J&K के नेताओं के साथ हो रही सर्वदलीय बैठक में वार्ता का दायरा नहीं होगा सीमित, PM आवास पर पहुंचे पार्टियों के नेता

J&K के नेताओं के साथ हो रही सर्वदलीय बैठक में वार्ता का दायरा नहीं होगा सीमित, PM आवास पर पहुंचे पार्टियों के नेता

J&K के नेताओं के साथ हो रही सर्वदलीय बैठक में वार्ता का दायरा नहीं होगा सीमित, PM आवास पर पहुंचे पार्टियों के नेता

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के आवास पर जम्मू-कश्मीर (J&K) के नेताओं के साथ गुरुवार को यानी आज होने वाली सर्वदलीय बैठक (All Party Meeting) का एजेंडा सार्वजनिक न किए जाने से स्पष्ट हो गया है कि वार्ता का दायरा सीमित नहीं होगा. सभी अपने दिल की बात खुलकर कह सकेंगे ताकि जम्मू-कश्मीर में शांति, स्थिरता, सुरक्षा और विकास के स्थायी वातावरण की बहाली का रोडमैप (Road Map) बन सके और राजनीतिक प्रक्रिया को गति दी जा सके. जम्मू-कश्मीर की प्रमुख पार्टीयों के नेता पीएम आवास पर पहुंच रहे है. बैठक के लिए जम्मू कश्मीर के 14 नेताओं को बुलाया गया है. इनमें चार पूर्व मुख्यमंत्री डा. फारूक अब्दुल्ला, (Former Chief Ministers Dr. Farooq Abdullah) गुलाम नबी आजाद, (Ghulam Nabi Azad) उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) और महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) शामिल हैं.

मैं PM की बैठक में जा रहा हूं: अब्दुल्ला 
पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक से पहले नेशनल कॉन्फ्रेंस (National Conference) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि मैं बैठक में जा रहा हूं. मैं वहां मांगों को रखूंगा और फिर आपसे बात करूंगा. महबूबा मुफ्ती उनकी पार्टी की अध्यक्ष हैं, उन्होंने जो कहा उस पर मैं क्यों बोलूं. वही पर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा (Lieutenant Governor Manoj Sinha) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पहुंचे है. कांग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद, गुलाम अहमद मीर और तारा चंद प्रधानमंत्री आवास पहुंचे है.  

सरकार ने बिना किसी से पूछे ही प्रदेश को बांट दिया: तारीगामी
प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठक से पहले सीपीआइ-एम (CPIM) के नेता युसुफ तारीगामी ने कहा कि यहां विधानसभा चुनाव कराने से किसने रोका? हमारी आवाम के सामने यह भी मुद्दा है कि हमारी एक दूसरे से नाराजगी हो सकती है लेकिन हम अलग नहीं होना चाहते. सरकार ने बिना किसी से पूछे केंद्रशासित प्रदेश (Union Territory) में बदल दिया और बांट दिया. जम्मू-कश्मीर के नेताओं की महत्वपूर्ण सर्वदलीय बैठक से पहले, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मोदी से मुलाकात की और घाटी में सुरक्षा स्थिति पर चर्चा की.

चुनाव, लोकतंत्र, मानवाधिकार का सवाल: भीम सिंह 
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (National President JP Nadda) पार्टी के जम्मू-कश्मीर नेताओं के साथ बैठक में शामिल होने के लिए पार्टी मुख्यालय पहुंचे. जम्मू-कश्मीर के नेताओं के साथ पीएम मोदी की बैठक पर जम्मू-कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी के अध्यक्ष भीम सिंह ने कहा कि मुझे आमंत्रित किया गया है. मान्यताप्राप्त पार्टियां को बुलाया गया है. लोगों के हक, इंसाफ, एकता, भाईचारा, भारत से मजबूती के बारे में बोलना है. चुनाव, लोकतंत्र, मानवाधिकार का सवाल है.

PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती के खिलाफ किया विरोध प्रदर्शन:
डोगरा फ्रंट ने जम्मू में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि यह विरोध मुफ्ती के उस बयान के खिलाफ है जो उन्होंने गुपकार की बैठक के बाद दिया था कि पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे में एक हितधारक है. उन्हें सलाखों के पीछे डाल दिया जाना चाहिए.

बैठक में जम्मू कश्मीर के 14 प्रमुख नेताओं को किया गया है आंमत्रित:
बैठक के लिए जम्मू कश्मीर के 14 नेताओं को बुलाया गया है. इनमें चार पूर्व मुख्यमंत्री डा. फारूक अब्दुल्ला, गुलाम नबी आजाद, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती के अलावा चार पूर्व उपमुख्यमंत्री ताराचंद, मुजफ्फर हुसैन बेग, डा. निर्मल सिंह और कवींद्र गुप्ता भी शामिल हैं. भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष रवींद्र रैना भी इसमें शामिल हैं. अन्य नेताओं में जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी के चेयरमैन सैयद अल्ताफ बुखारी, पीपुल्स कांफ्रेंस के सज्जाद गनी लोन, प्रदेश कांग्रेस प्रमुख जीए मीर, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-मा‌र्क्सवादी (माकपा) नेता मोहम्मद युसुफ तारीगामी और पैंथर्स पार्टी के प्रो. भीम सिंह को आमंत्रित किया गया है.

बैठक बुलाकर अलगाववादियों और पाकिस्तान को दिया संदेश:
पांच अगस्त, 2019 को जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम लागू किए जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार केंद्र शासित प्रदेश के मुख्यधारा के राजनीतिक दलों के नेताओं की बैठक बुलाई है. इससे केंद्र सरकार ने अलगाववादियों और उनके आका पाकिस्तान को संदेश दिया है कि कश्मीर पूरी तरह से भारत का आंतरिक मुद्दा है और इस पर वह सिर्फ और सिर्फ जम्मू-कश्मीर के उन दलों से बात करेगी, जो भारतीय संविधान में आस्था रखते हुए जनता का प्रतिनिधित्व करते हैं. बैठक उस पुरानी कश्मीर नीति में भी बदलाव की पुष्टि करती है, जिसमें हालात सामान्य बनाने के लिए मुख्यधारा के दलों की उपेक्षा कर अलगाववादियों व उनसे संबधित संगठनों को विश्वास में लेने, उनसे बातचीत की प्रक्रिया को अपनाया जाता रहा है.

कश्मीर मामलों के विशेषज्ञ और पत्रकार आसिफ कुरैशी ने कहा कि इस बैठक का कोई ठोस नतीजा बेशक न निकले, लेकिन हर मुददे पर खुलकर बात होगी. बैठक जम्मू-कश्मीर की बेहतरी के लिए एक नया रास्ता तैयार करेगी.

PM @narendramodi is Chairing an All-Party meeting with various political leaders from Jammu and Kashmir. pic.twitter.com/nIUaV6qwF0

— PMO India (@PMOIndia) June 24, 2021
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