खरीदते हैं तो फायदा देश का होगा, ये आपका कर्तव्य भी होगा. आपको अपना कर्तव्य ही सही ढंग से निभाना है.

17. पीएम मोदी ने कहा, '2022 में आजादी के 75 साल हो रहे हैं और 2047 में आजादी के 100 साल होंगे, तो आप कहां होंगे. आप किसी न किसी व्यवस्था में लीडर होंगे.'

18. पीएम मोदी ने कहा कि अगर हम बिजली-पानी की सही इस्तेमाल करते हैं, घर में अन्य व्यवस्थाओं का सही रूप से पालन करते हैं तो ये भी देशभक्ति है.

19. PM ने कहा कि आप तय कीजिए कि अपने मोबाइल की डिक्शनरी से हर रोज 10 शब्द नोट कीजिए, इन्हें सीखिए, इनका उपयोग करना सीखिए.

20. पीएम मोदी ने कहा कि अगर मुझे सिखाया गया कि कम बोलने से फायदा होता है तो मुझे इसका प्रयोग घर पर ही करना चाहिए. 

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