नई दिल्ली 76वां स्वतंत्रता दिवस पुण्य पड़ाव, नए संकल्प, नए सामर्थ्य के साथ कदम बढ़ाने का शुभ अवसर : प्रधानमंत्री मोदी

76वां स्वतंत्रता दिवस पुण्य पड़ाव, नए संकल्प, नए सामर्थ्य के साथ कदम बढ़ाने का शुभ अवसर : प्रधानमंत्री मोदी

76वां स्वतंत्रता दिवस पुण्य पड़ाव, नए संकल्प, नए सामर्थ्य के साथ कदम बढ़ाने का शुभ अवसर : प्रधानमंत्री मोदी

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि आजादी का 76वां स्वतंत्रता दिवस एक ऐतिहासिक दिन है और यह एक पुण्य पड़ाव, एक नयी राह, एक नए संकल्प और नए सामर्थ्य के साथ कदम बढ़ाने का शुभ अवसर है. 76वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए उन्होंने विश्व भर में फैले हुए भारत प्रेमियों और भारतीयों को आजादी के अमृत महोत्सव की बधाई दी.

उन्होंने कहा आज का यह दिवस ऐतिहासिक है. यह एक पुण्य पड़ाव, एक नयी राह, एक नए संकल्प और नए सामर्थ्य के साथ कदम बढ़ाने का शुभ अवसर है. इससे पहले, मोदी ने बतौर प्रधानमंत्री लगातार नौवीं बार स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य पर लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया. प्रधानमंत्री ने जैसे ही तिरंगा फहराया, वैसे ही दो एम आई 17 वन वी हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई.


प्रधानमंत्री ने गांधी, नेहरू, पटेल और सावरकर को याद किया: 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आजादी के 75 साल पूरे होने के मौके पर आजादी के आंदोलन और स्वतंत्रता के बाद राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पंडित जवाहर लाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल, वीर सावरकर और कई अन्य स्वतंत्रता सेनानियों एवं महापुरुषों को याद किया तथा उन्हें नमन किया.

मोदी ने सोमवार को लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र के नाम दिए संबोधन में कहा कि आजादी की जंग में गुलामी का पूरा कालखंड संघर्ष में बीता. हिंदुस्तान का कोई कोना और कोई काल ऐसा नहीं था, जब देशवासियों ने सैकड़ों साल तक जंग न लड़ी हो, यातानाएं न झेली हों. आज हम सब देशवासियों के लिए ऐसे हर महापुरुष को नमन करने का अवसर है. उन्होंने कहा कि हम सभी देशवासी पूज्य बापू जी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और वीर सावरकर को स्मरण करते हैं और उन्हें नमन करते हैं. यह देश मंगल पांडे, भगत सिंह, राजगुरू, सुखदेव, अशफाक उल्ला खान, राम प्रसाद बिस्मिल का कृतज्ञ है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि हम आजादी की लड़ाई लड़ने वाले और आजादी के बाद देश बनाने वाले राजेंद्र प्रसाद जी, नेहरू जी, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, दीनदयाल उपाध्याय, जयप्रकाश नारायण और राम मनोहर लोहिया का स्मरण करते हैं. उन्होंने बिरसा मुंडा और कई आदिवासी नायकों के साथ-साथ रानी लक्ष्मी बाई और बेगम हजरत महल समेत कई महिला स्वतंत्रता सेनानियों को भी नमन किया. (भाषा) 

और पढ़ें