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पीएम मोदी ने की मुख्यमंत्रियों से बैठक, कहा-लॉकडाउन का मिला लाभ, स्थिति बाकी देशों से बेहतर  

पीएम मोदी ने की मुख्यमंत्रियों से बैठक, कहा-लॉकडाउन का मिला लाभ, स्थिति बाकी देशों से बेहतर  

नई दिल्ली: कोरोना वायरस संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिए बैठक ली. जिसमें लॉकडाउन और कोरोना संकट से उत्पन्न हुए हालात पर चर्चा हुई. बैठक में कई राज्यों के मु​ख्यमंत्रियों ने लॉकडाउन 3 मई से आगे बढ़ाने की बात कहीं. पीएम मोदी ने इस बैठक में कहा कि राज्य सरकार अपनी नीति तैयार करें और किस तरह लॉकडाउन को खोला जाए. जिन राज्यों में अधिक मामले है, वहां लॉकडाउन जारी रहेगा, जिन राज्यों में केस कम है वहां जिलेवार राहत दी जाएगी.

भारत की स्थिति बाकी देशों के मुकाबले काफी बेहतर:
कोरोना वायरस संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की. इस बैठक में पीएम मोदी ने मुख्यमंत्रियों से कहा कि देश को लॉकडाउन का लाभ मिला है. पीएम मोदी ने यह भी कहा कि कोरोना वायरस संकट के बीच भारत की स्थिति बाकी देशों के मुकाबले काफी बेहतर है.

पीएम मोदी की वीडियो कॉन्फ्रेंस:
लॉकडाउन के बीच पीएम मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए कोरोना वायरस की स्थिति पर राज्य के सभी मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर रहे थे. ये मुख्यमंत्रियों के साथ उनकी तीसरी बैठक थी. सोमवार को हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बैठक में पीएम मोदी के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे. बताया जा रहा है कि देश के कुछ राज्य लॉकडाउन को 3 मई के बाद भी जारी रखने के इच्छुक हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोरोना वायरस के मामले नियंत्रण में रहें.

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इन राज्यों ने की लॉकडाउन बढ़ाने की वकालत:
बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गृह मंत्रालय की कार्यशैली पर सवाल उठाये. कहा कि गृह मंत्रालय द्वारा बंगाल भेजी गई टीम पर सवाल उठाये है. बैठक में राज्यों में मजदूरों के फंसे होने का मामला भी कई मुख्यमंत्रियों ने उठाया. कहा कि केन्द्र सरकार इस मामले पर पहल करें. तेलंगाना, आंध्रपदेश, ​तमिलनाडु, दिल्ली, महाराष्ट्र,उडीसा और बंगाल सरकार ने लॉकडाउन आगे बढाने की वकालत की. बिहार, राजस्थान, छतीसगढ, बंगाल जैसे राज्यों ने विशेष पैकेज की मांग की. साथ ही झारखंड ने भी विशेष पैकेज की मांग की.

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जयपुर: कांग्रेस विधायक दल की बैठक से बड़ी खबर निकल कर सामने आई है. बागियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव पारित हो गया है. मंत्री शांति धारीवाल ने अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव रखा जिसका सभी विधायकों ने दोनों हाथ खड़े करके समर्थन किया. वहीं बैठक में 109 विधायकों का दावा किया जा रहा है. 

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विधायकों ने अशोक गहलोत को ही अपना नेता करार दिया: 
इससे पहले गहलोत समर्थक विधायकों ने बागियों पर कार्रवाई की मांग उठाई है. कांग्रेस पार्टी पायलट के आने की उम्मीद लगाई बैठी थी लेकिन सचिन पायलट की ओर से बिल्कुल मना कर दिया गया. बैठक में विधायकों ने अशोक गहलोत को ही अपना नेता करार दिया है. सभी विधायक अशोक गहलोत का समर्थन कर रहे हैं. ऐसे में सचिन पायलट गुट को ये बड़ा झटका माना जा रहा है. 

कांग्रेस ने पायलट पर कार्रवाई करने का मन बना लिया: 
वहीं कांग्रेस अब विधायक दल की बैठक में नहीं शामिल हुए विधायकों को नोटिस भेजने की तैयारी में है. पार्टी की ओर से बार-बार विधायकों को चेतावनी दी गई थी, लेकिन कोई भी शामिल नहीं हुआ. वहीं सूत्रों की माने तो अब कांग्रेस आलाकमान ने सचिन पायलट से और कोई बात नहीं करने का मन बना लिया है. उनका मानना है कि पायलट को मनाने की जितनी कोशिश हो सकती थी वो की जा चुकी हैं. ऐसे में अब माना जा सरहा है कि कांग्रेस ने पायलट पर कार्रवाई करने का मन बना लिया है और उनके समर्थक विधायकों पर भी सख्त फैसला लिया जा सकता है. 

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रणदीप सुरजेवाला व अविनाश पांडे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे:
कांग्रेस विधायक दल की बैठक से पहले सीएम अशोक गहलोत ने केसी वेणुगोपाल, रणदीप सुरजेवाला, अविनाश पांडे,अजय माकन और विवेक बंसल से अमह चर्चा की. चर्चा में आगे की रणनीति पर बात हुई. इसके साथ ही विधायक दल की बैठक के बाद रणदीप सुरजेवाला व अविनाश पांडे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. 

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जयपुर: राजस्थान में चल रहे सियासी संकट के बीच एक बार फिर विधायक दल की बैठक शुरू हो गई है. कांग्रेस के विधायक जयपुर के फेयरमॉन्ट होटल में है. बैठक में विधायकों ने अशोक गहलोत को ही अपना नेता करार दिया है. वहीं सूत्रों की माने तो सचिन पायलट आज होने वाली विधायक दल की बैठक में नहीं पहुंचे तो उन पर कार्रवाई हो सकती है. इसके अलावा सचिन पायलट के समर्थक विधायक भी अगर बैठक में नहीं आए तो उनपर भी कार्रवाई के लिए विधानसभा अध्यक्ष से उनकी सदस्यता रद्द करने के लिए कहा जा सकता है. 

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गहलोत को सीएम के पद से हटाने पर ही समझौता हो पाएगा: 
राजस्थान में पायलट का गुट अपनी बात पर अड़ गया है. पायलट गुट के विधायकों ने कहा कि जब तक मान सम्मान की गारंटी नहीं होगी, तब तक वापसी नहीं होगी और मान-सम्मान तब तक वापस नहीं मिलेगा जब तक लीडरशिप चेंज नहीं होगा. सूत्रों के मुताबिक पायलट गुट ने आलाकमान के पास संदेश भिजवा दिया है कि अशोक गहलोत को सीएम के पद से हटाने पर ही समझौता हो पाएगा. फिलहाल जयपुर आने का कोई कार्यक्रम नहीं है और बीजेपी में जाने का भी कोई कार्यक्रम नहीं है.

सचिन पायलट को बीजेपी में आना चाहिए: 
दूसरी ओर राजस्थान बीजेपी के अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा है कि सचिन पायलट को बीजेपी में आना चाहिए क्योंकि बीजेपी में युवा शक्ति का सम्मान होता है और सीनियर नेताओं को भी पूरा आदर दिया जाता है. सचिन पायलट को बीजेपी में आने के बारे में सोचना चाहिए.

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सौ से अधिक विधायकों को साथ लेकर गहलोत ने अपनी ताकत दिखाई: 
जयपुर में सोमवार को कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई, जिसमें सौ से अधिक विधायकों को साथ लेकर अशोक गहलोत ने अपनी ताकत दिखाई. साथ ही साफ कर दिया कि विधायक उनके साथ हैं. लेकिन अब एक बार फिर आज पार्टी ने बैठक बुलाई है. जिसमें सचिन पायलट समेत अन्य विधायकों को एक मौका और दिया है. 

कांग्रेस विधायक दानिश अबरार बोले, सरकार के पास बहुमत से ज्यादा नंबर हैं

जयपुर: राजस्थान में सियासी संकट अभी भी बरकरार है, इस बीच कांग्रेस विधायक दानिश अबरार ने कहा कि सरकार के पास बहुमत से ज्यादा नंबर हैं. अभी 109 विधायक एक छत के नीचे है. वहीं सचिन पायलट को लेकर दानिश अबरार ने कहा पायलट अभी भी उप मुख्यमंत्री और पीसीसी अध्यक्ष हैं. वहीं मुकेश भाकर के ट्वीट को लेकर दानिश ने कहा कि किसी को भी व्यक्तिगत बात कहने का अधिकार है. इससे पहले कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सीएम गहलोत के शक्ति प्रदर्शन के बाद अब सचिन पायलट का बड़ा बयान सामने आया है. ये बयान एक टीवी चैनल के माध्यम से सामने आया है. जिसमें सचिन पायलट ने कहा कि हमने समझौते की कोई शर्त नहीं रखी है. साथ ही आलाकमान में मेरी किसी से कोई बात नहीं हुई है. साथ ही उन्होंने कहा कि अशोक गहलोत के पास सिर्फ 84 विधायक हैं, जबकि बाकी सभी विधायक मेरे साथ है.

राजस्थान सियासी संकट को सुलझाने के प्रयास:
पहले जानकार सूत्रों के हवाले से खबर सामने आई थी, उसमें कहा गया था कि अब राजस्थान सियासी संकट को सुलझाने के प्रयास हो रहे हैं. खुद प्रियंका गांधी इसकी मध्यस्थता कर रही है. सूत्रों के मु​ताबिक प्रियंका गहलोत और पायलट दोनों से बात कर रही है. ऐसे में जानकारी के मुताबिक पायलट ने आलाकमान के सामने कुछ मांगे रखी है. सूत्रों के अनुसार पायलट गृह और वित्त विभाग खुद के पास रखना चाहते हैं. इसके साथ ही अपने करीबी 4 विधायकों को मंत्री बनाने की मांग की है. वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद भी पायलट अपने पास रखना चाहते हैं. 

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राजस्थान में फ्लोर टेस्ट कराने की मांग की:
इससे पहले बीजेपी के आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने ट्वीट करके राजस्थान में फ्लोर टेस्ट कराने की मांग की है. उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि कांग्रेस बहुमत साबित करें. 

अलोकतांत्रिक कृत्यों की कठोर शब्दों में निंदा:
इससे पहले राजस्थान सरकार पर मंडराते खतरे के बीच कांग्रेस विधायक दल की सोमवार को सीएमआर में बैठक हुई. जिसमें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार पर मंडराता खतरा हटता हुआ नजर आया. सीएमआर में कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सौ से ज्यादा विधायक पहुंचे. जहां पर सीएम अशोक गहलोत ने शक्ति प्रदर्शन करते हुए विक्ट्री साइन दिखाया. इसके साथ ही संदेश दिया कि उनके पास बहुमत है और सचिन पायलट के सभी दावे गलत साबित होते दिखाई दे रहे हैं. बैठक के बाद सभी अलोकतांत्रिक कृत्यों की कठोर शब्दों में निंदा की गई. पार्टी या सरकार विरोधी गतिविधियों में शामिल विधायकों, पदाधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी. प्रदेश की जनता की सेवा के प्रति विधायक दल संकल्पबद्ध है. प्रस्ताव में  विधायक दल ने मुख्यमंत्री गहलोत पर विश्वास जताया है.

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भाजपा की राजस्थान में फ्लोर टेस्ट की मांग, कहा-बहुमत साबित करें कांग्रेस

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जयपुर: कांग्रेस विधायक दल की बैठक में गहलोत सरकार के शक्ति प्रदर्शन के बाद अब बीजेपी के अमित मालवीय ने ट्वीट करके राजस्थान में फ्लोर टेस्ट कराने की मांग की है. उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि कांग्रेस बहुमत साबित करें. लेकिन अभी तक बीजेपी राजस्थान की ओर से ऐसा बयान सामने नहीं आया है. आपको बता दें कि अमित मालवीय बीजेपी के आईटी सेल के हेड और बीजेपी प्रवक्ता भी है.

होटल फेयरमोंट पहुंचे कांग्रेस विधायक:
इससे पहले कांग्रेस विधायक दल की बैठक के बाद 4 लग्जरी बसों से कांग्रेस विधायक मुख्यमंत्री आवास से होटल फेयरमोंट पहुंचे. जहां पर सभी विधायकों की बाड़ेबंदी की जाएगी. पहली बस में ममता भूपेश रवाना हुई. तीसरी बस से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत रवाना हुए. मुख्यमंत्री गहलोत विक्ट्री साइन दिखाते हुए विधायकों के साथ बसों से रवाना हुए. रणदीप सुरजेवाला और अविनाश पांडे भी साथ हैं. सभी विधायकों ने परिजनों को सूचना देकर सामान मंगवाया है. 

CMR में विधायक दल की बैठक खत्म, 4 लग्जरी बसों से होटल फेयरमोंट लाए गए सभी विधायक

अलोकतांत्रिक कृत्यों की कठोर शब्दों में निंदा:
सभी विधायक 2 दिन  होटल फेयरमोंट में रहेंगे. राजस्थान कांग्रेस विधायक दल की बैठक में प्रस्ताव पारित हुआ. सभी विधायकों ने गहलोत नेतृत्व वाली सरकार के प्रति पूर्ण समर्थन का प्रस्ताव पारित किया. बैठक के बाद सभी अलोकतांत्रिक कृत्यों की कठोर शब्दों में निंदा की गई. पार्टी या सरकार विरोधी गतिविधियों में शामिल विधायकों, पदाधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी. प्रदेश की जनता की सेवा के प्रति विधायक दल संकल्पबद्ध है. प्रस्ताव में  विधायक दल ने मुख्यमंत्री गहलोत पर विश्वास जताया है.

सचिन पायलट के सभी दावे गलत साबित:
इससे पहले राजस्थान सरकार पर मंडराते खतरे के बीच कांग्रेस विधायक दल की सोमवार को सीएमआर में बैठक हुई. जिसमें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार पर मंडराता खतरा हटता हुआ नजर आया. सीएमआर में कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सौ से ज्यादा विधायक पहुंचे. जहां पर सीएम अशोक गहलोत ने शक्ति प्रदर्शन करते हुए विक्ट्री साइन दिखाया. इसके साथ ही संदेश दिया कि उनके पास बहुमत है और सचिन पायलट के सभी दावे गलत साबित होते दिखाई दे रहे हैं. ऐसे में अब सचिन पायलट के अगले कदम पर सबकी नजरे टीक गई है.

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जयपुर: कांग्रेस विधायक दल की बैठक के बाद 4 लग्जरी बसों से विधायक होटल के लिए रवाना हुए. मुख्यमंत्री आवास से होटल फेयरमोंट के लिए बसें रवाना हुई. जहां पर सभी विधायकों की बाड़ेबंदी की जाएगी. पहली बस में ममता भूपेश रवाना हुई. तीसरी बस से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत रवाना हुए. मुख्यमंत्री गहलोत विक्ट्री साइन दिखाते हुए विधायकों के साथ बसों से रवाना हुए. रणदीप सुरजेवाला और अविनाश पांडे भी साथ हैं. सभी विधायकों ने परिजनों को सूचना देकर सामान मंगवाया है. 

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अलोकतांत्रिक कृत्यों की कठोर शब्दों में निंदा:
सभी विधायक 2 दिन  होटल फेयरमोंट में रहेंगे. राजस्थान कांग्रेस विधायक दल की बैठक में प्रस्ताव पारित हुआ. सभी विधायकों ने गहलोत नेतृत्व वाली सरकार के प्रति पूर्ण समर्थन का प्रस्ताव पारित किया. बैठक के बाद सभी अलोकतांत्रिक कृत्यों की कठोर शब्दों में निंदा की गई. पार्टी या सरकार विरोधी गतिविधियों में शामिल विधायकों, पदाधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी. प्रदेश की जनता की सेवा के प्रति विधायक दल संकल्पबद्ध है. प्रस्ताव में  विधायक दल ने मुख्यमंत्री गहलोत पर विश्वास जताया है.

सचिन पायलट के सभी दावे गलत साबित:
इससे पहले राजस्थान सरकार पर मंडराते खतरे के बीच कांग्रेस विधायक दल की सोमवार को सीएमआर में बैठक हुई. जिसमें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार पर मंडराता खतरा हटता हुआ नजर आया. सीएमआर में कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सौ से ज्यादा विधायक पहुंचे. जहां पर सीएम अशोक गहलोत ने शक्ति प्रदर्शन करते हुए विक्ट्री साइन दिखाया. इसके साथ ही संदेश दिया कि उनके पास बहुमत है और सचिन पायलट के सभी दावे गलत साबित होते दिखाई दे रहे हैं. ऐसे में अब सचिन पायलट के अगले कदम पर सबकी नजरे टीक गई है.

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राजस्थान के सियासी घटनाक्रम पर एक और बड़ी ख़बर, सतीश पूनिया और किरोड़ीलाल मीणा के बीच चली लंबी मंत्रणा

जयपुर: राजस्थान में हो रहे सियासी घटनाक्रम में एक के बाद एक बड़ी खबर सामने आ रही है. अब सतीश पूनियां और किरोड़ीलाल मीणा के बीच भी एक लंबी मंत्रणा चली है. आज सुबह मीणा के टीन के बने हाउस में बीजेपी के दोनों दिग्गज नेताओं की मुलाकात हुई है. ऐसे में दोनों नेताओं की मुलाकात के कई मायने निकाले जा रहे है. किरोड़ीलाल मीणा की 2 दिन पहले ही तबीयत खराब बताई जा रही थी. ऐसे में उनकी कुशलक्षेम पूछने की बात कही जा रही है. पूनिया ने सुबह जल्दी घर पहुंचकर किरोड़ी मीणा की कुशलक्षेम पूछी है. 

Rajasthan Political Crisis: पायलट के किसी भी सूरत में बीजेपी ज्वॉइन ना करने का दावा, फंसा नया पेंच! 

मीणा का अचानक जयपुर में पहुंचना बड़ी खबर: 
वहीं किरोड़ीलाल मीणा से 1st इंडिया न्यूज ने एक्सक्लूसिव बातचीत की है. उन्होंने कहा है कि अगर फ्लोर टेस्ट होता है तो सरकार के लिए मुसीबत हो सकती है. कांग्रेस पॉलिटिक्स पर बोलते हुए मीणा ने हालांकि आलाकमान के दिशा निर्देश के लिए इनकार किया है. लेकिन मीणा का अचानक जयपुर में पहुंचना बड़ी खबर है. कभी मीणा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके 8 लोग इस बार अलग-अलग पार्टियों से जीते हैं. ऐसे में किरोड़ी लाल मीणा की भी किसी भी भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता है. 

Rajasthan Political Crisis: सचिन पायलट का बड़ा बयान, कहा-अशोक गहलोत की सरकार अल्पमत में

10.30 बजे विधायक दल की बैठक में अंतिम निर्णय होगा:
वहीं अशोक गहलोत और सचिन पायलट में सियासी तलवारें खिंचने के बाद दिल्ली में मौजूद केंद्रीय नेतृत्व को एक्शन में आना पड़ा. दिल्ली से तीन नेता जयपुर पहुंचे, जिन्होंने अशोक गहलोत और अन्य विधायकों के साथ बैठक की. अब तय हुआ है कि सोमवार सुबह 10.30 बजे होने वाली विधायक दल की बैठक में अंतिम निर्णय होगा, जो इस बैठक में नहीं आएगा उसे पार्टी की सदस्यता से हाथ धोना पड़ेगा.

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जयपुर: राजस्थान प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बागी तेवरों के बाद राजस्थान में सियासी पारा उफान पर है.  सूत्रों की मानें, तो अगर सचिन पायलट और उनके समर्थक आज सुबह होने वाली बैठक में नहीं आते हैं तो पार्टी उनपर एक्शन ले सकती है. वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसरा सचिन पायलट का बड़ा बयान सामने आया है. पायलट ने कहा कि मैं बीजेपी ज्वॉइन नहीं कर रहा हूं. हालांकि इस बारे में अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आ रही है. 

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पायलट को बीजेपी ज्वॉइन करने में एक नया पेंच: 
वहीं जानकार सूत्रों के अनुसार पायलट को बीजेपी ज्वॉइन करने में एक नया पेंच आ गया है. पायलट से बातचीत के बाद जेपी नड्डा के मन में उठा एक सवाल उठ रहा है. क्या सचमुच पायलट के पास REQUIRED NUMBER अर्थात् कम से कम 30 विधायकों का समर्थन है ? यदि ऐसा है तो फिर पायलट की बीजेपी ज्वॉइनिंग हो सकती है. और यदि पायलट के पास फिलहाल केवल एक दर्जन विधायक है तो बीजेपी  इस सारे मामले पर नए सिरे से विचार कर सकती है. 

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पायलट के किसी भी सूरत में बीजेपी ज्वॉइन ना करने का दावा: 
ऐसे में यहां तक कि एक बार तो आज पायलट और उनके समर्थक विधायकों की बीजेपी ज्वॉइनिंग टल सकती है. सूत्रों के अनुसार आज सुबह तक इस बारे में भाजपा द्वारा अंतिम फैसला लिए जाने की उम्मीद है. इसी बीच पायलट कैम्प से जुड़े सूत्र ने किया दावा किया है कि पायलट के किसी भी सूरत में बीजेपी ज्वॉइन नहीं करेंगे. ऐसे में अब भगवान जाने कि आखिर क्या सच है? वैसे पायलट के मन में शुरू से ही एक नई पार्टी बनाने का विचार था. 


 

Rajasthan Political Crisis: कांग्रेस ने कल होने वाली विधायक दल की बैठक के लिए जारी किया व्हिप

Rajasthan Political Crisis: कांग्रेस ने कल होने वाली विधायक दल की बैठक के लिए जारी किया व्हिप

जयपुर: राजस्थान में इस समय सियासी पारा उफान पर है. सचिन पायलट के कल बीजेपी ज्वॉइन करने की अटकलों के बीच कांग्रेस ने कल सुबह 10.30 बजे होने वाली बैठक को लेकर व्हिप जारी किया है. ऐसे में इस बैठक के बाद प्रदेश की राजनीति को लेकर स्थिति साफ हो जाएगी. जहां एक और सचिन पायलट कैंप अपने साथ 30 विधायक होने का दावा कर रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर सीएम गहलोत का धड़ा भी प्रदेश में 5 साल सरकार चलाने को लेकर आश्वस्त नजर आ रहा है. ऐसे में विधायक दल की बैठक में यह स्थिति साफ हो जाएगी. 

पायलट ने गहलोत को अल्पमत में बताकर एक चुनौती दी: 
वहीं 30 विधायकों के समर्थन का दावा कर पायलट ने गहलोत को अल्पमत में बताकर एक चुनौती दी है. अब पायलट के दावे के आधार पर राज्यपाल गहलोत को एक सप्ताह या 10 दिन में गहलोत को बहुमत साबित करने का निर्देश दे सकते हैं. और बस यहीं से नए सिरे से जोड़-तोड का खेल शुरू हो जाएगा. इसके बाद विधानसभा में सरकार अपना बहुमत सिद्ध नहीं कर पाती है तो नई सरकार के गठन से पहले कुछ दिनों के लिए प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लग जाएगा.

पायलट खेमे के विधायक दे सकते हैं इस्तीफा: 
बता दें कि राज्य में बिगड़ते सियासी हालात को देखते हुए कांग्रेस आलाकमान ने पार्टी के तीन नेताओं को जयपुर भेजा है. वहीं, सोमवार सुबह 10.30 कांग्रेस विधायक दल की बैठक होनी है. वहीं सूत्रों के मुताबकि, कल सुबह होने वाली कांग्रेस विधायक दल की बैठक से पहले आज देर रात सचिन पायलट के खेमे के विधायक अपना इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष को भेज सकते हैं.
 

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