पीएम-किसान सम्मान निधि योजनाः मोदी ने कहा- 1.35 लाख करोड़ रुपए जारी, एमएसपी पर रिकॉर्ड खरीद

पीएम-किसान  सम्मान निधि योजनाः मोदी ने कहा- 1.35 लाख करोड़ रुपए जारी, एमएसपी पर रिकॉर्ड खरीद

नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (पीएम किसान) के तहत आठवीं किस्त जारी करने के बाद अब तक 1.35 लाख करोड़ रुपए किसानों के खातों में हस्तांतरित किए जा चुके हैं. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार किसानों की आय बेहतर करने के लिए उच्च गुणवत्ता वाले धान व गेहूं की खरीद भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कर रही है. उन्होंने कहा कि फरवरी 2019 में आरंभ हुई इस योजना के तहत जारी की गई कुल राशि में लगभग 60,000 करोड़ रुपए कोविड-19 महामारी के दौर में हस्तांतरित किए गए हैं जिससे किसानों को संकट के इस काल में भी राहत मिली है.

लाभार्थी किसान परिवारों के खातों में 20,000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि हस्तांतरितः
प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस से आयोजित एक कार्यक्रम में पीएम-किसान के तहत वित्‍तीय लाभ की आठवीं किस्‍त जारी की. उन्होंने एक बटन दबाकर 9.5 करोड़ से अधिक लाभार्थी किसान परिवारों के खातों में 20,000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि हस्तांतरित की. इस कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, कुछ राज्यों के मुख्यमंत्री और कई सांसद भी उपस्थित थे.

योजना के तहत चार-चार महीने की अवधि में दी जाती है 2000 रुपए की तीन समान किस्तेः
इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने किसान लाभार्थियों से बातचीत भी की.प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र लाभार्थी किसान परिवारों को 6000 रुपए प्रति वर्ष का वित्तीय लाभ प्रदान किया जाता है, जो चार-चार महीने की अवधि में 2000 रुपए की तीन समान किस्तों में दिया जाता है. यह रकम सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डाली जाती है. समारोह को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि इस कोरोना काल में भी देश के किसानों ने कृषि क्षेत्र में अपने दायित्व को निभाते हुए अन्न की रिकॉर्ड पैदावार की है. उन्होंने कहा कि पीएम किसान योजना की शुरुआत छोटे और मझोले किसानों की मदद के लिए की गई थी ताकि उन्हें उपज पर लगाए गई रकम कम से कम मिल सके. उन्होंने कहा कि आठवीं किस्त में 10 करोड़ किसानों को इस योजना का लाभ मिला है.

जैसे-जैसे राज्यों से किसानों के नाम सरकार को मिलेंगे, वैसे लाभार्थियों की संख्या बढ़ेगीः
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज बंगाल के लाखों किसानों को पहली किस्त पहुंची है. जैसे-जैसे राज्यों से किसानों के नाम केंद्र सरकार को मिलेंगे, वैसे वैसे लाभार्थी किसानों की संख्या और बढ़ती जाएगी. इस योजना का पहली बार पश्चिम बंगाल के किसानों को आर्थिक लाभ मिला है. दो साल पहले आरंभ हुई इस योजना के अंतर्गत आज पश्चिम बंगाल के 7.03 लाख किसानों के खातों में दो-दो हजार रुपए की राशि हस्तांतरित की गई.

बंगाल के 7.03 लाख किसानों के खातों में पहली किस्त जारीः
पश्चिम बंगाल में यह योजना इसलिए लागू नहीं हो सकी थी क्योंकि इस योजना के लाभार्थी किसानों के आंकड़ों सहित अन्य विभिन्न पहलुओं को लेकर केंद्र व राज्य सरकार के बीच मतभेद थे. मोदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल के लगभग 7.03 लाख किसानों के खातों में दो हजार रुपए की पहली किस्त जारी की गई है. उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर 11 करोड़ किसानों को इस योजना के तहत 1.35 लाख करोड़ रुपए हस्तांतरित किए गए हैं. उन्होंने कहा कि पीएम किसान छोटे और मझोले किसानों के लिए लाभाकरी है. संकट की इस घड़ी में यह रकम किसानों को खासा मदद कर रही है. अभी तक इस योजना के तहत 11 करोड़ किसानों को 1.35 करोड़ रुपए हस्तांतरित किए गए हैं. उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि किसानों को यह लाभ तेज गति से मिलता रहे.

महामारी के दौरान कठिनाइयों के बीच खाद्यान्न और बागवानी में रिकॉर्ड उत्पादनः
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने उन किसानों के प्रयासों की सराहना की जिन्होंने इस महामारी के दौरान कठिनाइयों के बीच खाद्यान्न और बागवानी में रिकॉर्ड उत्पादन किया. उन्होंने कहा कि सरकार प्रत्येक साल एमएसपी पर खरीद के नए रिकॉर्ड भी बना रही है. अब तक पिछले साल की तुलना में इस साल एमएसपी पर लगभग 10 प्रतिशत अधिक गेहूं की खरीद की गई है. अब तक गेहूं की खरीद के लिए लगभग 58,000 करोड़ रुपए सीधे किसानों के खाते में पहुंचे हैं.

सरकार खेती में नए समाधान और नए विकल्प प्रदान करने के लिए प्रयासरतः
प्रधानमंत्री ने इस बात को रेखांकित किया कि सरकार खेती में नए समाधान और नए विकल्प प्रदान करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा कि जैविक खेती को बढ़ावा देना भी इनमें से एक प्रयास है. जैविक खेती से अधिक लाभ पहुंचता है और अब युवा किसानों द्वारा पूरे देश में इसे अपनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि अब गंगा के दोनों किनारों पर और इसके 5 किलोमीटर के दायरे में जैविक खेती की जा रही है, जिससे गंगा साफ रहे. प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि इस महामारी के दौरान किसान क्रेडिट कार्ड की समयसीमा बढ़ा दी गई है और किस्तों को अब 30 जून तक नवीनीकृत किया जा सकता है.उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में 2 करोड़ से अधिक किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए गए हैं. प्रधानमंत्री ने इस दौरान जिन लाभार्थियों के साथ बात की उनमें उत्तर प्रदेश के उन्नाव के अरविंद भी शामिल थे.

जैविक खेती और नई कृषि तकनीकों की के उपयोग पर की युवाओं की तारीफः
प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्र के युवा किसानों को जैविक खेती और नई कृषि तकनीकों की प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए अरविंद की सराहना की. उन्होंने बड़े पैमाने पर जैविक खेती के लिए अंडमान और निकोबार द्वीप समूह स्थित कार निकोबार के पैट्रिक की भी सराहना की. साथ ही उन्होंने अपने क्षेत्र के 170 से अधिक आदिवासी किसानों का मार्गदर्शन करने के लिए आंध्र प्रदेश स्थित अनंतपुर की एन वेन्नुरामा के प्रयासों की प्रशंसा की. प्रधानमंत्री ने मेघालय के पहाड़ी इलाकों में अदरक पाउडर, हल्दी और दालचीनी आदि मसालों के उत्पादन के लिए मेघालय के रेविस्टार की सराहना की. इसके अलावा उन्होंने जम्मू कश्मीर में श्रीनगर के खुर्शीद से भी बातचीत की, जो शिमला मिर्च, हरी मिर्च और खीरे की जैविक खेती करते हैं.
सोर्स भाषा

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