गुजरात में नाइट कर्फ्यू के दौरान मरीज को नहीं मिली गाड़ी, इलाज से पहले हुई मौत

गुजरात में नाइट कर्फ्यू के दौरान मरीज को नहीं मिली गाड़ी, इलाज से पहले हुई मौत

गुजरात में नाइट कर्फ्यू के दौरान मरीज को नहीं मिली गाड़ी, इलाज से पहले हुई मौत

सूरत: देश के कई राज्यों में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए कर्फ्यू लगाया गया है. वो इसलिए ताकि लोगों को इस माहामारी से बचाया जा सके. किंतु जब किस्मत खराब हो तो मौत कैसे भी आ जाती है. ऐसे में गुजरात के सूरत में नाइट कर्फ्यू के दौरान अस्पताल ले जाने के लिए गाड़ी नही मिलने से एक बच्ची की मौत हो गई.

घर से डेढ़ किलोमीटर दूर पर स्थित था अस्पताल:
सूरत शहर के पांडेसरा इलाके में रहने वाली एक 5 वर्षीय बच्ची की समय पर इलाज न मिल पाने के चलते मौत हो गई. गुरुवार रात को अचानक बच्ची को उल्टी-दस्त होने लगे. बच्ची के पिता घर पर नहीं थे और नाइट कर्फ्यू के चलते मां को कोई वाहन नहीं मिला. इसके चलते वह बच्ची को गोद में लेकर अस्पताल की ओर चल दी. अस्पताल घर से करीब डेढ़ किमी दूर था. लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले बच्ची दम तोड़ चुकी थी.

बच्ची को गोद में लेकर पैदल जा रही थी अस्पताल:
मेहनत-मजदूरी कर घर का गुजर-बसर करने वाले इस परिवार के पास मोबाइल फोन तक नही है. वहीं बच्ची का पिता बाहर मजदूरी करने गया था. उल्टी-दस्त के बाद बच्ची की हालत बिगड़ने पर उसकी मां घबरा गई थी. इसके बाद वो बच्ची को खुद गोद में लेकर अस्पताल के लिए पैदल ही निकल गई.

कर्फ्यू के चलते कोई व्यक्ति या वाहन नही दिखा सड़क पर:
बच्ची की मां रेखा ने बताया कि शाम तक बच्ची पूरी तरह ठीक थी. लेकिन रात के करीब 8 बजे उसे उल्टी-दस्त होने लगे. कुछ देर बाद बच्ची को तेज बुखार आ गया. बच्ची का बुखार तेज होता जा रहा था. इसके चलते मैं घबरा गई थी. मैंने घर के बाहर देखा तो मुझे कर्फ्यू के चलते कोई व्यक्ति या वाहन दिखाई नहीं दिया था. मोबाइल भी नहीं था कि मैं अपने पति को इस संबंध में कुछ जानकारी दे पाती.

 

चार महानगरों में 10 बजे से और सूरत में 9 बजे से है नाइट कर्फ्यू:
बता दें, गुजरात के चार महानगरों (अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत और राजकोट) में दिवाली के बाद से ही नाइट कर्फ्यू (रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक) लगा हुआ है। वहीं, सूरत में कोरोना के मामले बढ़ने के चलते यहां कर्फ्यू का टाइम रात 9 से सुबह 6 बजे तक का है.

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