नागौर की किसान पॉलिटिक्स पर BJP की नजर!

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/11/28 09:59

नागौर। राजस्थान में नागौर का सियासी महत्व है। मारवाड़ के नागौर को जाट राजनीति के हैडक्वार्टर के तौर पर जाना जाता है । किसान राजनीति का संदेश नागौर से ही जाता है । स्व. भैंरोसिंह शेखावत ने भी नागौर में बीजेपी की जड़े जमाने में काफी मेहनत की। यहीं कारण है आज PM मोदी यहां से किसानों के बीच चुनावी सियासी संदेश देंगे।

नागौर की धरती कई मायनों में खास है । यह गांव और किसान की धरती है तो वही जमीनी राजनीति की भी । पंचायतीराज सिस्टम की स्थापना के लिये नागौर को माइलस्टोन माना जाता है । सालों पहले 2 अक्टूबर 1959 को  तत्कालीन पं जवाहर लाल नेहरु ने नागौर की धरती से ही पंचायतीराज व्यवस्था का आगाज किया था । पंचायतीराज के लिये नागौर में जो बीज बोया गया था आज वो पूरे देश में मिसाल बन गया है। नागौर से निकला सियासी संदेश पूरे देश में जाता है । नागौर के इसी महत्व के कारण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नागौर में चुनावी जनसभा रखी गई। मोदी के आगमन से कुछ माह पहले अमित शाह यहां किसान सम्मेलन कर चुके है। सितम्बर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने भी चार दिनों तक नागौर का प्रवास किया था।

किसान नेता बलदेव राम मिर्धा के कारण नागौर की धरती किसान आंदोलन के कारण चर्चित रही है । नाथूराम मिर्धा ने अपनी खांटी किसान राजनीति के कारण नागौर को देश के राजनीतिक मानचित्र पर अंकित कराया, विपरित हालातों में भी चुनाव जीतने का रिकार्ड नाथूराम मिर्धा के नाम रहा। किसान पॉलिटिक्स के इसी इतिहास के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी रैली के लिये नागौर को चुना ना केवल प्रदेश बल्कि देश भर के किसानों के बीच नागौर से पहुंचने वाला संदेश खाश होता है।

नागौर किसान राजनीति के लिये जाना जाता है
बलदेव राम मिर्धा के किसान मूवमेंट के लिये नागौर जाना जाता रहा
जागीरदारी-सामंत प्रथा के खिलाफ नागौर से ही चौधरी बलदेव राम ने आवाज बुलंद की थी
किसान नेता नाथूराम मिर्धा यहां की राजनीति की शान रहे
एक जमाने तक मिर्धा परिवार का यहां की सियासत में एकछत्र राज राज रहा

रामनिवास मिर्धा ने देश की राजनीति में नागौर का नाम रोशन किया
रामरघुनाथ चौधरी भी बडे किसान नेता रहे
स्व. भैरों सिंह शेखावत की कर्मभूमि भी नागौर रही
पं नेहरु, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी सरीखे दिग्गज नेताओं का नागौर से लगाव रहा
देश में पंचायती राज की नींव नागौर से ही तत्कालीन प्रधानमंत्री पं जवाहर लाल नेहरु ने रखी थी, आगे चलकर यह देश भर में मिसाल बना
नागौर से ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का इतिहास जुड़ा है
संघ की सर्वोच्च संस्था प्रतिनिधि सभा का आयोजन यहां हो चुका
 निक्कर से फुल पेंट का आगाज संघ ने नागौर से ही हुआ था
संघ के गणवेश में बड़ा फेरबदल नागौर से ही हुआ
नागौर को केंद्र-राज्य बीजेपी सरकार में वरियता हासिल रही
नागौर सांसद सीआर चौधरी है केन्द्र की मोदी सरकार में मंत्री
डीडवाना विधायक यूनुस खान है राजे सरकार में पीडब्लूडी मंत्री
खान इस बार डीडवाना के बजाये टोंक से लड़ रहे विधानसभा चुनाव
राजे सरकार में खान नम्बर टू के तौर पर रहे चर्चित
डेगाना विधायक अजय किलक भी राजे सरकार में काबिना मंत्री
किलक है राज्य के सहकारिता -डेयरी मंत्री
BJPसंगठन में भी नागौर को वरियता
वीरम देव सिंह है बीजेपी प्रदेश संगठन में महामंत्री
हरीश कुमावत को माटी कला बोर्ड का चैयरमैन बनाया गया
बीजेपी में मुस्लिम पॉलिटिक्स का भी बड़ा केन्द्र भी नागौर ही रहा
बीते चुनाव में पूरे राजस्थान में नागौर जिले से ही बीजेपी के 2 मुस्लिम विधायक चुने गये थे
देश के प्रखर राजपूत नेता रहे और पूर्व केंद्रीय मंत्री 
कल्याण सिंह कालवी की कर्मभूमि भी नागौर ही थी

--राजे सरकार में खेल मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर की धरती भी नागौर जिला ही है
--हालांकि चुनाव से ठीक पहले बीजेपी को. यहां कुछ झटके भी लगे
---उषा पूनिया और बिंदु चौधरी ने कांग्रेस का रुख किया

नागौर की राजनीति जाट पॉलिटिक्स के इर्द गिर्द घूमती है । यहीं कारण है कि हनुमान बेनीवाल की राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी का जन्म नागौर की धरती से ही हुआ। जाट युवा तुर्क के तौर पर हनुमान बेनीवाल तेजी से उभर कर सामने आ चुके है,बेनीवाल आज नागौर जिले की जाट राजनीति  प्रभावित कर रहे है, वे कांग्रेस और बीजेपी दोनों के लिये चुनौती है। बीजेपी का दावा है कि नागौर में पहले कभी इतना विकास नहीं हुआ जितना आज हुआ है, खासतौर पर पानी पहुंचाने का काम बीजेपी ने ही किया। नरेन्द्र मोदी का चुनावी संदेश किसान धरती पर खास रहने वाला है। नागौर से निकली हुंकार दूर तक असर करेगी। 
फर्स्ट इंडिया के लिये योगेश शर्मा की रिपोर्ट

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