प्रधानमंत्री कोविड-19 के प्रबंधन में विफल रहे, स्वास्थ्य मंत्री को बनाया बलि का बकरा: विपक्ष

प्रधानमंत्री कोविड-19 के प्रबंधन में विफल रहे, स्वास्थ्य मंत्री को बनाया बलि का बकरा: विपक्ष

प्रधानमंत्री कोविड-19 के प्रबंधन में विफल रहे, स्वास्थ्य मंत्री को बनाया बलि का बकरा: विपक्ष

नई दिल्ली: केंद्र पर कोविड-19 संबंधी आंकड़े छिपाने का आरोप लगाते हुए विपक्षी दलों के नेताओं ने राज्यसभा में दावा किया कि इस महामारी के प्रबंधन में सरकार पूरी तरह विफल रही है वहीं सत्ता पक्ष ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था की पुख्ता नींव और कई पहलों की वजह से इस महामारी के दौर में देश मजबूती से खड़ा रहा. 

देश में कोविड-19 महामारी का प्रबंधन, टीकाकरण का कार्यान्वयन और संभावित तीसरी लहर को देखते हुए नीति और चुनौतियां’’ विषय पर उच्च सदन में अल्पकालिक चर्चा की शुरुआत करते हुए विपक्ष के नेता एवं कांग्रेस के वरिष्ठ सदस्य मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि कोविड-19 के नतीजे इतने भयावह होंगे इसका अनुमान नहीं था, लेकिन देश इस महामारी की दूसरी लहर से गुजरा और कहा जा रहा है कि हम तीसरी लहर के मुहाने पर खड़े हैं. इस महामारी से मिले घाव कभी नहीं भरेंगें. 

प्रधानमंत्री समस्याएं सुलझाने में विफल:
इस महामारी से निपटने में सरकार पर विफलता का आरोप लगाते हुए खड़गे ने कहा कि प्रधानमंत्री समस्याएं सुलझाने में विफल रहे और स्वास्थ्य मंत्री को उन्होंने बलि का बकरा बना दिया. उन्होंने कहा कि प्रवासी कामगार, नौकरी-रोजगार जाना, अस्पतालों में बेड-ऑक्सीजन न मिलना, लॉकडाउन और अर्थव्यवस्था का तबाह होना. सरकार ने इस पर चिंता नहीं जताई. सरकार को विज्ञापन दिखाने में लुभावनी बातें करने और उन्हें बार बार दोहराने में महारत हासिल है.
कोविड-19 महामारी से लाखों लोगो की मौत:

उन्होंने सरकार पर झूठे आंकड़े जारी करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि सरकार दावा करती है कि कोविड-19 महामारी से करीब चार लाख लोगों की जान गई. देश में 6,38,565 गांव हैं. अगर एक एक गांव में इस महामारी ने पांच पांच लोगों की भी जान ली है तो कोविड से मौत का आंकड़ा 31,91,825 होता है.  खड़गे ने सवाल किया कि क्या हमेशा यह रहस्य बना रहेगा कि कोविड से कितने लोगों की जान गई. सोर्स-भाषा

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