नई दिल्ली कृषि मंडियों में जैसे काम पहले होता था, वैसे ही अब भी होगा - PM मोदी

कृषि मंडियों में जैसे काम पहले होता था, वैसे ही अब भी होगा - PM मोदी

कृषि मंडियों में जैसे काम पहले होता था, वैसे ही अब भी होगा - PM मोदी

नई दिल्ली: बिहार को विधानसभा चुनाव से पहले सौगात मिलने का सिलसिला जारी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बिहार के सभी 45,945 गांवों को ऑप्टिकल फाइबर इंटरनेट सेवाओं से जोड़ने के प्रोजेक्ट और राजमार्गों से जुड़ी 9 परियोजनाओं का उद्घाटन किया है. इस दौरान उन्होंने कहा कि देश के गांवों में इंटरनेट उपयोग करने वालों की संख्या शहरों से ज्यादा हो जाएगी. किसान, गांव के युवा, महिलाएं आसानी से इंटरनेट का इस्तेमाल करेंगे इस पर भी लोग सवाल उठाते थे, लेकिन अब सारी स्थितियां बदल गई है.

ये सुधार 21वीं सदी के भारत की जरूरत:  
इस दौरान कृषि बिल पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि कल देश की संसद ने, देश के किसानों को नए अधिकार देने वाले बहुत ही ऐतिहासिक कानूनों को पारित किया है. मैं देश के लोगों को, देश के किसानों, देश के उज्ज्वल भविष्य के आशावान लोगों को भी इसके लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं. ये सुधार 21वीं सदी के भारत की जरूरत हैं.

ये कानून, ये बदलाव कृषि मंडियों के खिलाफ नहीं: 
प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं यहां स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि ये कानून, ये बदलाव कृषि मंडियों के खिलाफ नहीं हैं. कृषि मंडियों में जैसे काम पहले होता था, वैसे ही अब भी होगा. बल्कि ये हमारी ही एनडीए सरकार है जिसने देश की कृषि मंडियों को आधुनिक बनाने के लिए निरंतर काम किया है. 

नए कृषि सुधारों ने किसान को ये आजादी दी:
उन्होंने कहा कि हमारे देश में अब तक उपज बिक्री की जो व्यवस्था चली आ रही थी, जो कानून थे, उसने किसानों के हाथ-पांव बांधे हुए थे. इन कानूनों की आड़ में देश में ऐसे ताकतवर गिरोह पैदा हो गए थे, जो किसानों की मजबूरी का फायदा उठा रहे थे. आखिर ये कब तक चलता रहता? नए कृषि सुधारों ने किसान को ये आजादी दी है कि वो किसी को भी, कहीं पर भी अपनी फसल अपनी शर्तों बेच सकता है. उसे अगर मंडी में ज्यादा लाभ मिलेगा, तो वहां अपनी फसल बेचेगा. मंडी के अलावा कहीं और से ज्यादा लाभ मिल रहा होगा, तो वहां बेचने पर भी मनाही नहीं होगी.


 

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