भोपाल राम और कृष्ण की तरह भगवान के अवतार हैं प्रधानमंत्री मोदी - मध्य प्रदेश के मंत्री

राम और कृष्ण की तरह भगवान के अवतार हैं प्रधानमंत्री मोदी - मध्य प्रदेश के मंत्री

राम और कृष्ण की तरह भगवान के अवतार हैं प्रधानमंत्री मोदी - मध्य प्रदेश के मंत्री

भोपाल: मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री और भाजपा नेता कमल पटेल ने कहा कि कांग्रेस द्वारा किए गए अत्याचार, भ्रष्टाचार और देश की संस्कृति के विनाश से बने निराशा के माहौल को खत्म करने के लिए भगवान राम और कृष्ण की तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘भगवान के अवतार’ के रूप में जन्म हुआ है.

सोमवार को हरदा में पत्रकारों से बात करते हुए पटेल ने कहा प्रधानमंत्री मोदी द्वारा पूरे किए गए कार्य जैसे भारत को विश्व गुरु बनने की राह पर ले जाना, देश को भ्रष्टाचार से मुक्त करना और लोक कल्याण सुनिश्चित करना, एक सामान्य व्यक्ति द्वारा पूरे नहीं किए जा सकते.

पटेल ने कहा कि हमारे धर्म और संस्कृति में कहा गया है कि जब भी भारत पर कोई संकट आया और अत्याचार बढ़े तो भगवान मानव के रूप में अवतार लेते हैं. उन्होंने कहा कि भगवान राम ने मानव के रूप में अवतार लिया था और राक्षस रावण को मारकर व अन्य बुरी शक्तियों को हराकर लोगों की रक्षा कर ‘‘रामराज्य’’ की स्थापना की थी. मंत्री ने कहा कि कंस के अत्याचार बढ़े तो भगवान कृष्ण ने जन्म लिया और कंस की क्रूरताओं को समाप्त कर आम लोगों को राहत दिलाई.

भारत प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विश्व गुरु बन रहा:
पटेल ने कहा कि इसी तरह जब कांग्रेस के अत्याचार बढ़े..भ्रष्टाचार बढ़ा, जातिवाद बढ़ा, देश की संस्कृति नष्ट हो गई और चारों और निराशा का माहौल व्याप्त था, तब इसे समाप्त करने के लिए नरेंद्र मोदी का जन्म हुआ. उन्होंने कहा कि भारत प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विश्व गुरु बन रहा है, जिन्होंने भ्रष्टाचार मुक्त सरकार दी और आम लोगों का कल्याण भी सुनिश्चित किया है.

मोदी जी एक अवतारी पुरुष हैं और उन्होंने असंभव कार्य किए:
पटेल ने कहा कि ये असंभव कार्य हैं जिन्हें एक आम आदमी पूरा नहीं कर सकता है. यदि संभव होतो तो यह 60 वर्षों में हो सकता था. इसलिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी एक अवतारी पुरुष हैं और उन्होंने असंभव कार्य किए हैं. वह भगवान के अवतार हैं. मालूम हो कि पटेल ने पिछले नवंबर माह में कहा था कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आदिवासी नायक टंट्या भील के अवतार है. आदिवासी दंतकथाओं में टंट्या भील को भारतीय ‘‘रॉबिन हुड’’ के तौर पर जाना जाता है. सोर्स- भाषा 

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