राजनीति में भारी पड़ती है 'सिक्कों की खनक'!

Naresh Sharma Published Date 2018/11/09 04:08

जयपुर। सिक्के की खनक में बड़ी चमक होती है और जब बात चुनाव की हो तो बिना खनक के कुछ नहीं होता। इतिहास गवाह है कि राजनीति उसी को रास आती है जिस पर लक्ष्मी मेहरबान हो और दबंग साथ हो। जी हां पैसा बोलता है और यही कारण है कि राजस्थान के 141 विधायक आधिकारिक रूप से करोड़पति हैं। खास रिपोर्ट...

....कि पैसा बोलता है
—राजनीति में भारी पड़ती है सिक्कों की खनक
—पैसों वालों को ही पार्टियां देती है टिकट
—और जनता भी उन पर ही होती है मेहरबान
—मौजूदा विधानसभा में 141 विधायक हैं करोड़पति
—2008 में 90 करोड़पति चुनाव जीत बने थे विधायक
—2013 में भाजपा के 150 उम्मीदवार करोड़पति थे
—2008 में भाजपा के करोड़पति उम्मीदवार 76 थे
—2013 में कांग्रेस ने 139 करोड़ उम्मीदवार मैदान में उतारे
—2008 में कांग्रेस के करोड़पति उम्मीदवार 90 थे
—2013 में बसपा ने 35 करोड़पतियां को दिए थे टिकट
—2008 में बसपा ने 30 करोड़पति को दिए थे टिकट

भारतीय राजनीति की विशेषता ये है कि गरीब जनता के रहनुमाओं की संपत्ति में साल दर साल इजाफा हो रहा है। ज्यादातर मतदाता गरीब हैं, लेकिन उनके रहनुमा अमीर है। राजस्थान में चुनाव होने हैं और ये जानना जरूरी है कि वहां माननीयों की माली हैसियत क्या है। करोड़पति विधायकों की बात करें तो 2008 में ये 46 प्रतिशत थे यानी कुल 90 विधायक। 2013 में बढ़कर 73 प्रतिशत हो गए यानी 141 विधायक मालदार है। वर्ष 2008 में विधायकों की औसत संपत्ति 2 करोड़ 8 लाख 56474 रुपए थी, जो वर्ष 2013 में बढ़कर 5 करोड़ 81 लाख 44654 रुपए पहुंच गई।

अगर विधायकों की औसत संपत्ति की बात करें तो बीजेपी के कुल 162 विधायकों की औसत संपत्ति चार करोड़ से ज्यादा है। वहीं कांग्रेस के 21 विधायकों की औसत संपत्ति 9 करोड़ से ज्यादा है। कुल 88 विधायक ऐसे हैं जिनकी औसत संपत्ति 10 करोड़ से ज्यादा है जबकि 62 विधायकों की औसत संपत्ति 2 करोड़ से ज्यादा है। ये आंकड़ों पिछले चुनाव के बाद हैं। पांच साल बाद इनमें कितना इजाफा हुआ होगा, इसका अंदाजा आप लगा सकते हैं। ये आंकड़े वे है, जो नेताओं ने चुनाव लड़ते समय खुद बताया था, वास्तविक आंकड़ा कुछ अलग हो सकता है। आंकड़े बताते हैं कि  जमींदारा पार्टी की विधायक कामिनी जिंदल सबसे अधिक पैसे वाली विधायक है। भाजपा के 74 फीसद यानि 120 विधायक करोड़पति हैं। कांग्रेस के 21 विधायकों में से 67 फीसद विधायक यानि 14 विधायक करोड़पति हैं। अगर 199 विधायकों की बात करें तो 73 फीसद विधायक यानि कुल 145 विधायक करोड़पति हैं।  

इनकी संपति 198 करोड़ 42 लाख 60 हजार 802 रुपये है। वहीं, दूसरे नंबर पर कांग्रेस विधायक विश्वेन्द्र सिंह है,जिनकी संपति 118 करोड़ 96 लाख 54 हजार 123 रुपये है। तीसरे नंबर पर बीजेपी के प्रेमसिंह बाजौर है। बाजौर की संपति 87 करोड़ 70 लाख 22 हजार 406 रुपये की है। चौथे नंबर पर बीजेपी के ही गोपाल कृष्ण व्यास है। व्यास की संपति 27 करोड़ 88 लाख 7 हजार 215 रुपये है। संपत्ति के मामले में पांचवें नंबर पर कांग्रेस के राजेन्द्र यादव है, जिनकी संपति 27 करोड़ 39 लाख 3 हजार 326 रुपये है।

सबसे अधिक संपत्ति वाले विधायक
—कामिनी जिंदल, गंगानगर, जमींदारा पार्टी - 197 करोड़
—विश्वेंद्र सिंह, डीग-कुम्हेर, कांग्रेस, 118 करोड़ 
—प्रेम सिंह, नीम का थाना - बीजेपी,  87 करोड़ 
—गोपालकृष्ण, बीकानेर वेस्ट, बीजेपी, 27 करोड़
—राजेन्द्र यादव, कोटपुतली, कांग्रेस, 27 करोड़
—अशोक परनामी आदर्श नगर भाजपा 26 करोड़
—रामप्रताप हनुमानगढ़ भाजपा 26 करोड़
—राव राजेंद्र सिंह शाहपुरा 23 करोड़
—नंद किशोर फतेहपुर निर्दलीय 22 करोड़

आंकड़े गवाह है कि मौजूदा में से तीन विधायक ही ऐसे है, जिनकी संपत्ति 10 लाख रुपए से कम है। इनमें शिमला बावरी, धीरज गुजर व सोना देवी का नाम है। सोना देवी ने तो फॉर्म भरते समय  अपनी संपति 61 हजार रुपए ही बताई थी। अब आइये आपको ऐसे आंकड़े दिखाते हैं, जो इस बात के गवाह है कि चुनावी मैदान में वह कूदता है, जिसकी पोटली में दम होता है। राजनीतिक दल भी उनके ही सिर पर टिकट का सेहरा बांधते हैं, जिस पर लक्ष्मी बरसती दिखती है। 

देखिए कैसे

पिछले चुनाव में 2028 उम्मीदवार मैदान में थे और इनमें से 506 उम्मीदवार ऐसे थे, जिनके पास एक करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति थी। तीन उम्मीदवार ऐसे थे जिनकी संपति 100 करोड़ से ज्यादा थे। 26 उम्मीदवार 20 करोड़ से अधिक संपति वाले तथा 56 उम्मीदवार 10 करोड़ से अधिक संपति वाले थे।

—कुल 2028 उम्मीदवार थे 2013 के चुनावी मैदान में
—506 उम्मीदवार एक करोड़ से ज्यादा संपत्ति वाले
—तीन उम्मीदवार के पास थी 100 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति
—26 उम्मीदवार 20 करोड़ से ज्यादा वाले थे
—56 उम्मीदवार 10 करोड़ से ज्यादा संपत्ति वाले
—भाजपा के 115 विधायक करोड़पति
—कांग्रेस के 25 में से 16 विधायक करोड़पति
—सात निर्दलीय में से चार करोड़पति
—NPEPT के चारों विधायक करोड़पति
—जमींदारा की दो में से एक विधायक करोड़पति
—बसपा के दो में से विधायक है करोड़पति

अब बात मंत्रियों की भी कर लेते हैं। डॉ रामप्रताप की संपत्ति मंत्रियों में सबसे ज्यादा हैं। चुनाव के समय इन्होंने अपनी संपति 26 करोड़ रुपए बताई थी। चुरू के राजेंद्र राठौड़ 20 करोड़ के साथ दूसरे स्थान पर हैं। वहीं नदबई से जीतकर आई कृष्णेंद्र कौर दीपा व लोहावट के गजेंद्र सिंह खींवसर क्रमश: तीसरे व चौथे नंबर पर हैं। ताजा संपत्ति के बारे में तो तब खुलासा होगा, जब ये फिर से नामांकन दाखिल करेंगे। परिवहन मंत्री यूनुस खान की संपत्ति कागजातों में एक करोड़ ही थी, जबकि अनिता भदेल खुद को करोड़पति भी नहीं मानती। इस बीच रोचक पहलू यह भी है कि जनता से सबसे धनी उम्मीदवार को हार का रास्ता भी दिखा दिया था। जमींदारा पार्टी की बिमला देवी की कुल संपत्ति दो हजार सात सौ बासठ करोड़ से अधिक थी, लेकिन इसके बावजूद वे चुनाव हार गई। 65 करेाड़ से अधिक संपत्ति वाले उदयलाल आंजना व 60 करोड़ से अधिक संपत्ति वाले सीकर के वाहिद चौहान भी चुनाव नहीं जीत सके।

उम्मीदवार--------------------स्थान------------संपत्ति------------- पार्टी
बिमला देवी------------------संगरिया--------2762 करोड़-------जमींदारा
मीठा लाल--------------------बेंगू-------------87 करोड़-----------BYS 
उदयलाल आंजना-----------निंबाहेडा-------65 करोड़----------कांग्रेस 
वाहिद चौहान----------------सीकर----------61 करोड़-----------NCP 
रामपाल---------------------भीलवाड़ा-------34 करोड़-----------कांग्रेस
हाजी दाउद-----------------भादरा-----------31 करोड़-----------निर्दलीय
 

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