VIDEO: राजस्थान के 6 जिलों में पंचायतीराज चुनाव की घोषणा, 3 चरणों में 26, 29 अगस्त और एक सितंबर को होगा मतदान 

VIDEO: राजस्थान के 6 जिलों में पंचायतीराज चुनाव की घोषणा, 3 चरणों में 26, 29 अगस्त और एक सितंबर को होगा मतदान 

जयपुर: राजस्थान की शेष बची 12 जिलों की पंचायती समिति में से 6 जिलों में पंचायती समिति चुनाव की घोषणा राज्य निर्वाचन आयोग कर दी है. चुनावी कार्यक्रम जारी होने के साथ ही इन जिलों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है. कार्यक्रम के अनुसार तीन चरणों में चुनाव होंगे. पहले चरण के लिए 26 अगस्त को दूसरे चरण के लिए 29 अगस्त को और तीसरे चरण के लिए 1 सितंबर को  मतदान होगा. राज्य निर्वाचन आयोग ने भरतपुर, दौसा, जयपुर, जोधपुर, सवाईमाधोपुर और सिरोही में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के आम चुनाव 2021 कार्यक्रम की घोषणा की है.

इस तरह रहेगा कार्यक्रम: 
-11 अगस्त को अधिसूचना जारी होगी 
-नामांकन की अंतिम तिथि 16 अगस्त
-नामांकन की जांच 17 अगस्त
-नाम वापसी की अंतिम तिथि 18 अगस्त दोपहर 3 बजे तक
-चुनाव चिन्हों का आवंटन 18 अगस्त दोपहर 3 बजे बाद 
-पहले चरण के लिए मतदान दलों का प्रस्थान 25 अगस्त को
-दूसरे चरण के लिए दलों का प्रस्थान 28 अगस्त
-तीसरे चरण के लिए दलों का प्रस्थान 31 अगस्त को
-पहले चरण के लिए मतदान 26 अगस्त को सुबह 7.30 से 5.30 
-दूसरे चरण के लिए वोटिंग 29 अगस्त को सुबह 7.30 से 5.30 
-तीसरे चरण के लिए 1 सितंबर सुबह 7.30 से 5.30 बजे
-जिला प्रमुख व प्रधान का चुनाव 6 सितंबर को
-उप जिला प्रमुख और उप प्रधान का चुनाव 7 सितंबर को
-कुल वोटर्स 77 लाख 94 हजार 300 
-जिसमे पुरुष 41 लाख 23 हजार 30 मतदाता
-महिला 36 लाख 71 हजार 246 मतदाता 
-ट्रांसजेंडर 24 मतदाता 

वार्डो और मतदान केन्द्रों का विवरण:
6 जिलों के लिए  घोषित किए गए चुनाव में 200 जिला परिषद सदस्य, 1564 पंचायत समिति सदस्य 6 जिला प्रमुख / उप जिला प्रमुख और 78 प्रधान / उप प्रधानों के लिए आम चुनाव होना है. कोविड  संक्रमण से बचाव के लिए आयोग द्वारा अब प्रत्येक मतदान बूथ पर मतदाताओं की संख्या 1000 की गई है. पूर्व में एक मतदान बूथ पर सामान्यतः 1100 मतदाताओं की सीमा निर्धारित थी. प्रत्येक बूथ पर 1000 मतदाताओं की संख्या के अनुसार 6 जिलों में 10604 मतदान बूथ स्थापित किए जायेंगे.

ई.वी.एम. से मतदान:
जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के आम चुनावों में ईवीएम का उपयोग किया जाएगा. आयोग द्वारा जिला स्तर पर ईवीएम की उपलब्धता एवं आवश्यकतानुसार अन्य जिले के स्थानान्तरण की ऑन लाईन ट्रैकिंग की जाएगी. इसके अतिरिक्त उक्त सॉफ्टवेयर के माध्यम से मतदान हेतु ईवीएम के आवंटन के लिए रेण्डमाईजेशन भी किया जाएगा.

मतदान का समय:
कोरोना के चलते मतदान के समय में बढ़ोतरी की गई है. मतदान का समय प्रातः 7:30 बजे से शाम 5.30 बजे तक तय किया गया है, जिससे मतदाता आपस में उचित दूरी बनाए रखने की पालना करते हुए मतदान कर सके.चुनाव कार्य के लिए कार्मिकों का नियोजन और प्रशिक्षण जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्यों के निर्वाचन के लिए मतदान, मतगणना और अन्य कार्य के  लिए लगभग 65 हजार कार्मिकों की आवश्यकता होगी. मतदान एवं मतगणना दलों के गठन हेतु कार्मिकों का रेण्डमाईजेशन सॉफ्टवेयर के जरिये करके मतदान और मतगणना हेतु दलों का गठन किया जाएगा. मतदाताओं की पहचान राजस्थान राज्य के लगभग सभी मतदाताओं को मतदाता फोटो पहचान पत्र-EPIC जारी हो चुके हैं. मतदान के दौरान मतदाताओं को अपनी पहचान स्थापित करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी यह फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा. फिर भी यदि कोई मतदाता किसी भी कारण से फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करने में असमर्थ रहता है तो मतदान के लिए उसे राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से अनुमोदित किए गए 12 वैकल्पिक फोटोयुक्त दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज प्रस्तुत करना जरूरी होगा.

कोरोना की वैक्सीन जरूरी:
जिला निर्वाचन अधिकारियों को यह भी निर्देश प्रदान दिए हैं कि इन आम चुनाव में चुनाव कार्य / मतदान दलों में नियुक्त किए जाने वाले कार्मिकों को कोरोना वैक्सीन की कम से कम एक डोज लग चुकी हो. ऐसे में चुनाव कार्य या मतदान दल में नियोजित किए जाने वाले कार्मिकों को प्राथमिकता के आधार पर शिविर का आयोजन कर उनका टीकाकरण करने को कहा गया है.

आदर्श आचार संहिता:
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ संबंधित जिलों के जिला परिषद और पंचायत समिति निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचरण संहिता के प्रावधान तुरन्त प्रभाव से लागू हो गए हैं, जो चुनाव प्रक्रिया समाप्ति तक लागू रहेंगे आयोग द्वारा राज्य सरकार को आदर्श आचार संहिता की प्रभावी पालना के लिए जरूरी निर्देश दिए गए हैं. संबंधित पंचायती संस्थाओं में विभागों के विकास कार्य जिसके कार्यादेश आचार संहिता के प्रभाव में आने से पूर्व ही जारी किए जा चुके हैं या जो विकास कार्य पूर्व से ही चल रहे हैं, वे सभी आचार संहिता से प्रभावित नहीं होंगे. नई स्कीम, नए विकास कार्य एवं नए कार्यादेश आचार संहिता के लागू होने के बाद पूर्णतया प्रतिबंधित रहेंगे. चुनाव के लिए बड़ी मात्रा में कार्मिकों/अधिकारियों की आवश्यकता होगी, ऐसे में इन जिलों में समस्त विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानान्तरण और पदस्थापन पर पूरी तरह प्रतिबंध होगा. चुनाव की घोषणा से पूर्व जारी स्थानान्तरण आदेशों की अनुपालना में इन 6 जिलों में स्थानान्तरणाधीन कार्मिकों को रिक्त पद पर कार्यग्रहण करने की अनुमति होगी, किन्तु चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद इन जिलों से किसी कार्मिक को अपने पद से कार्यमुक्त होने की अनुमति नहीं होगी, भले ही उसका स्थानान्तरण चुनाव कार्यक्रम से पूर्व का ही क्यों न हो. यह माना जा रहा है कि जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव कार्यक्रम के बाद में मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल पर भी संकट के बादल मंडरा सकते हैं क्योंकि जयपुर जिले में भी आचार संहिता लागू रहेगी.

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