लगातार सात फाइनल में हार के बाद पीवी सिंधू ने वर्ल्‍ड टूर फाइनल्‍स में रचा इतिहास 

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/12/16 11:34

नई दिल्ली। कहते हैं जज्बा, मेहनत और लगन हो तो क्या कुछ नहीं जीता जा सकता। इसी को सार्थक कर दिखाया ओलंपिक और विश्‍व चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता भारत की पीवी सिंधू ने। पीवी सिंधू ने साल के अंतिम बैडमिंटन टूर्नामेंट वर्ल्‍ड टूर फाइनल्‍स में आज खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। लगातार सात फाइनल में हार के बाद ओलंपिक रजत पदक विजेता सिंधु ने अंतत: जापान की नोजोमी ओकुहारा को हराकर प्रतिष्ठित सत्रांत टूर्नामेंट का खिताब जीता।

इसके साथ ही सिंधू यह खिताब जीतने वाली पहली भारतीय बन गयी हैं। सिंधू ने फाइनल मुकाबले में दूसरी वरीयता प्राप्‍त जापान की नोजोमी ओकुहारा को 21-19, 21-17 से हराकर खिताब देश के नाम किया। इस साल राष्ट्रमंडल खेल, एशियाई खेल और विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाली सिंधु ने कहा, 'मैं काफी खुश हूं। मेरे पास इसे बयां करने के लिए शब्द नहीं हैं क्योंकि फाइनल में खेलने और हारने के बाद इस साल यह मेरी पहली जीत है, इसलिए यह यादगार है। सत्र का अंत खूबसूरत रहा।' साथ ही कहा कि 'हर बार लोग मेरे से समान सवाल पूछते थे। उम्मीद करती हूं कि यह सवाल दोबारा मेरे से नहीं पूछा जाएगा कि आखिर क्यों मैं बार बार फाइनल में हार जाती हूं। मुझे लगता है कि मैं अब कह सकती हूं कि मैंने स्वर्ण पदक जीता है और मुझे इस पर बेहद गर्व है।'

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