नई दिल्ली जेवर का होगा कायाक्ल्प: पीएम मोदी 25 नवंबर को नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की रखेंगे आधारशिला, 5 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट वाला देश का पहला राज्य बनेगा उत्तरप्रदेश

जेवर का होगा कायाक्ल्प: पीएम मोदी 25 नवंबर को नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की रखेंगे आधारशिला, 5 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट वाला देश का पहला राज्य बनेगा उत्तरप्रदेश

जेवर का होगा कायाक्ल्प: पीएम मोदी 25 नवंबर को नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की रखेंगे आधारशिला, 5 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट वाला देश का पहला राज्य बनेगा उत्तरप्रदेश

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 नवंबर को नोएडा अंतरराष्ट्रीय विमानतल की आधारशिला रखेंगे. इस विमानतल के तैयार हो जाने के बाद उत्तर प्रदेश देश का एकमात्र ऐसा राज्य हो जाएगा जहां पांच अंतरराष्ट्रीय विमानतल होंगे. 

जेवर में 25 नवंबर को दोपहर 1 बजे रखेंगे आधारशिला:
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में मंगलवार को बताया गया कि यह देश का पहला शुद्ध शून्य उत्सर्जन (नेट जीरो एमिसन्स) विमानतल होगा. बयान में बताया गया है, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले के जेवर में 25 नवंबर को दोपहर एक बजे नोएडा अंतरराष्ट्रीय विमानतल की आधारशिला रखेंगे. इसके साथ ही उत्तर प्रदेश पांच अंतरराष्ट्रीय विमानतल वाला एकमात्र राज्य बनने की दिशा में अग्रसर हो जाएगा. 

पीएमओ ने कहा कि इस विमानतल का विकास विमानन क्षेत्र को भविष्य की जरूरतों के अनुकूल तैयार करने और संपर्क को मजबूत बनाने के प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप है. बयान में पीएमओ ने कहा कि उनके इस दृष्टिकोण के तहत उत्तर प्रदेश पर विशेष ध्यान दिया गया है, जहां पिछले दिनों नए कुशीनगर विमानतल का उद्घाटन किया गया और अयोध्या में निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय विमानतल सहित अन्य विमानतल बनाए जा रहे हैं. 

बदलेगी जेवर की सुरत:
नोएडा में बन रहा विमानतल, दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में दूसरा अंतरराष्ट्रीय विमानतल होगा और इससे इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय विमानतल का दबाव कम होगा. रणनीतिक नजरिये से नोएडा अंतरराष्ट्रीय विमानतल का अलग महत्व होगा और इससे दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के अलावा अलीगढ़, आगरा, फरीदाबाद और पड़ोसी क्षेत्र के लोगों की जरूरतें पूरी होंगी.बयान में कहा गया कि यह देश का पहला शुद्ध शून्य उत्सर्जन विमानतल होगा. इस परियोजना का पहला चरण वर्ष 2024 तक 10,050 करोड़ रुपये से अधिक की अनुमानित लागत से पूरा किया जाना है. 1300 हेक्टेयर से अधिक जमीन पर फैली यह परियोजना प्रति वर्ष 1.2 करोड़ यात्रियों को अपनी सेवा देगी. पीएमओ ने कहा कि पहले चरण के लिए भूमि अधिग्रहण से संबंधित और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास का काम पूरा कर लिया गया है. सोर्स-भाषा

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