पणजी देश बनाने के लिए कड़ी मेहनत करनी होती है, सरकार बनाने के लिए उतनी नहीं : प्रधानमंत्री मोदी

देश बनाने के लिए कड़ी मेहनत करनी होती है, सरकार बनाने के लिए उतनी नहीं : प्रधानमंत्री मोदी

देश बनाने के लिए कड़ी मेहनत करनी होती है, सरकार बनाने के लिए उतनी नहीं : प्रधानमंत्री मोदी

पणजी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल से जल पहुंचाने के अभियान को एक बड़ी सफलता और सबके प्रयास का बेहतरीन उदाहरण करार देते हुए कहा कि सरकार बनाने के लिए उतनी मेहनत नहीं करनी पड़ती लेकिन देश बनाने के लिए कड़ी मेहनत करनी होती है. जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल से जल पहुंचाने वाला गोवा देश का पहला राज्य बना है. इस अवसर पर यहां आयोजित हर घर जल उत्सव कार्यक्रम को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी सरकार देश बनाने के प्रयासों के तहत वर्तमान और भविष्य की चुनौतियों का लगातार समाधान कर रही है.

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने पिछले तीन सालों में सात करोड़ ग्रामीण परिवारों को पाइप के पानी की सुविधा से जोड़ा है, जिसकी वजह से आज देश के 10 करोड़ ग्रामीण परिवार पाइप से स्वच्छ पानी की सुविधा से जुड़ चुके हैं जबकि आजादी के सात दशकों में देश के सिर्फ तीन करोड़ ग्रामीण परिवारों के पास ही पाइप से पानी की सुविधा उपलब्ध थी.

उन्होंने कहा कि यह कोई सामान्य उपलब्धि नहीं है. परोक्ष रूप से कांग्रेस पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन्हें देश की परवाह नहीं होती, उन्हें देश के वर्तमान या भविष्य से कोई फर्क नहीं पड़ता है. उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे लोग पानी के लिए बड़ी-बड़ी बातें जरूर कर सकते हैं लेकिन कभी पानी के लिए एक बड़े दृष्टिकोण के साथ काम नहीं कर सकते.

जल सुरक्षा को 21वीं सदी की सबसे बड़ी चुनौती करार देते हुए प्रधानमंत्री ने चिंता जताई कि पानी का अभाव, विकसित भारत के संकल्प की राह में बहुत बड़ा अवरोध बन सकता है इसलिए इससे निपटने के लिए सेवा व कर्तव्य भाव से चौबीसों घंटे काम करने की जरूरत है.उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बीते आठ वर्षों से इसी भावना के साथ जल सुरक्षा के कार्यों को पूरा करने में जुटी है. यह सही है कि सरकार बनाने के लिए उतनी मेहनत नहीं करनी पड़ती, लेकिन देश बनाने के लिए कड़ी मेहनत करनी होती है.

उन्होंने कहा कि यह सबके प्रयास से होती है. हम सभी ने देश बनाने का रास्ता चुना है. इसलिए देश की वर्तमान और भविष्य की चुनौतियों का लगातार समाधान कर रहे हैं. जनभागीदारी, हितधारकों की साझेदारी, राजनीतिक इच्छाशक्ति और संसाधनों के पूरे इस्तेमाल को ‘‘जल जीवन मिशन’’ की सफलता के चार मजबूत स्तंभ बताते हुए मोदी ने कहा कि तीन साल पहले लाल किले से उन्होंने जो सपना देखा था वह आज सफल होते दिख रहा है.

जल जीवन मिशन भारत सरकार का एक प्रमुख कार्यक्रम है, जिसकी घोषणा 15 अगस्त, 2019 को प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले की प्राचीर से की थी. इसका उद्देश्य 2024 तक देश के प्रत्येक ग्रामीण परिवार के लिए नियमित और दीर्घकालिक आधार पर पर्याप्त मात्रा में, निर्धारित गुणवत्ता के पेयजल की आपूर्ति का प्रावधान करना है. यह कार्यक्रम भारत सरकार द्वारा राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के साथ साझेदारी में कार्यान्वित किया जाता है. केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए. प्रधानमंत्री ने स्वच्छ भारत अभियान, खुले में शौच से मुक्ति और जल जीवन मिशन को केंद्र सरकार की तीन बड़ी उपलब्धियां बताई और कहा कि यह सबके प्रयास से ही संभव हो सका है.(भाषा) 

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