जैसलमेर पाक विस्थापितों को नागरिकता के बाद भी मतदाता सूची में कटे नाम

पाक विस्थापितों को नागरिकता के बाद भी मतदाता सूची में कटे नाम

पाक विस्थापितों को नागरिकता के बाद भी मतदाता सूची में कटे नाम

जैसलमेर: पाकिस्तान से प्रताड़ित होकर भारत आये विस्थापितों को लंबे समय के बाद भारतीय नागरिकता मिली और उसके बाद से लगातार अपने मताधिकार का प्रयोग कर भारतीय लोकतंत्र में अपनी हिस्सेदारी निभा रहे हैं, लेकिन अब उनका ये अधिकार छिना जा रहा है. ये कहना है जैसलमेर की नवसृजित पंचायत समिति मोहनगढ के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बाहला के ग्रामीणों का. आज इस मामले को लेकर पाक विस्थापितों के साथ अन्य ग्रामीणों ने जिनके नाम काटे गये है, जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा और इसे सुधारने की गुहार लगाई. 

दुसरी पंचायत में जोड़ा गया नाम:
जानकारी के अनुसार पंचायती राज चुनाव 2020 के तहत प्रथम चरण में होने वाले मतदान में ग्राम पंचायत बाहला के पंच एवं सरपंच के चुनाव होने है. 3 जनवरी को प्रकाशित हुई अंतिम मतदान सूची में इनका नाम शामिल था, लेकिन जब ये कल हो रहे नामाकंन के लिए गए तो देखा कि इनके नाम मतदान सूची से गायब दिखे. इसके बाद मतदाता सूची देखने पर पता चला कि बाहला पंचायत के वार्ड संख्या 8 और 9 से पाक विस्तापितों के 35 से 36 नाम काटे गये है, वो भी बिना किसी पूर्व सूचना के. ग्रामीणों का कहना है कि उनका नाम ग्राम पंचायत बाहला से पृथक कर दुसरी पंचायत में जोड़ा गया है, जो उनसे 40 किमी दुर है और बाहला मात्र 5 किमी. साथ ही ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि किसी व्यक्ति विषेष को लाभ पहुंचाने के लिए ये सब किया जा रहा है.  

कलक्टर को ज्ञापन सौंप ग्रामीणों ने लगाई गुहार:
जब इनको नामाकंन दाखिल नहीं करने दिया गया, तो विरोध के बाद कल शाम से ही ये सभी जिला कलक्टर कार्यालय पहुंचे और रात भर इस सर्द रात में इंतजार करने के बाद आज ये सभी जिला कलक्टर से मिले और मामले की पूरी जानकारी दी. ग्रामीणों का कहना है कि उनके साथ कुछ अन्य के भी नाम काटे गये है और कुल 41 नाम मतदान सूची से पृथक किये गये हैं. आज जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंप ग्रामीणों ने गुहार लगाई कि उन्हें उनके मताधिकार से वंचित न किया जाए और साथ ही इस मामले को गंभीरता से लेकर शीघ्र ही कार्यवाही कर उनके नाम वापस जुड़वाये जाए. ग्रामीणों ने कहा है कि यदि उनकों न्याय नहीं मिलता है तो वे चुनाव आयोग और न्यायालय तक जाएंगें और अपने अधिकार के लिए लड़ेगें. 

और पढ़ें