Live News »

अब बनेंगे संसदीय सचिव, मुख्यमंत्री गहलोत कर रहे नामों पर विचार

अब बनेंगे संसदीय सचिव, मुख्यमंत्री गहलोत कर रहे  नामों पर विचार

जयपुर। राजस्थान की कांग्रेस सरकार में संसदीय सचिवों के गठन पर मुहर लगने वाली है। 11 या 12 फरवरी को नये संसदीय सचिव बनाये जा सकते है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत 4 से 5 संसदीय सचिव बनाने का निर्णय ले सकते है। 

लोकसभा चुनावों से पहले कांग्रेस की गहलोत सरकार को जातीय और क्षेत्रीय संदेश देने की महत्ती आवश्यकता है। इसी कड़ी में नये संसदीय सचिव बनाये जाएंगे। राजस्थान में 80 के दशक से ही संसदीय सचिव बनाने की परम्परा शुरु हुई थी। इसके बाद से ही प्रत्येक सरकार में संसदीय सचिव बनाये जा रहे है। पिछली गहलोत सरकार में बहुमत को बैलेंस करने के लिये बीएसपी के विधायकों को संसदीय सचिव बनाया गया था। गहलोत अपनी मौजूदा सरकार को सियासी धार देने के लिये फरवरी के दूसरे हफ्ते में यह प्रयोग कर सकते है। कुछ नामों पर प्रमुखता से विचार हो रहा। हालांकि अभी यह तय है कि पहली बार बने विधायकों में से ही संसदीय सचिव बनाये जाएंगे, हालांकि कुछ चेहरे सैकंड टाइमर भी हो सकते है। 

यह बन सकते है संसदीय सचिव
-मुस्लिम कोटे से रामगढ़ से हाल ही मैं चुनाव जीती साफिया जुबेर खान को पद मिल सकता है।
-अन्य मुस्लिम चेहरों में फतेहपुर विधायक हाकम अली,जयपुर के विधायकों अमीन कागजी, रफीक खान के नाम की चर्चा है।
-सहरिया वर्ग से किशनगंज विधायक निर्मला सहरिया के नाम की चर्चा है।
-आदिवासी बैल्ट से प्रतापगढ़ विधायक रामलाल मीना और डूंगरपुर विधायक गणेश घूघरा के नाम की चर्चा।
-पचपदरा विधायक मदन प्रजापत का नाम भी चर्चा में
-चूरु के राजगढ़ से विधायक कृष्णा पूनिया का नम्बर लग सकता है
-जयपुर से बगरु विधायक गंगा देवी और जमवारामगढ़ विधायक गोपाल मीना के नाम की चर्चा

संसदीय सचिव गठन प्रक्रिया में महिला सशक्तीकरण की परिभाषा देखने को मिल सकती है। अभी तक गहलोत मंत्रीपरिषद में एक ही महिला को स्थान मिला है। लिहाजा संसदीय सचिव पॉलिटिक्स के जरिये युवा और महिला कार्ड को साधा जाएगा। साथ ही क्षेत्रीय स्तर पर सियासी प्रतिनिधित्व की जो कमी है उसे दूर करने के प्रयास होंगे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत इसके जरिये सोशल इंजीनियरिंग को साधने का काम करेंगे। माना जा रहा कवायद से पहले कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट के साथ अशोक गहलोत की रणनीतिक और अंतिम चर्चा होगी। 
 फर्स्ट इंडिया के लिए योगेश शर्मा की रिपोर्ट

और पढ़ें

Most Related Stories

हरियाणा में बिजली उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी, मिली यह सुविधा

हरियाणा में बिजली उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी, मिली यह सुविधा

चंडीगढ़: हरियाणा बिजली निगम ने एक नई सुविधा शुरू की है. इससे बिजली उपभोक्ता अब ऑनलाइन ही अपने त्रुटिपूर्ण बिजली बिल ठीक करवा सकेंगे. ऐसे में बिजली बिल गलत मीटर रीडिंग के लिए दर-दर नहीं भटकेंगे. हरियाणा बिजली वितरण निगमों ने उपभोक्ताओं के लिए ट्रस्ट रीडिंग की सुविधा शुरू की है. ऐसे में अब उपभोक्ता ऑनलाइन माध्यम से ही सही मीटर रीडिंग प्रदान करके बिल ठीक करवा सकते हैं. 

कांग्रेस का बड़ा ऑनलाइन अभियान, सोनिया गांधी ने की हर परिवार को 7500 रुपये प्रति माह देने की मांग 

जानकारी निगमों की वेबसाइटों पर उपलब्ध: 
यह सुविधा घरेलू, गैर-घरेलू और एलटी औद्योगिक श्रेणियों (अधिकतम 20 किलोवाट तक लोड) के उपभोक्ताओं के लिए है. इसके लिए उपभोक्ता निगमों की वेबसाइट पर जाकर ट्रस्ट रीडिंग की सुविधा का उपयोग कर सकते हैं.  इस बारे में सारी जानकारी भी निगमों की वेबसाइटों पर उपलब्ध हैं. 

पहले चरण में प्रदेश के 42 शहरों में यह सुविधा शुरू की जा रही: 
पहले चरण में प्रदेश के 42 शहरों में यह सुविधा शुरू की जा रही है. जिसमें उत्तर हरियाणा के अधीन पंचकूला, करनाल, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, झज्जर, कैथल, अंबाला सिटी, अंबाला कैंट, यमुनानगर, शाहबाद, बहादुरगढ़, कालका, पिंजौर, चीका, गोहाणा, घरौंडा, पेहवा, थानेसर, गन्नौर और समालखा शहर शामिल हैं. वहीं दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के तहत गुरुग्राम, फरीदाबाद, फतेहाबाद, जींद, सिरसा, हिसार, रेवाड़ी, भिवानी, चरखीदादरी, पलवल, डबवाली, बरवाला, एलनाबाद, टोहाना, हांसी, नरवाना, नारनौल, होडल, बावानी खेड़ा, सिवानी और लौहारु शहर शामिल हैं. 

जम्मू-कश्मीर में टला बड़ा आतंकी हमला, पुलवामा की तरह गाड़ी में रखी गई थी IED 

दो माह में कई उपभोक्ताओं की मीटर रीडिंग नहीं हो पाई:
गौरतलब है कि लॉकडाउन होने की वजह से बीते दो माह में कई उपभोक्ताओं की मीटर रीडिंग नहीं हो पाई, उन्हें औसत के आधार पर ही बिजली बिल जारी किए गए हैं. ऐसे में वे उपभोक्ता भी इस सुविधा का उपयोग कर अपने बिलों को वास्तविक रीडिंग के अनुसार ठीक करवा पाएंगे. 

कांग्रेस का बड़ा ऑनलाइन अभियान, सोनिया गांधी ने की हर परिवार को 7500 रुपये प्रति माह देने की मांग

कांग्रेस का बड़ा ऑनलाइन अभियान, सोनिया गांधी ने की हर परिवार को 7500 रुपये प्रति माह देने की मांग

नई दिल्ली: प्रवासी मजदूरों के पलायन के मसले पर कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. सोनिया ने कहा कि देश की आजादी के बाद पहली बार ऐसा दर्द का मंजर दिखा. मजदूर सैकड़ों-हजारों किमी पैदल चलकर जाने को मजबूर हुए है. लेकिन सरकार ने मजदूरों की सिसकियां नहीं सूनी. इसके साथ ही उन्होंने सरकार से मजदूरों के लिए खजाना खोलने की भी मांग की है. सोनिया गांधी ने हर परिवार को 6 महीने तक 7500 रुपये प्रति माह देने की भी मांग की और उनमें से 10000 फौरन मिले. 

जम्मू-कश्मीर में टला बड़ा आतंकी हमला, पुलवामा की तरह गाड़ी में रखी गई थी IED 

देश गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा:
सोनिया गांधी ने कहा कि पिछले दो महीने से कोरोना वायरस के चलते पूरा देश गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है. करोड़ों लोगों के रोजगार चले गए, लाखों धंधे बंद हो गए, किसानों को फसल बेचने के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही है. पहले दिन से ही हर कांग्रेसियों, अर्थशास्त्रियों और समाज के हर तबके ने कहा कि यह वक्त आगे बढ़कर घाव पर मरहम लगाने का है.

गर्मी से राहत के लिए 20000 हजार तक के बजट में हैं ये 4 बेहतरीन एयरकंडीशनर 

कांग्रेस ने देशभर में स्पीक अप इंडिया अभियान शुरू किया:
बता दें कि कोरोना लॉकडाउन में प्रवासी मजदूरों से लेकर बेरोजगारी तक के मुद्दे पर कांग्रेस लगातार केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है. 30 मई को मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का एक साल पूरा होने वाला है और उससे पहले कांग्रेस ने देशभर में स्पीक अप इंडिया अभियान शुरू किया है. कांग्रेस पार्टी ने फेसबुक, ट्विटर, यू ट्यूब, इंस्टाग्राम जैसे प्रचलित सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर एकसाथ 50 लाख कांग्रेस कार्यकर्ताओं को ऑनलाइन जुटाने का लक्ष्य रखा है. 
 

पानी के लिए मचने लगा हाहाकार, मटकियां फोड़कर की नारेबाजी

पानी के लिए मचने लगा हाहाकार, मटकियां फोड़कर की नारेबाजी

जैसलमेर: जिले के पोकरण उपखण्ड के वार्ड संख्या दो व तीन के निवासियों के साथ भाजपा कार्यकर्ताओं ने जलदाय विभाग के अधिशासी अभियंता कार्यालय में बिगड़ी जलापूर्ति व्यवस्था को लेकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया. साथ ही मटकियां फोड़कर जलापूर्ति सुचारु करने की मांग की और अधिशासी अभियंता को एक खाली मटकी भी सुपुर्द की.

Rajasthan Corona Updates: पिछले 12 घंटे में सामने आए 131 नए पॉजिटिव, 6 की मौत, जिलेवार जाने आंकड़े 

एक माह से जलापूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से लड़खड़ाई हुई: 
गौरतलब है कि कस्बे के वार्ड संख्या दो, तीन, कोरियाबास, बागवानों का बास, दाऊ का बास, सेवापुरी कॉलोनी में गत एक माह से जलापूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से लड़खड़ाई हुई है. भीषण गर्मी में बिगड़ी जलापूर्ति व्यवस्था के कारण आमजन को पेयजल संकट से रूबरू होना पड़ रहा है. साथ ही ट्रैक्टर टंकियों से पानी खरीदकर मंगवाना पड़ रहा है. इस संबंध में लोगों ने कई बार जलदाय विभागाधिकारियों को अवगत करवाया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने पर मजबूरन उनकी ओर से बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया गया. 

विभाग के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की:
भाजयुमो प्रदेश मंत्री आईदानसिंह भाटी नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व वार्डवासी जलदाय विभाग के अधिशासी अभियंता कार्यालय पहुंचे. यहां उन्होंने विभाग के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की. विरोध प्रदर्शन की सूचना पर अधिशासी अभियंता सुशीलकुमार कश्यप कार्यालय से बाहर समस्या सुनने पहुंचे. इस दौरान गुस्साए लोगों ने उनके समक्ष मटकियां फोड़ी और रोष जताया.  

जम्मू-कश्मीर में टला बड़ा आतंकी हमला, पुलवामा की तरह गाड़ी में रखी गई थी IED 

जलापूर्ति व्यवस्था से परेशानी हो रही:
उन्होंने बताया कि एक माह से अवगत करवाने के बावजूद जलापूर्ति सुचारु नहीं की गई है. इन बस्तियों में मजदूर वर्ग निवास करता है. जिन्हें बिगड़ी जलापूर्ति व्यवस्था से परेशानी हो रही है. उन्होंने आरोप लगाते हुए बताया कि विभाग की ओर से टैंकरों से जलापूर्ति के दावे किए जा रहे है, लेकिन पोकरण कस्बे में न तो पर्याप्त जलापूर्ति हो रही है, न ही अभावग्रस्त वार्डों में टैंकर पहुंच रहे हैं. विरोध कर रहे लोगों ने खाली मटकी व समस्या के निराकरण की मांग को लेकर एक ज्ञापन सुपुर्द कर बताया कि यदि उनकी समस्या का शीघ्र निराकरण नहीं होता है, तो उनकी ओर से धरना शुरू कर उग्र आंदोलन किया जाएगा. 

VIDEO: फ्लाइट्स में नहीं बढ़ रहा यात्री भार, 70 फीसदी सीटें खाली

जयपुर: हवाई यात्रा को शुरू हुए आज तीसरा दिन है, लेकिन फ्लाइट्स में हवाई यात्रीभार में बढ़ोतरी होती नहीं दिख रही है. पहले 2 दिनों में मात्र 25 से 30% यात्रियों ने ही विमानों में आवागमन किया है. यानी करीब 70 से 75% सीटें खाली हैं. 

Rajasthan Corona Updates: पिछले 12 घंटे में सामने आए 131 नए पॉजिटिव, 6 की मौत, जिलेवार जाने आंकड़े 

तय मानकों के अनुरूप ही यात्रियों से किराया लिया जा रहा:
जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से फ्लाइट संचालन का बुधवार को तीसरा दिन था. बुधवार को सुबह पहली फ्लाइट जब बेंगलुरु के लिए रवाना हुई तो 180 सीट क्षमता के इस विमान में मात्र 30 यात्री मौजूद थे. विमान में सफर करने वाले यात्रियों के लिहाज से तो यह अच्छी खबर थी, कि वे सोशल डिस्टेंसिंग रखते हुए बेंगलुरु तक पहुंच सकते हैं. लेकिन फ्लाइट का संचालन कर रही एयरलाइन के लिए कम यात्रीभार मुनाफे का सौदा नहीं है. एयरलाइंस ने केंद्र सरकार के निर्देश पर हवाई किराए की दरें भी बहुत अधिक नहीं बढ़ाई हैं. तय मानकों के अनुरूप ही यात्रियों से किराया लिया जा रहा है. लेकिन इसके बावजूद यात्रियों की संख्या काफी कम है. सबसे खराब स्थिति तो पहले दिन 25 मई को देखी गई, जब दिल्ली से जयपुर पहुंची एयर इंडिया की फ्लाइट में मात्र 2 यात्री दिल्ली से जयपुर आए. 70 सीट क्षमता के इस विमान में मात्र 2 यात्री ही मौजूद थे. इसी तरह 26 मई को भी जयपुर से अमृतसर रवाना हुए 80 सीट क्षमता के विमान में मात्र 6 यात्री मौजूद थे. यात्री भार में कमी के चलते एयरलाइंस को कई फ्लाइट रद्द भी करनी पड़ रही हैं. पहले दिन जहां जयपुर एयरपोर्ट से 12 फ्लाइट रद्द रही. वहीं दूसरे दिन 9 फ्लाइट्स का संचालन रद्द करना पड़ा. आज भी जयपुर एयरपोर्ट से 10 फ्लाइट संचालित नहीं हो रही हैं. 

पिछले 2 दिन में एक जैसा यात्रीभार, बढ़ोतरी नहीं:
- 25 मई को पहले दिन 8 फ्लाइट का हुआ डिपार्चर
- 289 यात्री गए जयपुर से इन 8 फ्लाइट से
- 8 फ्लाइट में 1130 सीट थी, केवल 289 यात्री गए यानी 25.57% रहा यात्रीभार
- 25 मई को 11 फ्लाइट का हुआ अराइवल
- इन फ्लाइट से 893 यात्री आए जयपुर
- 11 फ्लाइट में थी 1670 सीट, 893 यात्रियों का आगमन हुआ, यानी यात्री भार रहा 53.47%
- 26 मई को 10 फ्लाइट का हुआ डिपार्चर
- कुल 440 यात्री गए जयपुर से इन 10 फ्लाइट से
- 10 फ्लाइट में थी 1390 सीट, यात्री गए 440, यानी औसत यात्रीभार रहा 31.65 प्रतिशत
- 26 मई को 11 फ्लाइट का हुआ अराइवल
- 872 यात्री जयपुर आए इन फ्लाइट से
- 1570 सीट थी विमान में, यात्री आए 872, यानी यात्रीभार रहा 55.54 प्रतिशत

जम्मू-कश्मीर में टला बड़ा आतंकी हमला, पुलवामा की तरह गाड़ी में रखी गई थी IED 

दरअसल कम यात्रीभार के पीछे सख्त क्वॉरेंटाइन नियमों को कारण माना जा रहा है. कई राज्यों ने दूसरे राज्य से यात्रियों के आने पर 14 दिन तक संस्थागत क्वॉरेंटाइन रखने के निर्देश दिए हैं. महाराष्ट्र में मुम्बई पहुंचते ही यात्रियों का कोविड-19 टेस्ट किया जा रहा है. वहीं तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश आदि राज्यों ने भी सख्त नियम बनाए हैं. राजस्थान आने वालों को भी 14 दिन होम क्वॉरेंटाइन किया जा रहा है. अभी केवल वे लोग ही यात्रा कर रहे हैं जिन्हें जरूरी कार्य से ड्यूटी ज्वाइन करनी है या फिर पिछले 2 माह से लॉक डाउन के कारण फंस गए थे. बिजनेस या अन्य कार्यों के सिलसिले में यात्रा करने वाले लोग अभी यात्रा करने से बच रहे हैं. उन्हें डर है कि यात्रा के तुरंत बाद 14 दिन तक क्वॉरेंटाइन कर दिया जाएगा. ऐसे में यह जरूरी है कि एविएशन इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए क्वॉरेंटाइन नियमों में शिथिलता दी जाए. जिस तरह दिल्ली सरकार ने हवाई यात्रा को लेकर क्वॉरेंटाइन समाप्त किया है, उसी तरह के निर्णय सभी राज्यों को लेने होंगे, तभी फ्लाइट्स में यात्री भार बढ़ सकता है. यदि इसी तरह के हालात रहे तो कम यात्रीभार के चलते एयरलाइंस का आर्थिक संकट बढ़ेगा और उनके लिए फ्लाइट संचालित कर पाना संभव नहीं होगा.  

...काशीराम चौधरी, फर्स्ट इंडिया न्यूज़, जयपुर

Rajasthan Corona Updates: पिछले 12 घंटे में सामने आए 131 नए पॉजिटिव, 6 की मौत, जिलेवार जाने आंकड़े

 Rajasthan Corona Updates: पिछले 12 घंटे में सामने आए 131 नए पॉजिटिव, 6 की मौत, जिलेवार जाने आंकड़े

जयपुर: राजस्थान में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा होता ही जा रहा है. पिछले 12 घंटे में प्रदेश में 131 नए पॉजिटिव मामले सामने आए हैं. झालावाड़ा में लगातार दूसरे दिन कोरोना का बड़ा विस्फोट देखने को मिला है. यहां सर्वाधिक 69 केस सामने आए हैं. इसके अलावा अजमेर में एक, भरतपुर में 12, चूरू में पांच, दौसा में चार, जयपुर में सात, झुंझुनूं में सात, कोटा में आठ, नागौर में पांच केस और पाली में 13 पॉजिटिव केस चिन्हित किए गए हैं. ऐसे में प्रदेश में अब पॉजिटिव मरीजों का ग्राफ बढ़कर 7947 पहुंच गया है. 

जम्मू-कश्मीर में टला बड़ा आतंकी हमला, पुलवामा की तरह गाड़ी में रखी गई थी IED 

पिछले 12 घंटे में 6 मौतें: 
वहीं पिछले 12 घंटे में प्रदेश में 6 लोगों ने कोरोना की चपेट में आने से दम तोड़ दिया है. इसमें अजमेर, बांसवाड़ा, दौसा, करौली, नागौर के अलावा दूसरे राज्य के एक मरीज की कोरोना से मौत हुई है. ऐसे में अब प्रदेश में मृतकों की संख्या भी बढ़कर 179 पहुंच गई है. 

VIDEO: कोरोना संकट में CM के संवेदनशील फैसले, गहलोत ने दी अनुकंपा नियुक्ति के लिए शिथिलता  

बुधवार को कुल 280 नए मरीज मिले:
इससे पहले प्रदेश में बुधवार को कुल 280 नए मरीज मिले, जबकि तीन मौतें हुई. तीनों मौतें जयपुर में हुईं और 42 नए रोगी भी मिले. वहीं जोधपुर में 33, पाली में 21, कोटा में 18, सीकर में 13, नागौर में 12, भरतपुर में 10, बीकानेर व राजसमंद में 9-9, भीलवाड़ा व हनुमानगढ़ में 7-7, झुंझुनूं व उदयपुर में 6, टोंक में 4, श्रीगंगानगर व बारां में 3-3, सिरोही, धौलपुर व करौली में 2-2, डूंगरपुर, दौसा, चित्तौड़गढ़, बूंदी, अजमेर, बाड़मेर में 1-1 नए रोगियों के अलावा बाहरी राज्य का एक व्यक्ति पॉजिटिव मिला. 
 

गर्मी से राहत के लिए 20000 हजार तक के बजट में हैं ये 4 बेहतरीन एयरकंडीशनर

गर्मी से राहत के लिए 20000 हजार तक के बजट में हैं ये 4 बेहतरीन एयरकंडीशनर

जयपुर: गर्मी धीरे धीरे अपने तेवर दिखाने लगी हैं. इसी के चलते सड़के भी अब दिन में वीरान नजर आने लगी हैं. वहीं दूसरी ओर नौतपा में तापमापी का पारा और ज्यादा उछलने की संभावना है. ऐसे में सभी घरों से निकलने से बच रहे हैं और घर में ही गर्मी से बचाव के लिए कूलर-पंखे का सहारा ले रहे हैं. पर तीखी गर्मी के कारण कूलर भी कुछ समय के बाद कूलिंग करना कम कर देते हैं. ऐसे में अगर आप  किफायती एयरकंडीशनर (AC) लेने का मन बना रहे हैं जिसकी कीमत 20 हजार रुपये तक हो तो आइये जानते है आपके बजट के अनुरूप एयरकंडीशनर के बारे में...

मोदी सरकार के खिलाफ आज ऑनलाइन आंदोलन करेगी कांग्रेस पार्टी,  50 लाख कार्यकर्ता रखेंगे अपनी बात 

फ्लिपकार्ट द्वारा MarQ (1 टन) 2 Star Split AC:  
यह फ्लिपकार्ट कंपनी का प्रोडक्ट है, अगर कमरे का साइज़ 90 sq ft है तो MarQ (1 टन) 2 स्टार स्प्लिट एसी आपके लिए उपयुक्त है और इसमें ऑटो रीस्टार्ट, स्लीप मोड जैसे फीचर्स भी मिलते हैं. टर्बो मोड के साथ तुरंत और तेजी से ठंडा करने में भी ये एयरकंडीशनर सक्षम है. इसके अलावा इस AC पर नो कॉस्ट EMI की भी सुविधा दी जा रही है. इस AC को Flipkart से ख़रीदा जा सकता है. 

Voltas 0.8 Ton 3 Star Split AC: 
वोल्टास का यह एसी 4 stages of filtration and 3D airflow के साथ आपके पूरे कमरे में समान रूप से ठंडी हवा प्रदान करके बेहतर प्रदर्शन करता है. आपको बता दे की Voltas, टाटा का ही ब्रांड है. यह 3 स्टार BEE रेटिंग के साथ आता है. साथ ही इसमें ऑटो रीस्टार्ट, स्लीप मोड जैसे फीचर्स भी आपको मिलते हैं. इसके अलावा इस AC पर नो कॉस्ट EMI की भी सुविधा दी जा रही है. यह एयरकंडीशनर Easy maintenance के साथ आपके बजट के अनुरूप सर्वश्रेष्ठ में से एक है. 

Blue Star 0.75 Ton 3 Star Window AC:
3 स्टार रेटिंग वाला यह AC ऑटो रीस्टार्ट फीचर के साथ आता है और इसके साथ ही आपको  Product पर एक साल और कंप्रेसर पर 5 साल की वारंटी BLUE STAR कंपनी की तरफ से मिलती है, आपको इसमें (2) White एंड Milky White Colour  ऑप्शन भी मिल जायेंगे अगर आपके पास Window AC लगाने की पर्याप्त जगह और सुविधा है तो Blue Star का 0.75 Ton 3 Star Window AC आपके लिए बेस्ट ऑप्शन साबित हो सकता है, इसके अलावा इस AC पर नो कॉस्ट EMI की भी सुविधा दी जा रही है. इसे भी Flipkart से खरीदा जा सकता है. 

VIDEO: कोरोना संकट में CM के संवेदनशील फैसले, गहलोत ने दी अनुकंपा नियुक्ति के लिए शिथिलता  

Lloyd LW12B32EW 1 Ton 3 Star Window AC:
3 स्टार रेटिंग के साथ आपको इसमें एंटी बैक्टीरिया फ़िल्टर (Anti Bacteria Filter) भी मिल जाता है और साथ ही ऑटो एयर स्विंग, ऑटो रिस्टार्ट जैसे फीचर्स भी इसमें उपलब्ध है. इस 1 Ton 3 Star Window AC में आपको एक साल और कंप्रेसर पर 5 साल की वारंटी भी मिलती है.

VIDEO: कोरोना संकट में CM के संवेदनशील फैसले, गहलोत ने दी अनुकंपा नियुक्ति के लिए शिथिलता

जयपुर: कोरोना संकट की घड़ी में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने संवेदनशीलता से फैसला करते हुए मृतक राज्य कर्मचारियों के आश्रितों के लिए नियमों में शिथिलता दी है. इससे इन मृतक राज्य कर्मचारियों के आश्रित परिवारों को बड़ा संबल मिलेगा. 

मोदी सरकार के खिलाफ आज ऑनलाइन आंदोलन करेगी कांग्रेस पार्टी, 50 लाख कार्यकर्ता रखेंगे अपनी बात 

आवेदकों के लिए नियुक्ति की राह आसान की: 
मुख्यमंत्री गहलोत ने मृतक आश्रितों को नौकरी के लिए लंबित प्रकरणों में मानवीय आधार पर निर्णय लेते हुए आवेदकों के लिए नियुक्ति की राह आसान की है. CM गहलोत ने महत्वपूर्ण फ़ाइल पर मुहर लगाते हुए 71 आश्रितों को नियुक्ति देने के लिए अनुकंपा नियुक्ति नियमों में शिथिलता दी है. गहलोत ने आयु सीमा, देरी से आवेदन करने, प्रशासनिक विभाग में पद रिक्त नहीं होने पर अन्य विभाग में नियुक्ति चाहने सहित अन्य कारणों से लंबित प्रकरणों में मानवीय आधार पर निर्णय लेते हुए आवेदकों के लिए नियुक्ति की राह आसान की है. 

2208 आश्रितों को अनुकंपा नियुक्तियां प्रदान की जा चुकी: 
मृतक आश्रितों को नौकरी देने के मामले में गहलोत सरकार ने बीते करीब डेढ़ साल में कई अहम फैसले किये. अब तक 72 विभागों में मृतक राज्य कर्मचारियों के 2208 आश्रितों को अनुकंपा नियुक्तियां प्रदान की जा चुकी हैं. इनमें प्रमुख रूप से माध्यमिक शिक्षा में 749, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में 252, पुलिस में 177, जलदाय विभाग में 116, वन विभाग में 106, पशुपालन विभाग में 80, सार्वजनिक निर्माण विभाग में 78 तथा जल संसाधन विभाग में 68 नियुक्तियां दी जा चुकी हैं. 

भारत-चीन के बीच सीमा विवाद पर बोले ट्रंप, कहा- अमेरिका मध्यस्थता करने के लिए तैयार

मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए आवेदकों को शिथिलता दी:
मुख्यमंत्री गहलोत डेढ़ साल में अनुकम्पा नियुक्ति के विभिन्न कारणों से लंबित 489 प्रकरणों में सहानुभूतिपूर्वक विचार कर शिथिलता प्रदान कर चुके हैं. मृतक कर्मचारियों की पुत्रवधु को नौकरी देने में भी गहलोत ने अहम फैसला किया है. न्यूनतम एवं अधिकतम आयु सीमा के दायरे में आने, देरी से आवेदन करने, नियमों की जानकारी नहीं होने, प्रथम आवेदक के नियुक्ति आदेश जारी होने के बाद दूसरे आवेदक को नियुक्ति प्रदान करने, अनुकंपा नियमों के तहत परिवार की परिभाषा में पुत्रवधू के पात्र नहीं होने आदि ऐसे मामले हैं जिनमें मुख्यमंत्री ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए आवेदकों को शिथिलता दी. अब तक चार प्रकरण ऐसे हैं जिनमें सीएम गहलोत ने अनुकंपात्मक नियुक्ति नियमों के तहत परिवार की परिभाषा में पात्र नहीं होने के बावजूद विषम पारिवारिक परिस्थितियों के आधार पर पुत्रवधू को नियमों में शिथिलता देते हुए नियुक्ति देना मंजूर किया है. कोरोना संकट के बीच CM गहलोत के इन फैसलों ने कई परिवारों को आर्थिक व सामाजिक संबल दिया है. 

मोदी सरकार के खिलाफ आज ऑनलाइन आंदोलन करेगी कांग्रेस पार्टी, 50 लाख कार्यकर्ता रखेंगे अपनी बात

मोदी सरकार के खिलाफ आज ऑनलाइन आंदोलन करेगी कांग्रेस पार्टी,  50 लाख कार्यकर्ता रखेंगे अपनी बात

नई दिल्ली: कांग्रेस ने नरेंद्र मोदी सरकार को घेरने की वर्चुअल रणनीति बनाई है.  प्रवासी श्रमिकों, किसान और छोटे दुकानदारों के लिए राहत पैकेज की मांग को लेकर कांग्रेस पार्टी आज ऑनलाइन आंदोलन करेगी. 

भारत-चीन के बीच सीमा विवाद पर बोले ट्रंप, कहा- अमेरिका मध्यस्थता करने के लिए तैयार

दस हजार रुपए की तत्काल मदद पहुंचाने की मांग: 
कांग्रेस लॉकडाउन की मार झेल रहे मजदूरों, किसानों, असंगठित कर्मचारियों और छोटे दुकानदारों के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार को घेरने जा रही है. कांग्रेस आज 11 से 2 बजे के बीच भी लोग इनकम टैक्स की परिधि के बाहर हैं उन सभी परिवारों के खाते में केंद्र सरकार की ओर से दस हजार रुपए की तत्काल मदद पहुंचाने की मांग को लेकर बड़े पैमाने पर ऑनलाइन अभियान चलाएगी. 

सभी कार्यकर्ताओं को इस अभियान में शामिल होना अनिवार्य:
ऑनलाइन अभियान को लेकर कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने चिट्ठी और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए निर्देश दिया किया सभी कार्यकर्ताओं को इस अभियान में शामिल होना अनिवार्य है. पार्टी ने फेसबुक, ट्विटर, यू ट्यूब, इंस्टाग्राम जैसे प्रचलित सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर एकसाथ 50 लाख कांग्रेस कार्यकर्ताओं को ऑनलाइन जुटाने का लक्ष्य रखा है. 

नक्शा विवाद पर एक कदम पीछे हटा नेपाल, संविधान संशोधन की कार्यवाही से प्रस्ताव को हटाया

कांग्रेस ने लॉकडाउन के दौरान सोशल मीडिया का बखूबी इस्तेमाल किया: 
इससे पहले भी कांग्रेस पार्टी ने लॉकडाउन के दौरान सोशल मीडिया का बखूबी इस्तेमाल किया है. दो बार कांग्रेस वर्किंग कमेटी और एक बार विपक्षी दलों की बैठक ऑनलाइन हो चुकी है. राहुल गांधी भी अब तक चार बार ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुके हैं. यूपी के लिए बने ऐसे ही एक वॉट्सऐप ग्रुप की निगरानी प्रियंका गांधी खुद करती हैं.

Open Covid-19