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VIDEO: पवन बंसल बने कांग्रेस के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष, अहमद पटेल के निधन से खाली हुई जगह को संभालेंगे

जयपुर: दुनिया के सबसे बड़े सार्वजनिक मंत्रालय को संभाल चुके पवन कुमार बंसल को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का कोषाध्यक्ष बनाया गया है. कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्षा सोनिया गांधी ने उनके नाम का ऐलान किया. अहमद पटेल के निधन के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि आखिर कौन संभालेगा उनके स्थान को. कांग्रेस आलाकमान ने सबको अचंभित करते हुए बंसल को यह जिम्मा सौंपा है. मनमोहन सरकार में पवन बंसल देश के रेल मंत्री रह चुके हैं गांधी परिवार के भरोसेमंद और वफादार माने जाते हैं. चंडीगढ़ से सांसद रह चुके बंसल पर्दे के पीछे रहकर काम करने में यकीन रखते हैं.

बंसल को माना जाता है गांधी परिवार के विश्वस्त नेताओं में: 
पवन कुमार बंसल को आखिर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का कोषाध्यक्ष क्यों बनाया गया. यह बड़ा सवाल है जो सियासी हलकों में घूम रहा है, लेकिन जो गांधी परिवार को जानते हैं वह कांग्रेस की इस तरह की पॉलिटिक्स को भलीभांति समझते भी है कि कैसे गांधी परिवार अचंभित करने वाले निर्णय लेता रहा है. बंसल को गांधी परिवार के विश्वस्त नेताओं में माना जाता है. केंद्रीय मंत्री रहते हुए एक बार जरूर उन पर लांछन लगा, लेकिन गांधी परिवार का उनके प्रति विश्वास कभी कम नहीं हुआ ना ही प्रश्नचिन्ह लगा. कोषाध्यक्ष पद को लेकर उनकी काबिलियत यूं परखी गई कि पवन कुमार बंसल मनमोहन सरकार के पहले कार्यकाल में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री का पद संभाल चुके हैं ,गुणा भाग कि उनको बखूबी जानकारी है फिलहाल वे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय का प्रशासनिक कामकाज देख रहे थे. अब अतिरिक्त जिम्मेदारी के तौर पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष पद संभालेंगे.

बंसल के लिए यह पद किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं:
मरहूम दिग्गज नेता अहमद पटेल के स्थान पर बड़ी जिम्मेदारी पवन कुमार बंसल को उठानी है. कांग्रेस के फंडरेजर के तौर पर उन्हें काम करना होगा. मनमोहन सरकार की दोनों कार्यकाल में कई महकमों को संभाल चुके पवन कुमार बंसल के लिए यह पद किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है. पूरे देश में छत्तीसगढ़ और राजस्थान जैसे बड़े राज्यों में ही कांग्रेस का राज है, दूसरी और बंगाल का चुनाव सामने है ,इसके बाद दक्षिण भारत के राज्य में चुनाव होने है. इन तमाम चुनाव को लेकर फंड मैनेजमेंट का बड़ा दायित्व पवन कुमार बंसल को उठाना होगा. ऐसा कहा जा रहा है कि उनके नाम को लेकर काफी चर्चा हुई. कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री केसी वेणुगोपाल ने उनके नाम को लेकर रजामंदी जताई , साथ ही कांग्रेस के थिंक टैंक के प्रमुख नेताओं ने भी बंसल के नाम पर सहमति दी इसके बाद ही सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने और कुमार बंसल के नाम को आगे किया.

राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष पद को लेकर कई नाम थे चर्चाओं में:
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष पद को लेकर कई नाम चर्चाओं में थे, लेकिन कांग्रेस आलाकमान ने पवन कुमार बंसल पर भरोसा जताया  बंसल का ताल्लुक वैश्य समुदाय से है और देश के नामचीन औद्योगिक घरानों से उनके मधुर संबंध है, केंद्रीय मंत्री पद पर रहते हुए उनकी नजदीकियां प्रमुख औद्योगिक घरानों से रही और समय-समय पर कांग्रेस के फंड को मजबूत करने में उनकी भूमिका भी रही है. अहमद पटेल की तरह बंसल एक बड़ा नाम नहीं है और ना ही अहमद पटेल जैसी राजनीतिक सूझबूझ रखते हैं , ना ही वो कांग्रेस की धुर पहली पंक्ति के नेता कहे जाते रहे है ,इसके बावजूद उन्होंने रेल मंत्रालय संभाला था और लो प्रोफाइल रहकर काम करना उनका शगल रहा है और अपना काम करने में यकीन रखते हैं.

...फर्स्ट इंडिया के लिए योगेश शर्मा की रिपोर्ट

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